गणेश उत्सव को खत्म होने में अभी भी कुछ समय शेष रह गया है। हालांकि, जैसे-जैसे अनंत चौदस का पर्व नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे गणपति विसर्जन का समय भी निकट आ रहा है। वैसे तो कुछ लोग 3 दिन, 5 दिन और 7 दिन के लिए ही घर पर गणपति जी की स्थापना करते हैं। मगर आमतौर पर देखा गया है कि लोग 10 दिन तक श्री गणेश को घर में स्थापित करते हैं और अनंत चौदस के दिन उनका विसर्जन कर देते हैं। 

आपको बता दें कि जिस तरह गणपति स्थापना से जुड़े कई नियम हैं, वैसे ही गणपति विसर्जन से जुड़े भी कुछ नियम-कायदे और विधियां हैं। हालांकि, गणेश जी के विसर्जन में किसी विशेष अनुष्ठान या तैयारियों की आवश्यकता नहीं पड़ती है, मगर कुछ छोटी-छोटी धार्मिक रीतियों को जरूर निभाना चाहिए। 

इस विषय पर हमने भोपाल के पंडित एवं ज्योतिषाचार्य शास्‍त्री विनोद सोनी जी से चर्चा की। इस चर्चा में पंडित जी ने हमें गणेश विसर्जन से जुड़ी कुछ ऐसी आम गलतियों के बारे में बताया, जो अक्सर लोग कर बैठते हैं। पंडित जी कहते हैं, 'श्री गणेश को विसर्जित करना आसान नहीं होता है। यह एक भावनात्मक क्षण होता है। घर से श्री गणेश जी की विदाई आखिर कौन करना चाहेगा। मगर यह तो विधि का विधान है कि जो आता है उसे जाना होता है और फिर से दोबारा आना होता है। इसलिए जब गणपति विसर्जन करें तो इस तरह से श्री गणेश को विदा करें कि वह आप पर और आपके परिवार पर आशीर्वाद की वर्षा कर दें और अगले बरस जरूर लौट कर आएं।'

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शुभ मुहूर्त में ही करें विसर्जन

गणपति विसर्जन के दिन आपको शुभ मुहूर्त में ही श्री गणेश को विसर्जित करना चाहिए। इस वर्ष गणपति विसर्जन के लिए 5 शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। 19 सितंबर को गणपति विसर्जन के लिए सुबह 9:11 से दोपहर 12:20 बजे तक अच्छा मुहूर्त है। इसके बाद दोपहर  1:50 से शाम 3:30 बजे तक भी गणपति विसर्जन किया जा सकता है। आप ब्रह्म मुहूर्त यानि 4:35 से 5:23 बजे तक भी गणपति विसर्जन कर सकते हैं। यदि आप अभिजीत मुहूर्त में विसर्जन करना चाहते हैं, तो सुबह 11:50 से दोपहर 12:40 बजे तक कर सकते हैं। इस दिन शाम 4:30 बजे के बाद गणेश जी को विसर्जित न करें क्योंकि तब तक राहुकाल लग जाएगा।  

विसर्जन से पहले न भूले पूजा करना 

श्री गणेश की प्रतिमा को विसर्जित करने से पूर्व आपको उनकी पूजा जरूर करनी चाहिए। इस दौरान आपको गणपति की सभी प्रिय चीजें उन्हें अर्पित करनी चाहिए और जब विसर्जन का समय आए, तो उन सभी को एक पोटली में बांध दें और गणेश जी के साथ ही विसर्जित कर दें। इस दौरान आप 10 दिनों में सेवा में हुई भूल-चूक के लिए श्री गणेश जी से क्षमा मांग लें। 

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गणेश जी के साथ विसर्जित करें ये चीजें 

गणेश जी को विसर्जित करते वक्त आपको उनके साथ वह सभी चीजें विसर्जित करनी चाहिए, जो उन्हें अति प्रिय हैं। पंडित जी बताते हैं, 'सुपारी, पान, मोदक, दूर्वा घास और नारियल को गणेश जी के साथ ही विसर्जित कर देना चाहिए। बहुत सारे लोग कलश पर रखा हुआ नारियल फोड़ देते हैं, मगर ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि यह नारियल 10 दिनों में सारी नकारात्मक ऊर्जा को अपने में समाहित कर लेता है इसलिए इसे गणपति के साथ ही विसर्जित कर देना चाहिए। '

इस तरह करें विसर्जन 

वैसे तो किसी भी पवित्र नदी में गणपति विसर्जन को श्रेष्ठ माना गया है, मगर सब के लिए ऐसा कर पाना संभव नहीं है। ऐसे में अगर आप घर पर ही गणपति जी का विसर्जन कर रहे हैं, तो आपको तांबे, लोहे या फिर स्‍टील के एक बड़े बर्तन में साफ पानी भरना चाहिए और उसमें गंगा जल मिक्स कर लेना चाहिए। इसके बाद आप श्री गणेश का विसर्जन कर सकते हैं। श्री गणेश का विसर्जन करते वक्त प्रतिमा को आहिस्‍ता-आहिस्‍ता पानी में प्रवेश कराएं। इस दौरान आप श्री गणेश के मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं। 

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विसर्जन के बाद न भूलें ये काम 

घर पर जब आप प्रतिमा का विसर्जन कर लें, तो मिट्टी के पानी में घुल जाने के बाद आपको वह पानी घर पर रखें गमलों में डाल देना चाहिए। इस तरह से श्री गणेश किसी न किसी स्वरूप में साल भर आपके साथ आपके घर में ही रहते हैं। इस पानी को अगर आप किसी नहर या नदी में प्रवाहित करना चाहते हैं, तो ध्‍यान रखें कि वह नहर और नदी किस नाले से न जुड़ रही हो। 

गणपति विसर्जन से जुड़ी इन बातों का विशेष ध्‍यान रखें और इस आर्टिकल को शेयर एवं लाइक जरूर करें। यदि आप और भी धर्म से जुड़े आर्टिकल पढ़ना चाहती हैं, तो हरजिंदगी से जुड़ी रहें। 

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