कोलकाता लॉ कॉलेज में स्टूडेंट के साथ हुआ गैंगरेप, RG Kar मेडिकल कॉलेज हादसे के बाद भी नहीं बदला कुछ.. निर्भया, दामिनी के बाद अब देंगे कितने नाम?

कोलकाता में लॉ स्टूडेंट के साथ कैंपस में दरिंदगी का मामला सामने आया है। इस मामले ने 1 साल पहले आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुई घटना को एक बार फिर सामने लाकर खड़ा कर दिया है। ऐसे मामलों को हर बीतते दिन के साथ देखने पर एक ही सवाल दिल और दिमाग में आता है कि आखिर कब यह  दरिंदगी खत्म होगी और कब हम सुधार की तरफ बढ़ेंगे। 
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निर्भया, दामिनी, अमानत, अभया...और न जाने कितने नाम हम देंगे। क्या कभी कुछ बदलेगा या यूं ही नामों की गिनती बढ़ती जाएगी। क्योंकि, हर बीतते दिन के साथ शहर, गांव, कस्बे और पीड़िता का नाम ही बदलता है। लेकिन, हैवानियत और दरिंदगी वही रहती है। लगभग एक साल पहले कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक ट्रेनी डॉक्टर और मेडिकल स्टूडेंट के साथ हैवानियत की सीमा पार की गई थी, जिसकी वजह से उसकी मौत भी हो गई थी। वहीं, अब कोलकाता की एक लॉ स्टूडेंट के साथ कैंपस में गैंगरेप की खबर सामने आई है।

कोलकाता में लॉ स्टूडेंट के साथ गैंगरेप

साल 2024 के अगस्त महीने में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में स्टूडेंट के साथ गैंगरेप की घटना हुई थी, जिसके बाद सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक, पर मोर्चै निकाले गए थे और विरोध प्रदर्शन हुआ था। लेकिन, एक साल बाद हम फिर कोलकाता की एक स्टूडेंट के साथ हुई दरिंदगी के बारे में बात कर रहे हैं। बस फर्क तारीख और नाम का है। आइए, यहां जानते हैं पूरा मामला।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 25 जून को साउथ कोलकाता के एक लॉ कॉलेज के कैंपस में कथित तौर पर स्टूडेंट के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। जहां पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने तीन लोगों को अरेस्ट किया है, जिसमें कॉलेज का एक छात्र, एक पूर्व छात्र और स्टाफ के शामिल होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस मामले की जांच चल रही है।

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कॉलेज कैंपस के सिक्योरिटी रूम में गैंगरेप

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया है कि दोपहर 12 बजे वह एग्जाम से जुड़े फॉर्म भरने के लिए कॉलेज पहुंची थी। जहां वह पहले यूनियन रूम में बैठी थी। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि मुख्य आरोपी के निर्देश के बाद कॉलेज का मेन गेट बंद कर दिया गया था और कैंपस के सिक्योरिटी रूप में उसके साथ दरिंदगी को अंजाम दिया गया। रिपोर्ट्स की मानें तो, पीड़िता ने शिकायत में बताया है कि उसे पहले यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया और उसने जब मना किया, तो धक्का मार दिया गया। इन सब में उसे पैनिक अटैक भी आ गया और सांस लेने में परेशानी होने लगी। पीड़िता ने आरोपियों से मदद मांगी और अस्पताल ले जाने के लिए भी कहा। लेकिन, उन्होंने मदद नहीं की, फिर पीड़िता ने कम से कम इनहेलर देने के लिए कहा। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि उसे इनहेलर दे दिया गया और दवाई लेने के बाद वह जैसे ही बेहतर महसूस करने लगी वहां से निकलने की कोशिश की। लेकिन, कॉलेज का मेन गेट बंद करवा दिया गया था।

पीड़िता के मुताबिक, आरोपी उसे जबरदस्ती यूनियन रूम में ले गए। जहां उसने मुख्य आरोपी से जाने देने के लिए कहा और उसके पैर भी छुए। लेकिन, उसे जाने नहीं दिया गया और सिक्योरिटी रूम में कपड़े उतारकर जबरदस्ती रेप किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया है कि तीन आरोपियों में से एक ने उसके साथ बलात्कार किया और बाकी दो लोगों ने उसकी मदद की। इतना ही नहीं, पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसके रेप का वीडियो भी बनाया गया और धमकी दी कि अगर सहयोग नहीं किया तो सबको दिखा देंगे। साथ ही पीड़िता के बॉयफ्रेंड को जान से मारने और माता-पिता को अरेस्ट करने की धमकी भी दी।

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पीड़िता का यह भी कहना है कि जब मुख्य आरोपी रेप कर रहा था, तो बाकी दो लोगों ने सबकुछ खड़े होकर देखा। इन सबमें उसे सिर पर चोट भी आई। इतना ही नहीं, जब वह बचकर बाहर निकलने की कोशिश कर रही थी, तो उसे हॉकी स्टिक से मारने की कोशिश भी की गई। पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है और प्रारंभिक मेडिकल टेस्ट के बाद सभी के बयान दर्ज भी कर लिए हैं।

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क्या कभी कुछ बदलेगा?

दिन, हफ्ते, महीने और सालों से महिलाओं के खिलाफ अपराध और दरिंदगी के मामलों को हम देखते और सुनते आ रहे हैं। कभी पीड़िता लॉ स्टूडेंट होती है, कभी मेडिकल स्टूडेंट, कभी 60 साल की बुजुर्ग तो कभी 3-4 साल की मासूम। हर दिन और हर मामले के साथ पीड़िता के नाम बदलते जाते हैं, कभी दामिनी तो कभी निर्भया। यह लिखते हुए मन में सिर्फ एक ही सवाल किसी घंटी की तरह गूंज रहा है कि आखिर कब हमारे समाज में महिलाएं सुरक्षित महसूस कर पाएंगी? क्या ऐसी कोई जगह है जहां जाकर बेटियां कह पाएं मैं यहां सुरक्षित हूं? लेकिन, अफसोस है कि इन सवालों का जवाब दूर-दूर तक नजर नहीं आता है।

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Image Credit: Freepik and Herzindagi

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