कहते हैं कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, लेकिन बदलते दौर में बच्चों का सोशल कनेक्शन लगभग खत्म होता जा रहा है। आज के समय में बच्चे सिर्फ इंटरनेट या सोशल साइट्स पर ही एक्टिव रहते हैं। डिजिटल दुनिया में भले ही उनके हजारों दोस्त हों, लेकिन वास्तविक दुनिया में उनका कोई दोस्त नहीं होता। आपको शायद अहसास न हो लेकिन बच्चों के समग्र विकास के लिए उनका सोशली एक्टिव होना भी बेहद जरूरी है और यह सिर्फ सोशल साइट्स की मदद से संभव नहीं है। जब बच्चे ग्रुप में अपने दोस्तों के साथ होते हैं तो वह कई नई चीजों व स्किल्स को सीखते हैं, जिन्हें अकेले सीख पाना संभव ही नहीं है। अगर आप भी बच्चों का समग्र विकास करना चाहती हैं तो उन्हें सोशली एक्टिव बनाने की दिशा में भी कदम उठाएं। तो चलिए आज हम आपको ऐसे कुछ आसान तरीके बता रहे हैं, जिनकी मदद से आप उन्हें सोशली एक्टिव बना सकती हैं-

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सीमित करें स्क्रीन टाइम

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बच्चों को सोशली एक्टिव बनाने का सबसे प्रभावी तरीका है कि आप सबसे पहले उनका स्क्रीन टाइम सीमित करें। दरअसल, जब बच्चे अपना अधिकतर समय टीवी या फोन पर बिताते हैं तो उन्हें बाहर निकलने या दूसरों से इंटरेक्ट करने की जरूरत ही महसूस नहीं होती और इसलिए उनके सोशल स्किल्स डेवलप ही नहीं हो पाते।

करवाएं दोस्ती

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कुछ बच्चे स्वभाव से शर्मीले होते हैं और इसलिए वह जल्दी से किसी के आगे दोस्ती का हाथ नहीं बढ़ाते। इसमें आप उनकी मदद कर सकती हैं। आप बच्चे की दोस्ती दूसरे बच्चों से करवाने के लिए एक छोटा सा गेट टू गेदर कर सकती हैं, जिसमें आप पड़ोस के बच्चों को बुलाएं या फिर आप उन्हें पार्क में लेकर जाएं और दूसरे बच्चों के साथ खेलने के लिए प्रेरित करें। इस तरह धीरे-धीरे बच्चे का एक ग्रुप बन जाएगा और वह सोशली एक्टिव होने लगेगा।

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सिखाएं एक्सप्रेस करना

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बच्चों के सोशल स्किल्स को डेवलप करने के लिए उन्हें खुद को एक्सप्रेस करना व बेहतर तरीके से कम्युनिकेट करना सिखाएं। कुछ बच्चे दूसरों के साथ कम्युनिकेट करने में घबराते हैं और इसलिए वह कभी भी खुद को सोशली एक्टिव नहीं बना पाते। उनमें यह स्किल्स डेवलप करने के लिए आपको ही थोड़ी मेहनत करनी होगी। सबसे पहले तो आप जब भी बच्चे से बात करें तो उसकी आंखों में देखकर करें, इससे वह मन के भावों को बेहतर तरीके से समझ पाएगा। साथ ही आप उसके साथ ऐसे गेम्स खेलें, जिसमें वह दूसरों के इमोशंस को समझना व खुद को एक्सप्रेस करना सीखे। इसके अतिरिक्त उसे प्लीज व थैंक यू जैसे शब्दों का प्रयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित करें।