शादी का सपना तो हर लड़की बालपन से ही देखने लगती है। हर लड़की का शादी को लेकर अलग ही ख्वाब होता है। मगर, हर लड़की अपने इस ख्वाब को पूरा नहीं कर पाती। खासतौर पर अगर वह समलैंगिक संबंध में है तो उसका अपने मनपसंद साथी से शादी करने का सपना, सपना ही रह जाता है। अगर आपने हालही में आई फिल्म ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ देखी है तो आप अंदाज लगा सकते होंगे कि यह कितना मुश्किल है। अपने साथी को जीवनसाथी बनाने के लिए इन समलैंगिक महिलाओं को कितने प्रयास करने होते हैं। कुछ ऐसा ही मामला उत्तरप्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में सामने आया। यहां दो लड़कियों ने शादी कर ली है। वाराणसी का यह पहला मामला है। वहां के लोग इसकी बहुत आलोचना कर रहे हैं। मगर, दोनों ही लड़कियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता वह केवल इसलिए खुश है कि उनका सपना पूरा हो गया है। 

इसे जरूर पढ़ें:नुसरत जहां का सिंदूर और मंगलसूत्र कुछ लोगों को क्यों खटक रहा है, जानिए

दरअसल, भारत में समलैंगिक संबंधों को लेकर अलग-अलग लोगों के अलग-अलग विचार हैं। ज्यादातर लोगों को यह संबंध समझ नहीं आते। जिन्हें आते हैं वह या तो इन्हें सपोर्ट करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते या फिर उनकी आलोचना की जाती है। कुछ ऐसा ही हुआ वाराणसी की दो मौसेरी बहनों के साथ। दोनों ही समलैंगिक हैं। बालपन के साथ और गहरी दोस्ती के बाद दोनों के बीच प्रेम पनपने लगा और दोनों ने तय किया कि वह जीवनभर साथ रहेंगी। जो रिश्ता उन्हें कुदरत ने दिया था वह उसमें असहज थीं और इसे बदलना चाहती थीं। दोनों ने तय किया कि वह शादी करेंगी। परिवार वालों ने जब उनकी बात समझने और उनका साथ देने से इंकार कर दिया तो दोनों ने ही हिम्मत दिखाई और मंदिर पहुंच गईं। 

इसे जरूर पढ़ें:शादी में मिले रहे महंगे गिफ्ट पर क्या भरना पड़ सकता है टैक्स, एक्सपर्ट से जानिए

Lgbtq Wedding Ideas

मंदिर पहुंच कर पुजारी को शादी के लिए मनाना भी एक तेढ़ी खीर था। पंडित को जब पता चला कि वह दो बहनें हैं और शादी करना चाहती हैं तो उन्होंने तुरंत ही इससे इंकार कर दिया। इसके बाद दोनों ने ही ठान लिया कि जबतक पंडित शादी नहीं करवाएंगे तब तक वह मंदिर की चौखट से हिलेंगी भी नहीं। पंडित ने जब दोनों के बीच इतना प्रेम देखा तो वह भी पिघल गए और पूरे मंत्र और उच्चारण के साथ उन्होंने दोनों का विवाह करा दिया। आपको बता दें कि दोनों लड़कियों में एक लड़की कानपूर और दूसरी रोहानिया की निवासी है। कानपूर वाली लड़की वाराणसी में अपनी मौसी के घर रह कर अपनी पढ़ाई पूरी कर रही थीं।

दोनों ने बुद्धवार को वाराणसी के शिवमंदिर में जा कर शादी कर ली हैं। इस बात को लोगों तक पहुंचाने के लिए दोनों ने ही अपनी शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की। इन तस्वीरों के कारण पूरे वाराणसी में चर्चा शुरूर हो गई। कुछ लोग तो इस शादी की आलोचना करने के लिए मंदिर तक पहूंच गए। वाराणसी के शिव मंदिर के पुजारी को भी इस आलोचना का सामना करना पड़ा। लोगों ने पंडित पर आरोप लगाया कि वह भी गुनेहगार हैं क्योंकि उन्होंने दोनों लड़कियों का विवाह करवाया है। पुजारी ने बाद में मीडिया को पूरी घटना बताई और कहा कि दोनों लड़कियों ने जींस-टीशर्ट और लाल चुनरी ओढ़ कर शादी की है। दोनों ने ही मंदिर में शादी का रजिस्ट्रेशन भी करवाया है। 

वैसे वाराणसी ही नहीं समलैंगिक शादियां भारत के और भी कई शहरों में पहले भी हो चुकी हैं। इस विषय पर कई फिल्मे भी बनी हैं। हालहि में बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम कपूर और सोनम कपूर के पिता अनिल कपूर की लेटेस्ट फिल्म ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ में भी संमलैंगिक संबंधों पर चर्चा की गई हैं। इस फिल्म में सोनम कपूर को एक लड़की से प्रेम हो जाता है। दोनों के रिश्ते को दोनों के घर वाले ही कबूल नहीं करते हैं। ऐसे में दोनों को काफी परेशानियो का सामना करने के बाद एक दूसरे का साथ मिलता है