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भारत में बलात्‍कार की पौराणिक कथाएं, सुन कर आप भी रह जाएंगी हैरान

पुराणों और ग्रंथों के पन्‍ने पलटे जाएं तो पता चल जाता है कि महिलाओं के साथ होने वाले शोषण की दास्‍तां नई नहीं बल्कि काफी पुरानी है। आज हम आपको ऐसी ही ...
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Published -28 May 2018, 15:54 ISTUpdated -28 May 2018, 15:59 IST
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Indian mythological rape stories and hindu women ()

भले ही भारत में आज महिलाएं रसोई की दहलीज पार कर पुरुषों को हर क्षेत्र में चुनौती दे रही हैं मगर महिलाओं से जुड़े क्राइम की गिनती भी देश में लगातार बढ़ती जा रही है। खासतौर पर महिलाओं के साथ बलात्‍कार के मामले आए दिन अखबार की सुर्खियों में छाय रहते हैं। जबकि वर्ष 2012 में हुए निर्भया कांड के बाद देश के सरकार ने कुछ कड़े कदम उठाए और दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। मगर बावजूद इसके देश में आज भी महिलाओं की साथ बलात्‍कार की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। दुर्भाग्‍यपूर्ण बात तो यह है कि बलात्‍कार जैसे संवेदनहीन क्राइम के बाद महिलाओं को अपने साथ हुए हादसे को साबित करने में भी वर्षों लग जाते हैं। गुजरात की बिलकिस बानों का केस ही देख लीजिए । सामूहिक बलात्‍कार की विकटिम बिलकिस बानों को अपने साथ हुए इस घिनौने अपराध को सिद्ध करने में 15 वर्ष लग गए, मगर महिलाओं के साथ हो रहे यह अपराध आधुनिक समाज के कुछ नमूने मात्र हैं। बलात्‍कार, जोर जबरदस्‍ती और सामूहिक अपमान जैसी घिनौनी हरकतें महिलाओं के साथ वर्षों से चली आ रही हैं । पुराणों और ग्रंथों के पन्‍ने पलटे जाएं तो पता चल जाता है कि महिलाओं के साथ होने वाले शोषण की दास्‍तां नई नहीं बल्कि काफी पुरानी है। आज हम आपको ऐसी ही महिलाओं के बारे में बताएंगे जिनका नाम भले समाज में सम्‍मान के साथ लिया जाता है मगर पुरुषों के समाज ने उनका अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी । 

Indian mythological rape stories and hindu women ()

माधवी 

राजा ययाती की पुत्री माधवी की कहानी बहुत कम लोगों को पता है। माधवी को दो वरदान मिले थे। पहला कि वह हमेशा पुत्र को ही जन्‍म देगी और दूसरा कि हर बार बच्‍चे को जन्‍म देने के बाद वह कुंवारी बन जाएगी। यानी माधवी अपनी वर्जि‍निटी कभी नहीं खो सकती थी। मगर यह दो वरदान उसके लिए श्रप की तरह साबित हुए। दरअसल एक दिन राजा ययाती के पास उनके गुरू वश्विामित्र ने अपने शिष्‍य ग्‍लावा को भेजा और राजा से गुरुदक्षिणा मांग कर लाने को कहा। गुरदक्षिणा में विश्‍वामित्र ने राजा को 800 सफेद घोड़ों के काले कान मांगे। राजा ने बहुत कोशिश की कि उसे कहीं से इतने घोड़े मिल जाएं और वो उनके कान गुरू को भिजवा सके मगर ऐसा नहीं हो सका। इसलिए गुरुदक्षिणा में राजा ने अपनी बेटी माधवी को दान क‍र दिया और ग्‍लावा से कहा कि इसका विवाह किसी ऐसे राजा से करवा देना जिसके पास सफेद घोड़े हों। ग्‍लावा माधवी को गुरू विश्‍वामित्र के पास ले गया। मगर ऐसा कोई भी राजा नहीं मिला, जिसके पास 800 घोड़े हों। इसलिए गरू विश्‍वामित्र ने माधवी को 3 अलग-अलग राजाओं के पास संभोग के लिए भेजा। आखिर में जब 200 घोड़े नहीं मिले तो गुरू और ग्‍लावा दोनों ने माधवी से संभोग किया। माधवी की कहानी बताती है कि पौराणिक काल से ही लड़कियों को केवल संभोग की वस्‍तु समझा गया और अपना आन बान शान के लिए उन्‍हें दान किया गया। आज भी हिंदु रीति रिवाज के तहत विवाह में लड़कियों का कन्‍यादान किया जाता है।  

Indian mythological rape stories and hindu women ()

सीता

भारतीय संस्‍कृति में सीता को देवी की तरह पूजा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार सीता त्‍यग, आज्ञाकारी और समर्पण की देवी थी। अपने पति राम से उनका प्रेम ऐसा था कि राजपाठ सब कुछ त्‍याग कर उन्‍होंने पति के साथ वनवास को चुना। मगर रावण द्वारा माता सीता का अपहरण करने पर 14 वर्ष वह उसकी कैद में रही और 14 वर्ष के बाद भगवान राम के साथ अयोध्‍या लौटीं तो प्रजा ने उनके चरित्र पर सवाल उठाने शुरु कर दिए। उन्‍हें एक बार फिर राज पाठ को छोड़कर सन्‍यास का जीवन बिताना पड़ा। यहां तक की जिस वक्‍त माता सीता सन्‍यास पर गईं उस वक्‍त वह गर्भावति थीं। इन सबके बावजूद भी जब माता सीता की पवित्रता पर संदेह किया गया तो उन्‍होंने अग्नि परीक्षा देकर अपने जीवन का ही अंत कर लिया। आज भी ऐसा ही होता है। यदि किसी लड़की के साथ कोई लड़का खराब हरकत करता है तो लड़के को दोषी कम लड़की के चरित्र पर लोग पहले सवाल उठाने लगते हैं। 

Indian mythological rape stories and hindu women ()

द्रोपदी 

महाभारत का जिक्र जब-जब होता है। तब-तब द्रोपदी का नाम लिया जाता है। द्रोपदी के साथ हमेशा धोका हुआ। द्रोपदी करण से प्रेम करती थी मगर करण में इतनी हिम्‍मत नहीं थी को वो सबके आगे द्रोपदी से प्रेम करने की बात का स्‍वीकार कर सके। इसके बाद जब द्रोपदी ने अर्जुन से विवाह किया तो अर्जुन की मां यानी कुंती ने अपने पांचों पुत्र को आदेश दिया कि वो द्रोपदी को आपस में बांट ले। तब द्रोपदी को यह वरदान मिला कि हर बार संभोग के बाद उसे उसकी वर्जिनिटी वापिस मिल जाएगी। इस तरह द्रोपदी के पांच पति हुए। मगर बात जब रक्षा की आई तो पांचों पति मिलकर भी द्रोपदी की रक्षा नहीं कर पाए। दरअसल पांडव जुएं में द्रोपदी को कौरवों से हार गए थे। हार के बाद कौरवों ने द्रोपदी को बालों से पकड़ कर भरी सभा में निवस्‍त्र करना चाहा। इतिहास में यह दृश्‍य चीर हरण के नाम से प्रसिद्ध हुआ। आज के दौर में भले ही किसी महिला के पांच पति नहीं होते मगर आज भी देश के कुद इलाकों में महिलाओं को संभोग के लिए पति खुद दूसरे मर्दों के आगे परोस देता है। 

Indian mythological rape stories and hindu women ()

अहिल्‍या

ऋषि गौतम की पत्‍नी अहिल्‍या की कहानी सभी ने सुनी है। देवी अहिल्‍या वहीं हैं जो पत्‍थर की शिला बन गईं थीं और भगवान राम के पैरों के स्‍पर्श से उन्‍हें वापिस से मानव स्‍वरूप मिला था। मगर इसके पीछे की कहानी बहुत कम लोग जानते हैं। दरअसल देवी अहिल्‍या बेहद सुंदर महिला थीं। देव राज इंद्र उनकी संदरता के कायल थे। वह हमेशा से देवी आहिल्‍या के साथ संभोग करने की इच्‍छा रखते थे मगर देवी अहिल्‍या एक पतिव्रता नारी थीं। एक ऋषि गौतम तपस्‍या करने की इच्‍छा से वन चल गए। उनके रवाना होते ही देवराज इंद्र उनका स्‍वरूप धारण कर देवी अहिल्‍या के पास पहुंच गए और उनसे कहा कि प्रेम के बंधन ने उन्‍हें तपस्‍य पर जाने से रोक दिया। देव राज इंद्र ने अपनी संभोग की अच्‍छा भी पूरी। देवी अहिल्‍या बेहरूपिए को ही अपना पति समझती रहीं मगर जब ऋषि गौतम तपस्‍या कर वापिस लौटे और अपनी पत्‍नी अहिल्‍या को उन्‍होंने देव राज इंद्र के साथ संभोग करते हुए देखा तो उन्‍होंने देवी अहिल्‍या को ताउम्र पत्‍थर की शिला बन जाने का श्राप दे दिया। आधुनिक युग में भले ही किसी के पास दूसरे का स्‍वरूप धारण करने की शक्ति न हो मगर धोका देने कि नियत आज भी पुरुषों में कम नहीं हुई है। अखबारों में ऐसे केस आए दिन पढ़ने को मिलते हैं जहां महिलाओं के साथ पुरुष छल करके उनका जीवन बरबाद कर देते हैं। 

महिलाओं को होना होगा स्‍ट्रॉन्‍ग 

आज के दौर में भले ही महिलाएं पढ़ लिख कर आगे बढ़ रही हों मगर पढ़ाई के साथ महिलाओं को अपनी सुरक्षा खुद करना भी सीखना होगा। महिलाओं को इतना स्‍ट्रॉन्‍ग होना पड़ेगा कि पुरुष प्रधान समाज को उनकी ताकत का अहसास हो जाए। सबसे पहले महिलाओं को जरूरत है कि वे उनकी सुरक्षा से जुड़े कानूनो को समझें और समय आने पर उनका इस्‍तेमाल भी करें। महिलाओं को अब डर कर रहने की जरूरत नहीं बल्कि उन्‍हें अलर्ट रहना है और खुद को मजबूत बनाए रखना है। 

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