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Janmashtami Puja Vidhi 2025: जन्माष्टमी पर इस विधि से करें पूजन, मिलेगी श्रीकृष्ण की अपार कृपा

Krishna Janmashtami Puja Vidhi 2025: हिन्दू धर्म में जन्माष्टमी का पर्व अत्यंत पावन माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप, लड्डू गोपाल की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। इस दिन मध्यरात्रि में कान्हा को स्नान कराया जाता है और उनका श्रृंगार किया होता है। यदि आपको जन्माष्टमी पूजा की विधि पता हो तो पूजन का पूर्ण फल मिलता है। 
Updated:- 2025-08-16, 10:48 IST
Janmastamin Puja Vidhi rules

जन्माष्टमी का पावन पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में उत्साह और भक्ति से मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ कृष्ण भक्ति में लीन होकर पूजन करते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं। ज्योतिर्विद पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी जी बता रहे हैं कि इस साल यह शुभ अवसर 16 अगस्त 2025 को मनाया जाएगा। इस दिन मंदिरों में भव्य सजावट की जाती है, साथ ही घर में भी कान्हा के बाल रूप लड्डू गोपाल का श्रृंगार और पूजन बड़े हर्षोल्लास के साथ किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति विधि-विधान से जन्माष्टमी का पूजन करता है, उसे सभी पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सफलता के मार्ग खुलते हैं।

ऐसा कहा जाता है कि भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप का पूजन उनके जन्म समय यानी कि मध्य रात्रि में, करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि आप भी इस वर्ष जन्माष्टमी के दिन पूजन की सही विधि की जानकारी लेना चाहती हैं तो यहां इसके बारे में जरूर जानें।

जन्माष्टमी पूजन की विधि (Janmashtami Puja Vidhi 2025)

  • कान्हा की पूजा शुरू करने से पहले स्नान आदि से मुक्त होकर साफ़ वस्त्र धारण करें।  
  • एक चौकी पर साफ़ कपड़ा बिछाएं और लड्डू गोपाल को स्थापित करें। 
  • पूजा की थाली में जल, कुमकुम पाउडर, चंदन का पेस्ट, धूप, आरती का दीपक और फूल रखें। 
  • भोग की थाली भी तैयार करें जिसमें पंचामृत, पंजीरी, नारियल की मिठाई, फल या इच्छा अनुसार कोई भी भोग रखें। 
  • कृष्ण के जन्म के पश्चात सबसे पहले लड्डू गोपाल को स्नान कराएं। जिसमें सबसे पहले दूध, दही, घी, शहद मिलाकर स्नान कराएं फिर जल में गंगाजल मिलाकर स्नान कराएं। 
  • लड्डू गोपाल को माथे पर चंदन लगाएं और साफ़ वस्त्रों से सजाएं। मुकुट और बांसुरी जरूर लगाएं। इस दिन जन्माष्टमी की व्रत कथा पढ़नी या सुननी चाहिए, इससे पूजा का पूर्ण फल मिलता है।
  • कृष्ण जन्म की आरती करें और इच्छानुसार भोग अर्पित करें। 
  • सभी परिवार के लोगों में भोग वितरित करें और यदि आप रात्रि में भोजन करते हैं तो भोजन सात्विक रखें और उसका भी भोग कान्हा को समर्पित करें। 

laddu gopal ki seva

 

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राशि के अनुसार कैसे करें पूजन

  • मेष राशि -यदि आप लड्डू गोपाल को शंख में जल डालकर स्नान कराएंगे और तिलक लगाएंगे तो ये आपके लिए शुभ होगा। आप लड्डू गोपाल को गुलाबी वस्त्रों से सजाएं। 
  • वृषभ राशि -लड्डू गोपाल को दूध से स्नान कराएं और सफेद या नारंगी वस्त्र पहनाएं। भोग में दूध की मिठाई चढ़ाएं।
  • मिथुन राशि -श्री कृष्ण के साथ राधा रानी का भी श्रृंगार करें और लाल चुनरी चढ़ाएं। लड्डू गोपाल को पीला चंदन लगाएं और केले का भोग लगाएं। 

laddu gopal seva rules

  • कर्क राशि -जल में दूध और गंगाजल मिलाकर स्नान कराएं और समृद्धि के लिए लड्‌डू गोपाल को चरणामृत चढ़ाएं।  
  • सिंह राशि -शहद और गंगाजल मिलाकर लड्डू गोपाल को स्नान कराएं। नारंगी या पीले वस्त्र कान्हा हो पहनाएं। धनिया की पंजीरी का भोग लगाएं। 
  • कन्या राशि -लड्डू गोपाल को घी और दूध से शंख में जल लेकर स्नान कराएं। हरे रंग के वस्त्र पहनाकर उन्हें सजाएं। भोग में चरणामृत अर्पित। 
  • तुला राशि -लड्डू गोपाल को दूध और चीनी से स्नान कराएं। चन्दन का तिलक लगाएं। माखन मिश्री का भोग लगाएं।

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  • वृश्चिक राशि -गंगाजल से लड्‌डू गोपाल को स्नान कराएं। नारंगी स्त्र पहनाकर उन्हें कुमकुम का तिलक लगाएं। भोग में नारियल और मखाना चढ़ाएं। 
  • धनु राशि -लड्डू गोपाल को दूध से स्नान कराएं। लाल वस्त्रों से सजाएं और नारियल पाक का भोग लगाएं। 
  • मकर राशि -कान्हा  को दूध से स्नान कराएं। आटे की पंजीरी का भोग लगाएं और भोग में तुलसी दल अवश्य रखें। 
  • कुंभ राशि -लड्डू गोपाल को दूध और सही से स्नान कराएं। हरे या नीले रंगों के वस्त्रों से सजाएं और भोग में बेसन की मिठाई चढ़ाएं। 
  • मीन राशि -पंचामृत से लड्डू गोपाल को स्नान कराएं और दूध की मिठाई के साथ धनिया की पंजीरी का भोग लगाएं। कान्हा को यदि आप लाल वस्त्र पहनाएंगे तो आपके लिए शुभ होगा। 

यदि आप इस विधि से जन्माष्टमी की पूजा करेंगी तो यह विशेष रूप से फलदायी होगा और आपकी मनोकामनाओं की पूर्ति भी होगी।

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Image Credit: freepik.com 

FAQ
जन्माष्टमी की पूजा कैसे करें?
जन्माष्टमी के दिन पूजा के लिए सुबह उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। पूजा घर को साफ करें और सभी भगवानों को स्नान करें। मध्य रात्रि के समय लड्डू गोपाल को स्नान कराएं, वस्त्र पहनाएं, श्रृंगार करें और पालने में बिठाकर झूला झुलाएं। 
जन्माष्टमी की पूजा के लिए क्या सामग्री चाहिए?
जन्माष्टमी के दिन कृष्ण जी की पूजा के लिए मूर्ति के अलावा फल, फूल, धूप, दिया, रोली-चंदन, गंगाजल, माचिस कपूर, कलावा, अक्षत, नारियल, लड्डू गोपाल के वस्त्र, तुलसी माला, मोर पंख, बांसुरी, झूला या फिर आसन की जरूरत होती है। 
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