रोज़मर्रा की छोटी-छोटी परिस्थितियों में आप अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के बीच एकदम अलग ही दिखेंगी अगर आप आज के ज़माने की तहज़ीब के बारे में अप टू डेट होंगी। हम आपके लिए लाये हैं ये आसान से टिप्स, इन्हें आप नियम बना लें, दोस्तों के साथ बहार हों, या फिर परिवार के साथ घर पर। बहार रेस्टोरेंट में खा रही हों या फिर पिक्चर हॉल में फिल्म देखते हुए- आज के ज़माने की मॉर्डन स्त्री हैं तो ये शिष्टाचार के नियम जरूर अपनायें। इससे आप खुद तो क्लासी महसूस करेंगी ही साथ ही आपके सर्किल और सोसाइटी में भी आपकी धाक जमेगी। लोग आपकी इज्जत करेंगे और आपसे कुछ सीखने की ख्वाइश उनके मन में भी होगी। तो बनिए रोल मॉडल- मॉडर्न डे एटिकेट की।

1) Elevator Etiquettes : लिफ्ट में शिष्टाचार

a) लिफ्ट इस्तेमाल करते समय चढ़ने की जल्दी में ना रहें … बहुत से लोग जबरदस्ती लिफ्ट में घुसने के साथ लोगों को धक्का मरते हुए चढ़ते हैं – ये बैड मैनर्स होते हैं। याद रखिये, अगर आप लिफ्ट में चढ़ रहे हैं, तो पहले उतरने वाले लोगों को उतरने दें … फिर लिफ्ट में चढ़ें।

Modern rules

b) अगर आप लिफ्ट के अंदर हैं, और आपके पिछे खड़ा कोई उतर रहा है, तो उसे रास्ता दें … अगर जरूरत पड़े तो लिफ्ट से बहार उतर कर उसे जाने का रास्ता दें।

c) अगर आप अपने अपार्टमेंट की या ऑफिस की लिफ्ट ले रहे हैं तो लिफ्ट के अंदर के अपने सह यात्रियों को नज़रअंदाज़ ना करें, एक छोटा सा 'हेलो' कहने में कोई हर्ज़ नहीं है।

2) Eating Out Etiquettes: रेस्टोरेंट में शिष्ट व्यवहार

a) रेस्टोरेंट में आउटिंग किसे पसंद नहीं, पर एक अच्छे रेस्टोरेंट में अच्छे मैनर्स या तामीज़ भी उतनी ही जरूरी है। क्या आप भी भूल से अपना हैंडबैग टेबल पर रख देती हैं? ये सही नहीं है … हाँ अगर छोटा सा क्लच बैग टेबल पर रखें तो इसमें कोई बुराई नहीं लेकिन हैंडबैग या पर्स को लटकाने की सही जगह आपकी चेयर है या फिर आप उसे अपने टेबल के नीचे अपने पैरों के पास भी रख सकती हैं।

b) रेस्टोरेंट में नैपकिन हो तो उसे अपनी गोद पर बिछा लीजिये। इस नैपकिन से बीच-बीच में आप अपने होंठो को पोंछ सकती हैं। अगर खाने के बीच में उठकर कहीं जाना हो तो नैपकिन को टेबल पर नहीं बल्कि अपनी कुर्सी पर रख कर उठना चाहिए।

c) ज़ोर से “वेटर!” चिल्लाना बुरे मैनर्स माने जाते हैं … कोशिश करें कि आप अपने सर्वर या वेटर से आई कॉन्टैक्ट करें, या फिर ख़ामोशी से अपना हाथ उठाकर उसे बुलाये।

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d) चम्मच इस्तेमाल करते हुए दांत नहीं बल्कि होंठ चम्मच को छूने चाहिए। अगर चम्मच या कांटा नीचे गिर जाए, तो खुद उठाने के बजाये, वेटर से एक नया चम्मच मंगवालें।

e) किसी भी हालत में मुँह खोल के खाना चबाने की गलती ना करें। खाना कहते हुए आपके मुँह से खाना चबने की आवाज़ कतई नहीं आनी चाहिए। मुँह बंद करके चबाने की आदत घर में खाना कहते वख्त ही डाल लें ताकि, रेस्टोरेंट में, शादी-ब्याह में भूल कर भी आप मुँह खोल के ना खाने लगें।

f) ये जान लें- डकार लेना, गैस पास करना - बहुत बड़ी भूल होगी। इसे बैड मैनर्स और बत्तमीज़ी माना जाता है। ऐसा ना तो रेस्टोरेंट में, ना किसी के घर की पार्टी में और ना अनजान लोगों के सामने करें। अगर गलती से लोगों के सामने ऐसा हो जाए तो 'एक्सक्यूज मी' और सॉरी कहना मत भूलियेगा।

3) Movie Hall Etiquettes : पिक्चर हॉल में सही व्यवहार

a) फिल्म देखते हुए ज़ोर से बात करने वाले लोग किसी को पसंद नहीं होते। चाहें वो फ़ोन पर बात करने वाले लोग हों या फिर फिल्म पर अपने टिपण्णी देने वाले। अगर आपस में भी कोई बहुत ज़रूरी बात करनी हो तो आप चुपके से खुसपुसा कर ही करें। याद रखिये कि हॉल में बैठे और लोगों ने भी टिकट के पैसे दिए हैं और उन्हें भी फिल्म को एन्जॉय करने का हक है। ज़ोर से बात करके सबका मज़ा किरकिरा ना करें।

Movie hall rules

b) अपने फोन को साइलेंट में करना मत भूलियेगा और हो सके तो उसकी स्क्रीन की लाइट भी कम कर दीजिये … अंधेरे मूवी हॉल में आपका चमकता मोबाइल फ़ोन सब को बहुत परेशान करता है।

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c) अगर आप बच्चों के साथ फिल्म देखने गयी हैं, तो दूसरे लोग परेशान ना हों ये आपकी ज़िम्मेदारी है। अगर आपका बेबी रो रहा हो, तो उसे लेकर बहार चले जाएं, बच्चों को इधर-उधर भागने से मना करें। बच्चों को अभी से अच्छी और बुरी आदतों की ट्रेनिंग दें। 

4) Conversation Etiquettes : बात चीत की तमीज़

a) बातचीत में व्यक्तिगत सीमाएं समझना ज़रूरी है … तनख़्वाह, उम्र, नातेदारी के बारे में सवाल तभी करें जब आप एक दूसरे को बहुत करीब से जानते हों- नहीं तो ये असभ्य व्यवहार माना जायेगा।

 

b) बातचीत का सबसे बड़ा नियम है कि आप सबको बात करने का मौका दें। किसी भी कन्वर्सेशन पर हावी ना हों। दूसरों की बात भी सुनिए और उसपर प्रतिक्रिया दीजिये। इस तरह से बात को आगे ले जाइये। अपनी बात रखने के लिए ज़रूरी नहीं है कि आप ज़ोर से बोलें या चिल्लाये।

c) जब आपसे कोई बात करे तो उनसे नज़रें मिलकर बात करनी चाहिए। उस वख्त अपने फ़ोन पर कुछ करना, या आँखों पर गॉगल्स चढ़ाये रखना असभ्यता की निशानी है। अगर आपसे कोई बात कर रहा है तो उसे अपना पूरा ध्यान दीजिये।

तो ये थे कुछ शिष्टाचार के नियम जिन्हें आप ज़रूर अपनाये। और हाँ, अगर आपको ये स्टोरी पसंद आयी और इसे आपने अपने दोस्तों और पारिवार में शेयर नहीं किया, तो क्या ये तहज़ीब के खिलाफ नहीं होगा?