बच्चे का स्वभाव चाहे कैसा भी हो, पेरेंट्स के लिए उनका बच्चा सबसे महान होता है। हर माता-पिचा चाहते हैं कि उनके बच्चों को सही परवरिश मिलें। बच्चा अगर पढ़ाई नहीं करता, शैतानी करता है या सही से खाना नहीं खाता है तो दुख हर मां-बाप को होता है लेकिन फिर भी वह अपने बच्चें को प्यार से समझाने की कोशिश करते हैं। जबकि अगर बच्चों की बात करें तो पेरेंट्स अगर गुस्से में उनके कुछ कह देते हैं तो वह बदले में उन्हें अपना गुस्सा दिखाने लगते हैं। आंकड़े बताते हैं कि ज्यादा प्यार और छूट की वजह से आजकल के बच्चे बहुत चिड़चिड़े हो रहे हैं। इसलिए अपने बच्चों के नखरे और टैंट्रम्स को हैंडल करना एक बहुत बड़ी चुनौती है। एक गलत स्टेप बच्चों के जीवन को नुकसान पहुंचा सकता है। आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसी बातें बता रहे हैं जिनसे आप अपने चिड़चिड़े बच्चों को हैंडल कर सकते हैं।

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अच्छे-बुरे में फर्क बताएं

best parenting tips to manage children tantrums inside

पेरेंट्स बच्चों को सिर्फ तक डांटते हैं जब वह गलत काम करते हैं। अगर आप अपने बच्चे के टैट्रंम्स को हैंडल नहीं कर पा रहे हैं तो उन्हें सही और गलत में फर्क बताएं। इस चीज को समझाने के लिए अगर आपको बच्चों का दोस्त बनना पड़े तो इससे पीछे न हटें। जब बच्चे को यह फर्क समझ आ जाएगा तो वह सिर्फ सही रास्ते को ही चुनेगा।

खुद से सवाल करें

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अगर आपको एहसास हो रहा है कि आपका बच्चा आपसे झूठ बोल रहा है तो उसे डांटने के बजाय यह देखने की कोशिश करें कि आखिर वह ऐसा क्यों कर रहा है? आपकी तरह से ऐसी कौन सी कमी रह गई जो बच्चे को झूठ बोलना पड़े। खुद से सवाल करें कि कहीं आप बच्चे के साथ सस्ती से तो पेश नहीं आ रहे?, कहीं बच्चों ने आपसे कुछ मांगा और आप उसे देखना भूल गए, इसलिए उसने वह चीज कहीं और से ले ली, आदि।

सिर्फ पढ़ाई के लिए जोर न दें

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बच्चों को सिर्फ पढ़ाई के लिए प्रेशर देने से भी बच्चे चिड़चिड़े होते हैं। आप बच्चों के साथ पढ़ाई से अलग उनके फेवरेट गेम, उनके फ्रेंड्स सर्कल की बातें, डांस क्लास और सिंगिग क्लास के बारे में पूछें। बच्चों से पूछें कि क्या वह कोई एक्स्ट्रा एक्टीविटी क्लास तो ज्वॉइन नहीं करना चाहते हैं? अगर बच्चा हां कहता है तो ऐसा बिल्कुल करें। इससे आप बच्चों के साथ फ्रेंक भी होंगे और बच्चा भी अपने गुस्से को कंट्रोल करेगा।

अपने एक्सपीरियंस शेयर करें

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जब आप बच्चों के साथ अपने एक्सपीरियंस शेयर करेंगे तो वह खुद को आपसे रिलेट करेगा। बच्चों को बताएं कि आप अपने समय में किस तरह पढ़ाई करते थे, किस तरह के गेम्स पसंद करते थे, आपके पेरेंट्स आपको वीकेंड के लिए कहां ले जाते थे, आदि। इससे बच्चे का आप में इंटरेस्ट बढ़ेगा और वह हर वक्त आपके साथ टाइम स्पेंड करना चाहेगा।

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गलत डिमांड कभी पूरी न करें

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अगर आप अपने बच्चे की सही और गलत हर तरह की डिमांड पूरी करेंगे तो बच्चा गलत रास्ते पर चलता जाएगा। क्योंकि वह यह समझ जाएगा कि वह जो भी डिमांड करेगा, उसके पेरेंट्स उस चीज को पूरा कर देंगे। अगर आपको लग रहा है कि बच्चा गलत चीज के लिए कह रहा है तो उसे उदाहरण देकर समझाएं और उसकी वह जिद्द पूरी न करें।