आशा भोसले की आवाज बॉलीवुड की उन आवाजों में से एक है जो हमेशा सदाबहार रही है। अगर उनकी निजी जिंदगी के बारे में बातें की जाएं तो उसमें कई उतार-चढ़ाव रहे हैं। एक समय तो ऐसा भी आया था जब आशा भोसले को अपने पति की मृत्यु के गम से उभरने में कई साल लग गए थे। 

आज 60 के दशक से लेकर 80 के दशक तक सुपरहिट गाने देने वाले संगीतकार और गायक राहुल देव बर्मन यानी आरडी बर्मन का जन्मदिन है। 27 जून 1939 में आरडी बर्मन का जन्म कोलकाता में हुआ था। आरडी बर्मन को लोग प्यार से 'पंचम दा' कहकर बुलाते थे। उनकी और आशा भोसले की प्रेम कहानी भी काफी म्यूजिकल रही है। 

asha bhosle and  pancham da  love story

आशा और पंचम दा की प्रेम कहानी 

पंचम दा की निजी जिंदगी के बारे में बहुत कम बात होती है। उनकी पहली पत्नीे का नाम रीता पटेल था जिनसे वे दार्जिलिंग में मिले थे और दोनों ने 1966 में शादी रचाने के बाद 1971 में तलाक ले लिया था। साल 1980 में उन्होंिने गायिका आशा भोसले से शादी रचा ली। इससे पहले दोनों ने कई फ़िल्मों में जबरदस्ते हिट गाने देने के साथ ही कई स्टेोज प्रोग्राम भी किए थे। पंचम दा और आशा भोसले की प्रेम कहानी की बात करें तो दोनों की पहली मुलाकात साल 1956 हुई थी। तब तक आशा भोंसले ने अच्छी खासी पहचान बना ली थी।

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आशा और पंचम दा की पहली मुलाकात 

आशा भोसले और पंचम दा की पहली मुलाकात 1956 में हुई थी, तब तक आशा भोसले ने इंडस्ट्री में अच्छी खासी पहचान बना ली थी जबकि आरडी बर्मन मशहूर संगीतकार सचिन देव बर्मन के टीएनज बेटे थे। करीब 10 साल बाद वो मौका आया जब आरडी बर्मन ने फिल्म 'तीसरी मंजिल' के लिए आशा भोसले से गाने के लिए संपर्क किया।

तब तक पंचम दा और आशा भोसले दोनों की ही पहली शादी टूट चुकी थी। पंचम दा अपनी पहली पत्नी रीता पटेल से अलग हो गए थे। वो रीता पटेल से इतना परेशान हो चुके थे कि घर छोड़कर होटल में रहने चले गए थे। 

वहीं दूसरी तरफ आशा भोसले अपने पति गणपतराव भोंसले से बिल्कुल खुश नहीं थीं। एक दिन ऐसा आया जब दो बेटों और एक बेटी के साथ गर्भवती आशा ने अपनी बहन के घर की ओर रुख किया। उनका तीसरा बेटा इसी के बाद हुआ।

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पंचम दा की मां नहीं कराना चाहती थीं शादी 

कई सालों तक बगैर शब्दों के ही आशा और पंचम दा को संगीत करीब ला रहा था। इस दौर में दोनों ने एक से बढ़कर एक सुपरहिट गाने दिए।  दोनों की शादी का रास्ता इतना भी आसान नहीं था। आशा की उम्र पंचम से ज्यादा थी जिस वजह से उनकी मां इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थीं। जब पंचम ने अपनी मां से शादी की अनुमति मांगी तो उन्होंने कहा, “जब तक मैं जिंदा हूं ये शादी नहीं हो सकती, तुम चाहो तो मेरी लाश पर से ही आशा भोसले को इस घर में ला सकते हो।“ इसके बाद पंचम दा ने अपनी मां से कुछ नहीं कहा और चुपचाप वहां से चले गए। 

जब आशा भोसले और पंचम दा ने शादी की तब तक पंचम दा की मां की ऐसी हालत हो चुकी थी कि उन्होंने किसी को पहचानना बंद कर दिया था।  शादी के 14 साल बाद ही पंचम दा, आशा भोंसले को अकेले छोड़कर 54 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। आशा भोसले को अपने पति की मृत्यु के गम से उभरने में कई साल लग गए थे।