बॉलीवुड की पहली महिला सुपरस्टार यानी श्रीदेवी का आज जन्मदिन है। श्रीदेवी का जन्म 13 अगस्त 1963 को हुआ था। बतौर चाइल्ड एक्ट्रेस ही उन्होंने कई फिल्मों में काम किया था। श्रीदेवी की तुलना पहले अमिताभ बच्चन से की जाती थी जब उन्हें फीमेल अमिताभ कहा जाता था। फिर वक्त ने कुछ ऐसी करवट बदली कि श्रीदेवी को किसी हीरो के नाम की जरूरत नहीं रही। वो बॉलीवुड की पहली महिला सुपरस्टार थीं। शुरुआत में कन्नड़ और तमिल सिनेमा में अपनी पहचान बनाने वाली श्रीदेवी की पहली बॉलीवुड फिल्म रही थी 1979 में आई सोलवा सावन। इसके बाद 4 साल तक उन्हें कोई खास रोल नहीं मिला फिर 1983 में आई फिल्म हिम्मतवाला। इस फिल्म ने रातों-रात श्रीदेवी को बॉलीवुड में पहचान दिलवा दी।  

जीतेंद्र और श्रीदेवी की जोड़ी ने इसके बाद 16 फिल्में साथ में कीं। इसके बाद श्रीदेवी ने कई फिल्में कीं, लेकिन 1986 में आई फिल्म नगीना ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया। इसके बाद मिस्टर इंडिया, इसके बाद तो उन्होंने कभी पलट कर नहीं देखा। चालबाज़ में तो उन्हें हीरो से ज्यादा अहमियत दी गई थी। श्रीदेवी ने अपने जीवनकाल में कई फिल्में कीं, लेकिन उनके 5 अहम किरदार ऐसे थे जिन्होंने ये दिखा दिया कि वो किसी भी तरह का रोल अदा कर सकती हैं। 

sridevi chalbaz

इसे जरूर पढ़ें- श्रीदेवी के ये style moments जो साबित करते हैं कि style किसी उम्र का मोहताज नहीं होता 

1. मॉम और इंग्लिश-विंग्लिश 

क्या है खास- प्रेरणा के लिए देखें। दोनों ही फिल्मों में श्रीदेवी ने ऐसी बातें कहीं हैं जिनसे कुछ सीख सकते हैं। 

इन दोनों ही फिल्मों में श्रीदेवी ने ये बता दिया कि एक आम मां अपने स्वाभिमान और अपने बच्चों के लिए क्या कुछ नहीं कर सकती है। श्रीदेवी की ये दोनों फिल्में आपको याद दिलाएंगी कि श्रीदेवी की खूबसूरती ही नहीं बल्कि उनकी अदाकारी और संजीदगी भी खास थी।  

sridevi english vinglish

इंग्लिश-विंग्लिश में जहां श्रीदेवी एक स्वाभिमानी महिला थीं जो अपने परिवार को अपनी अहमियत बता रही थी वहीं मॉम में श्रीदेवी एक ऐसी मां थीं जो अपनी बेटी के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। श्रीदेवी को मॉम फिल्म के लिए नैशनल अवॉर्ड भी मिला था। बदकिस्मति से ये उनके दुनिया से जाने के बाद हुआ।

2. लाडला- 

क्या है खास- श्रीदेवी का गुस्सा। इस फिल्म में उन्होंने बताया कि वो किस कदर एक सनकी महिला का किरदार निभा सकती हैं।  

लाडला जिसमें अनिल कपूर और रवीना टंडन भी थे उस फिल्म का अहम हिस्सा सिर्फ और सिर्फ श्रीदेवी ही थीं। एक गुस्सैल बिगड़ी हुई लड़की जो किसी की इज्जत नहीं करती और अपने गुस्से और ज़िद को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। भले ही फिल्म में अनिल कपूर हीरो थे, लेकिन असली एक्टिंग तो श्रीदेवी की ही थी। यकीन नहीं आता तो दोबारा इस फिल्म को देखिए। खुद समझ आ जाएगा।  

3. चांदनी- 

क्या है खास- रोमांस से भरपूर। श्रीदेवी ने चांदनी को पर्दे पर जिया था।  

श्रीदेवी की ये फिल्म अभी भी शायद कई लोगों की फेवरेट होगी। उनका गाना 'मेरे हाथों में 9-9 चूड़ियां हैं,' 'चांदनी ओ मेरी चांदनी' और भी बहुत कुछ इस फिल्म में ऐसा था जो लोगों को पसंद आया। श्रीदेवी की हर अदा लोगों को पसंद आई। हेमा मालिनी भले ही बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल हों, लेकिन श्रीदेवी लोगों का क्रश ही नहीं लोगों का प्यार बन गईं। उनकी अदाकारी इस फिल्म में बहुत पसंद की गई। श्रीदेवी ने बहुत खूबसूरत जगहों पर इस फिल्म की शूटिंग की थी।

sridevi chandani

4. सदमा  -

क्या है खास- इसे श्रीदेवी की सबसे कठिन फिल्मों में से एक माना जा सकता है।  

श्रीदेवी की खूबसूरती, श्रीदेवी के खूबसूरत बाल, उनका ग्लैमरस लुक नहीं इस फिल्म में लोगों को उनकी मासूमियत भा गई थी। फिल्म आई और लोगों के दिलों पर छा गई। श्रीदेवी के सबसे कठिन किरदारों में से एक था ये किरदार। इस फिल्म का गाना 'ऐ जिंदगी गले से लगा ले', तो यकीनन आज भी लोगों का फेवरेट गाना है। श्रीदेवी के फैन हैं तो इस फिल्म को दोबारा देखना तो बनता है।  

sridevi sadma

5. गुमराह-

क्या है खास- श्रीदेवी ने पर्दे पर डर दिखा दिया था। एक लड़की जिसे फंसाया गया हो, वो कैसा महसूस करेगी शायद यही दिखाया गया। 

इसे जरूर पढ़ें- श्रीदेवी के जीवन से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों के बारे में जानें

उदासी, डर, हिम्मत न जाने क्या-क्या दिखाया गया इस फिल्म में। श्रीदेवी ने इस फिल्म की आधी शूटिंग ऐसे सेट पर की जो जेल जैसा था। उन्हें डरा हुआ पर्दे पर देखना बेहद अलग अनुभव था। बॉलीवुड की फिल्मों में से ये फिल्म यकीनन काफी अलग थी। 

वैसे तो श्रीदेवी की और भी कई फिल्में हैं जिन्हें इस लिस्ट में शामिल किया जा सकता है। मिस्टर इंडिया, चालबाज़, खुदागवाह, जुदाई, नगीना, निगाहें, लमहे आदि बहुत कुछ। उनके इतने विशाल करियर में से केवल 5 फिल्में चुनना बेहद मुश्किल काम है।