इस बात में कोई दो राय नहीं है कि महिलाओं के लिए हैंड बैग जरुरत के सामान के साथ एक फैशन स्टेटमेंट भी बन चुका है। आजकल मार्केट में कई तरह के हैंडबैग के ऑप्शन आ गए है। कई तरह की वैरायटी होने के बावजूद आज भी लेदर हैंडबैग महिलाओं के बीच बहुत पॉपुलर है। लेदर हैंडबैग महिलाओं को क्लासी और डीसेंट लुक देता है इस कारण महिलाएं लेदर पर्स की ओर ज्यादा आकर्षित होती है। हालांकिअसली लेदर की बनी चीजें महंगी होती है पर यह आपको रॉयल फीलिंग देती है। असली लेदर की कीमत ज्यादा होने के कारण मार्केट में डुप्लीकेट लेदर भी बहुत बिकने लगा है। इस डुप्लीकेट लेदर को फॉक्स लेदर (Faux Leather)  भी कहते है।

आपके मन मन में भी यह सवाल आता होगा कि असली लेदर को किस तरह पहचाना जाएअसली लेदर की क्वालिटी कैसी होती हैयह कितने प्रकार के होते हैअसली लेदर के हैंडबैग की प्राइस क्या हैआज हम आपको इस लेख के जरिए इन सभी सवालों के जवाब देगें कि किन तरीकों से आप सही और अच्छा लेदर हैंदबैग खरीद सकती है।

 First Purse

असली और नकली लेदर पहचानने के यह हैं तरीके-

 1. टेक्सचर का है फर्क

असली और नकली लेदर में सबसे बड़ा फर्क होता है पैटर्न का। हम सभी को पता है कि असली लेदर जानवर की चमड़ी का बना होता है। इस कारण असली लेदर में इलास्टिसिटी (Elasticity) काफी ज्यादा होती है। इससे बने हैंडबैग में फिनिशिंग भी बहुत अच्छी होती है जबकि नकली लेदर में यह फिनिशिंग आपको नहीं मिलेगी। नकली लेदर को तैयार करने में कम कीमत लगती है इस कारण यह मार्केट में सस्ता मिल जाता है। वहीं असली लेदर को बनने में बहुत प्रोसेस से होकर गुज़रना पड़ता है जिस कारण यह महंगा होता है।

 Second Purse

इसे जरूर पढ़ें- क्या आप जानते हैं महिलाओं की जीन्स में जिपर क्यों लगाया जाता है?

2. स्मेल से असली लेदर की होती है पहचान

अगर आप असली चमड़े की पहचान करना चाहती हैं तो हैंड बैग की स्मेल को पहचानना बहुत जरूरी है। असली लेदर जानवर की खाल से बनता है जिसके कारण इसमें से जानवर के खाल की स्मेल आती है। जबकि नकली लेदर प्लास्टिक से बना होता है जिस कारण इसमें से प्लास्टिक की स्मेल आती है।

 Third Purse

3. पैटर्न से करें पहचान

असली लेदर में कई तरह के पैटर्न मिलते है। यह पैटर्न इंसानों की स्किन की तरह ही होती है। इन पैटर्न में हमें दरारेंसिकुड़न जैसे निशान नज़र आने लगते है। कभी कभी असली लेदर में दाग-धब्बे भी नज़र आते है जबकि नकली लेदर में ऐसी कोई चीज़ नज़र नहीं आती। (ट्रिप पर होगी असानी अगर चुनेंगी सही ट्रैवल बैग्‍स)

 

Recommended Video


4. असली लेदर बदलता है कलर

असली लेदर की पहचान के लिए उसे थोड़ा सा रगड़े। रगड़ने पर वह हल्का लाल रंग का हो जाता है और उस पर निशान दिखाई देने लगता है। इसे मोड़ने पर इसके रंग में भी बदलाव दिखाई देने लगता है। इसके साथ ही सिलवटें भी नजर आने लगती है। वहीं नकली लेदर को मोड़ने पर यह मुड़ता नहीं है और अगर इसे ज्यादा मोड़ा जाए तो इसके रेशे टूटने लगते है। ऐसे में हैंड बैग पर रेशे नज़र आने लगते है।

 Fourth Purse

5. बैग की फिनिशिंग का रखें ध्यान

आप जब भी हैंड बैग खरीदें तो इस बात का खास ख्याल रखें कि उसकी फिनिशिंग बहुत शार्प नहीं होनी चाहिए। ज्यादातर महिलाएं चमकदार दिखने वाले प्रोडक्ट को चुनती हैंलेकिन ऐसा कभी भी नहीं करना चाहिए क्योंकि असली चमड़े की चीजों में इतनी अच्छी फिनिशिंग नहीं आती। ऐसा इस वजह से होता है क्योंकि असली जानवर की चमड़ी कही से मोटी और एक समान पतली नहीं होती है। इस कारण असली चमड़े के बने हैंड बैग थोड़े हार्ड होते हैं। वहीं नकली सिंथेटिक लेदर ज्यादा चमकदार और स्मूथ होते हैं।

इसे जरूर पढ़ें:आपकी पर्सनालिटी के हिसाब से कैसे हो हैंड बैग्स 


6. वॉटर टेस्ट काम बना सकता है

अगर आप इस बात का पता लगाना चाहती हैं कि हैंडबैग असली या नकली लेदर का बना है तो आप वॉटर टेस्ट करें। यह एक बहुत ही अच्छा विकल्प हो सकता है। आप अगर एक छोटी सी बूंद भी पानी की लेदर हैंड बैग पर डालेंगे तो वह बूंद को सोख लेगा पर सिंथेटिक पर ऐसा नहीं होगा। पानी की बूंद वैसी की वैसी ही रहेगी।

ggg 

इन आसान उपायों से आप अपने हैंडबैग के लेदर की पहचान कर सकतीं हैं कि वह असली है या नकली है। आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।

Image Credit: Freepik.com