इन गलतियों के कारण कढ़ी में बन जाती हैं गांठें, बनाते समय आजमाएं ये तरीके

जैसे राजमा-चावल की अपनी अलग जगह है, उसी तरह कढ़ी खाने वाले भी कई लोग हैं। यह उत्तर भारत से लेकर गुजरात और राजस्थान तक, हर जगह बड़े चाव से खाई जाती है। बेसन और दही के मेल से बनी यह डिश बाकी दाल और सब्जियों से काफी अलग होती है। इसकी तासीर ठंडी होने के कारण इसे गर्मी के मौसम में भी खूब पसंद किया जाता है। वहीं, सर्दियों में मसालेदार कढ़ी शरीर को गरमाहट देती है। हालांकि, कढ़ी बनाना जितना आसान लगता है, उतना होता नहीं।
कई बार ऐसा होता है कि हम सारे नियमों का पालन करते हैं, फिर भी कढ़ी में गांठें पड़ जाती हैं या वह फट जाती है, जिससे उसका स्वाद खराब हो जाता है।
अगर आप पहली बार कढ़ी बना रही हैं, तब आपको जरूर कढ़ी बनाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। इस लेख में, हम उन गलतियों के बारे में विस्तार से बताएंगे जो कढ़ी में गांठें पैदा करती हैं और साथ ही उन तरीकों पर भी चर्चा करेंगे जिन्हें आजमाकर आप हर बार एक परफेक्ट, कढ़ी बना सकते हैं।
1. बेसन घोलने में गलती

कढ़ी में गांठें पड़ने लगे, तो इसका मतलब है कि आपने बेसन को ठीक से नहीं घोला है। अगर बेसन में पानी या दही डालकर तुरंत मिलाया जाए, तो उसमें छोटी-छोटी गांठें बन जाती हैं जो बाद में पकने पर भी नहीं घुलतीं।
क्या करें:
- बेसन को घोलने के लिए, पहले एक बर्तन में बेसन लें और उसमें धीरे-धीरे पानी या पतली दही डालते हुए लगातार चलाते रहें। आप चाहें तो व्हिस्क या कांटे का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- अगर आपको लगे कि कढ़ी में गांठें हो सकती हैं,तो घोल को छलनी से छान लें। इससे बची हुई छोटी-मोटी गांठें भी निकल जाएंगी।
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2. दही मिलाने का तरीका
कढ़ी बनाने में दही मिलाने का तरीका भी बहुत मायने रखता है। अगर आप दही को अच्छी तरह से नहीं मिलाएंगी, तो पॉसिबल है कि कढ़ी फटकर इकट्ठा हो जाए।
क्या करें:
- कढ़ी के लिए ताजी और थोड़ी खट्टी दही अच्छी होती है। ज्यादा पुरानी या बहुत खट्टी दही कढ़ी को फाड़ सकता है।
- दही को बेसन के घोल में मिलाने से पहले उसे अच्छी तरह से फेंट लें, ताकि उसमें कोई गांठ न रहे।
- जब आप बेसन और दही के घोल को गर्म कर रहे हों, तो उसे लगातार चलाते रहें। शुरुआत में आंच धीमी रखें और मिश्रण को धीरे-धीरे गरम होने दें। अगर आपने दही को सीधे गरम पैन में डाल दिया तो वो फट सकती है।
- जब तक कढ़ी में उबाल न आ जाए, उसे लगातार चलाते रहें। एक बार उबाल आने के बाद आप आंच धीमी कर सकते हैं और इसे पकने दे सकते हैं।
3. सही आंच और पकने का समय

कुछ लोग कढ़ी को तेज आंच पर पकाते हैं इससे स्वाद बढ़िया नहीं आता है। कढ़ी को हमेशा धीमी आंच पर पकाना बेहतर होता है।
क्या करें:
- कढ़ी को हमेशा धीमी से मध्यम आंच पर पकने दें। तेज आंच पर पकाने से कढ़ी फट सकती है या नीचे से चिपक सकती है।
- कढ़ी को तब तक पकाएं जब तक वह थोड़ी गाढ़ी न हो जाए और बेसन का कच्चापन दूर न हो जाए। इसमें आमतौर पर 20-30 मिनट या उससे भी ज्यादा लग सकते हैं।
- शुरुआती 10-15 मिनट तक लगातार चलाते रहें, खासकर जब तक कढ़ी में एक उबाल न आ जाए।
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4. बेसन की क्वांटिटी को न रखें ज्यादा
कढ़ी में बेसन मेन इंग्रीडिएंट है, लेकिन इसे कभी भी ज्यादा मात्रा में न डालें। बेसन ज्यादा होने से वो ज्यादा पकता नहीं है। वहीं, जितना पानी डालो उतना वह बढ़कर गाढ़ी हो जाती है।
क्या करें:
- एक कप बेसन को अच्छी तरह से छान लें और उसमें पानी और दही की सही क्वांटिटी डालकर मिलाएं।
- बेसन में मसाले डालकर मिक्स करें और फिर कड़ाही में डालकर उसे पकाएं।
- कढ़ी में नमक हमेशा अंत में डालें, जब कढ़ी में उबाल आ जाए और वह थोड़ी पक जाए। अगर आप नमक पहले डाल देते हैं, तो दही के फटने की संभावना बढ़ जाती है।
इन आसान और बढ़िया ट्रिक्स को आजमाकर आप हर बार परफेक्ट, कढ़ी बना सकती हैं। हमें उम्मीद है कि यह लेख आपको पसंद आया होगा। इसे लाइक करें और फेसबुक पर शेयर करना न भूलें। ऐसे ही लेख पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी के साथ।
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