सिर्फ हेयर फॉल नहीं! मेनोपॉज आने पर बालों में दिखाई देते हैं ये 7 बदलाव
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उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। इनमें पीरियड्स का रेगुलर न आना, रात में अचानक पसीना आना, नींद न आना और मूड बार-बार बदलना जैसी समस्याएं शामिल हैं। कई बार महिलाएं इन बदलावों को तनाव या बढ़ती उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। इनके पीछे मेनोपॉज भी एक वजह हो सकता है। इस दौरान शरीर में एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन का लेवल बदलने लगता है, जिसका असर स्किन से लेकर बालों तक पर दिखाई देता है। दिलचस्प बात यह है कि मेनोपॉज का असर सिर्फ हेयर फॉल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बालों के टेक्सचर पर भी दिखाई देने लगता है।
मेनोपॉज आने पर बालों में दिखते हैं ये विशेष संकेत
मेनोपॉज महिलाओं की जिंदगी का वो फेज है, जिसमें पीरियड्स हमेशा के लिए बंद हो जाते हैं। आमतौर पर यह बदलाव 45 से 55 साल की उम्र के बीच देखने को मिलता है। मेनोपॉज अचानक बंद नहीं होता है, उससे पहले बालों में कई बदलाव होने लगते हैं। कई महिलाओं को इस दौरान बाल झड़ने की परेशानी होती है जिसमें बालों का पतला होना जैसे बदलाव दिखाई देते हैं। आइए दिल्ली के श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट की डॉक्टर प्रिया पालीवाल से जानते हैं मेनोपॉज शुरू होने पर हेयर में क्या बदलाव दिखाई देते हैं।
मेनोपॉज के दौरान बालों में बदलाव आने की सबसे बड़ी वजह हार्मोनल चेंजेज होते हैं। इस समय शरीर में एस्ट्रोजन (Oestrogen) और प्रोजेस्टेरोन (Progesterone) जैसे हार्मोन का लेवल कम होने लगता है। एस्ट्रोजन बालों की ग्रोथ साइकिल को सपोर्ट करता है। इसका लेवल कम होने पर बालों के बढ़ने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
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इसके अलावा, शरीर में एंड्रोजन (Androgen) हार्मोन का असर भी तुलनात्मक रूप से ज्यादा दिखाई देने लगता है। इससे सिर के बाल पतले होने लगते हैं, जबकि ठुड्डी और अपर लिप जैसी जगहों पर मोटे बाल उगने लग सकते हैं। हालांकि, हर महिला में ये बदलाव एक जैसे नहीं होते हैं।
1. बालों का टेक्सचर बदलने लगता है
अगर पहले आपके बाल सॉफ्ट और स्मूद रहते थे, लेकिन अब रूखे और बेजान महसूस होने लगे हैं, तो इसके पीछे हार्मोनल चेंजेज एक वजह हो सकते हैं। मेनोपॉज के दौरान स्कैल्प में सीबम यानी नेचुरल ऑयल बनने की प्रक्रिया प्रभावित होने लगती है। इससे बालों में पहले जैसी नमी नहीं रहती है। ऐसे में बालों को मैनेज करना मुश्किल हो जाता है। वे उलझने लगते हैं और पहले की तरह आसानी से सेट भी नहीं होते है।
2. बाल पतले और कमजोर
मेनोपॉज के दौरान कुछ महिलाओं के बालों की मोटाई कम होने लगती है। पहले जो बाल घने दिखाई देते थे, अब वे धीरे-धीरे पतले नजर आने लगते हैं। कई बार सिर के बीच की मांग चौड़ी दिखने लगती है या पोनीटेल पहले के मुकाबले पतली महसूस होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हार्मोनल बदलाव बालों के फॉलिकल्स और उनकी ग्रोथ साइकिल को प्रभावित करने लगता है।
3. बालों में फ्रिजीनेस बढ़ने लगती है
मेनोपॉज के दौरान बालों का फ्रिजी होना भी एक संभावित बदलाव है। फ्रिजीनेस का मतलब है बालों का रूखा, फूला हुआ और बिखरा-बिखरा दिखना। ऐसे बालों को कंघी करने और स्टाइल करने में भी परेशानी आती है। बालों में नमी की कमी, उनकी बाहरी परत को नुकसान और उम्र के साथ होने वाले बदलाव इसकी वजह बन सकते हैं। अगर बाल पहले की तरह स्मूद नहीं रहते और उनमें बार-बार उलझने की समस्या होती है, तो हेयर केयर रूटीन पर ध्यान देना जरूरी है।
4. ठुड्डी और अपर लिप पर बाल बढ़ना
मेनोपॉज के दौरान कुछ महिलाओं को चेहरे पर ऐसे बाल दिखाई देने लगते हैं, जो पहले नहीं थे। खासकर ठुड्डी, अपर लिप और गालों के आसपास मोटे या गहरे रंग के बाल आने लगते हैं। इसकी एक वजह एस्ट्रोजन और एंड्रोजन हार्मोन के बीच बदलता संतुलन हो सकता है। एस्ट्रोजन का लेवल कम होने पर एंड्रोजन का असर ज्यादा दिखाई देने लगता है। इससे चेहरे के कुछ हिस्सों में बालों की ग्रोथ बढ़ सकती है।
5. आइब्रो और पलकों के बालों में बदलाव आना
उम्र बढ़ने और हार्मोनल बदलावों के कारण कुछ महिलाओं की आइब्रो और पलकों के बाल भी पहले जैसे नहीं रहते हैं। आइब्रो के बाल कम घने दिखाई देते हैं या उनकी ग्रोथ धीमी हो सकती है। हालांकि, आइब्रो और पलकों के बालों में बदलाव की वजह सिर्फ मेनोपॉज नहीं है। थायरॉइड से जुड़ी समस्याएं, पोषण की कमी और स्किन की कुछ कंडीशंस भी इसके पीछे हो सकती हैं।
6. हाथ-पैरों और शरीर के दूसरे हिस्सों के बाल कम होना
मेनोपॉज के दौरान जहां कुछ महिलाओं के चेहरे पर बाल बढ़ने लगते हैं, वहीं हाथ-पैरों और शरीर के दूसरे हिस्सों में बाल कम भी हो सकते हैं। कई महिलाओं को अंडरआर्म्स और प्यूबिक एरिया के बालों की मोटाई या डेंसिटी में भी बदलाव महसूस होने लगता है। ऐसा उम्र बढ़ने और हार्मोनल बदलावों के कारण भी हो सकता है। हालांकि, शरीर के बालों की ग्रोथ हर महिला में अलग होती है।
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7. बालों की ग्रोथ धीमी होना
मेनोपॉज के दौरान कुछ महिलाओं को लगता है कि उनके बाल पहले की तरह लंबे नहीं हो रहे हैं। बालों की ग्रोथ धीमी होने लगती है और नए बालों की मोटाई भी कम होने लगती है। हालांकि, बालों की ग्रोथ कई फैक्टर्स पर निर्भर करती है। इनमें हार्मोन, जेनेटिक्स, उम्र, प्रोटीन का सेवन और शरीर में आयरन जैसे जरूरी न्यूट्रिएंट्स का लेवल शामिल है। मेनोपॉज के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव इस प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
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मेनोपॉज के दौरान बालों की देखभाल कैसे करें?
मेनोपॉज के दौरान बालों की ठीक रखने के लिए कुछ आसान आदतें मददगार हो सकती हैं।
- बैलेंस्ड डाइट लें: खाने में प्रोटीन, आयरन, विटामिन और दूसरे जरूरी न्यूट्रिएंट्स शामिल करें।
- माइल्ड हेयर केयर प्रोडक्ट्स चुनें: बालों और स्कैल्प की जरूरत के हिसाब से शैंपू और कंडीशनर का इस्तेमाल करें।
- बालों को कसकर बांधने से बचें: बहुत टाइट पोनीटेल या जूड़ा बालों की जड़ों पर दबाव डाल सकता है।
- स्ट्रेस मैनेज करें: रोज एक्सरसाइज, ज्यादा से ज्यादा नींद और रिलैक्सेशन से ओवरऑल हेल्थ को फायदा मिल सकता है।
- मेनोपॉज के दौरान शरीर में किन मुख्य हार्मोन्स का स्तर कम होने लगता है?
- इस दौरान शरीर में मुख्य रूप से एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन्स का स्तर कम होने लगता है।
- क्या मेनोपॉज के लक्षण हर महिला में एक समान दिखाई देते हैं?
- नहीं, हर महिला के शरीर की बनावट, जेनेटिक्स और जीवनशैली के आधार पर ये लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं।
- हार्मोनल बदलावों के प्रभाव से बालों की सेहत को बचाने के लिए आहार में क्या शामिल करना चाहिए?
- खाने में प्रोटीन, आयरन, विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से जुड़ी भरपूर चीजें शामिल करें।
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