मेनोपॉज में ये फूड्स रखेंगे हार्मोन, हड्डियों और दिल की सेहत का ख्याल

पेरिमेनोपॉज और मेनोपॉज के समय महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं। इनका असर महिलाओं के मूड, बोन और हार्ट हेल्थ पर भी होता है। इस समय पर डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव बहुत जरूरी होते हैं। एक्सपर्ट के बताए ये फूड्स आपके लिए फायदेममंद हो सकते हैं।
Updated:- 2026-07-04, 16:55 IST
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पेरिमेनोपॉज को मेनोपॉज से पहले का चरण माना जाता है। आमतौर पर यह 40 से 45 साल की उम्र में शुरू होता है। हालांकि, आजकल 35-40 की उम्र में भी महिलाओं को पेरिमेनोपॉज की शुरुआत होने लगी है। पेरिमेनोपॉज और मेनोपॉज के लक्षणों को मैनेज करने और इस दौरान सेहतमंद रहने के लिए महिलाओं को डाइट में बदलाव करने चाहिए। इस समय पर हॉट फ्लैशेस, मूड स्विंग्स या नींद न आना जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। आपको इस समय पर डरना या घबराना बिल्कुल नहीं है। याद रखें कि जैसे पीरियड्स का शुरू होना एक नेचुरल प्रोसेस था, वैसे ही पीरियड्स का बंद होना यानी मेनोपॉज भी एक नेचुरल प्रोसेस है। इस समय पर एस्ट्रोजन का ऊपर-नीचे होना, मेटाबॉलिज्म में बदलाव, मूड खराब होना, नींद आने में मुश्किल और हड्डियों में कमजोरी जैसे लक्षण परेशान कर सकते हैं।

यहां हम आपको कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बता रहे हैं, जो आपको इस समय पर जरूर खाने चाहिए। एक्सपर्ट का कहना है कि इन फूड्स को आप पेरिमेनोपॉज से डाइट में शामिल करना शुरू कर सकती हैं। इस बारे में डाइटिशियन मनप्रीत कालरा जानकारी दे रही हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से न्यूट्रिशन्स में मास्टर्स किया है। वह हार्मोन और गट हेल्थ कोच हैं और रीबूट गट हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली की फाउंडर और डायरेक्‍टर हैं।

मेनोपॉज में जरूर खाएं ये फूड्स

  • डाइटिशियन मनप्रीत का कहना है कि ये फूड्स हार्मोनल बदलाव से होने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से लड़ते हैं और मैनोपॉज में दवा की तरह का करते हैं।
  • आपको इस समय पर राजगिरा के आटे की रोटी खानी चाहिए। इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम और प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है, जिससे हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और शरीर को एनर्जी मिलती है। 
  • इस समय पर काफी महिलाओं में जोड़ों में दर्द और चलने-फिरने में कमजोरी महसूस होने लगती है, उसे दूर करने में यह आटा मदद कर सकता है।

anar khane ke fayde

  • मेनोपॉज और पेरिमेनोपॉज में दिल की सेहत का ख्याल रखना चाहिए। इसके लिए आपको अनार का सेवन करना चाहिए। इससे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम होता है और हार्ट हेल्थ दुरुस्त होती है।

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karela for blood sugar level

  • महिलाओं को इस समय पर करेले का सेवन करना चाहिए। इससे ब्लड शुगर लेवल बैलेंस होता है, इंफ्लेमेशन कम होता है और मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है।
  • इस समय पर मूड को सुधारने और और हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए बादाम का सेवन करें। इसमें विटामिन ई, मैग्नीशियम और हेल्दी फैट्स भरपूर मात्रा में होते हैं।
  • मेनोपॉज के समय में अलसी के बीज का सेवन करें। ये एस्ट्रोजन बैलेंस के लिए लिग्नांस का सबसे अच्छा सोर्स होते हैं।
  • सोयाबीन भी मेनोपॉज के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती हैं। ये भी एस्ट्रोजन को बैलेंस करने का काम करती है।

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डाइटिशयन मनप्रीत का कहना है कि मेनोपॉज और पेरिमेनोपॉज के समय इन फूड्स को डाइट का हिस्सा जरूर बनाएं। हरजिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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