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Inspiring Woman: बॉक्सिंग से लेकर कंपनी चलाने तक, फैसले लेने में हिचकिचाती नहीं हैं 'सीखो' फाउंडर दिव्या जैन

कभी-कभी हमारी मुलाकात ऐसी महिलाओं से होती है जो रोल मॉडल बन सकती हैं। ऐसी ही एक महिला हैं दिव्या जैन। 
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Published -27 Feb 2022, 18:21 ISTUpdated -27 Feb 2022, 18:28 IST
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meet divya jain founder of seekho

कई बार हमें लगता है कि दुनिया में बहुत कुछ बदलने की जरूरत है और कई बार हम ये सोचते हैं कि आखिर ये बदलाव कहां से आएगा। इस बदलाव के लिए हम खुद ही जिम्मेदार हो सकते हैं और कम से कम अपनी जिंदगी की शुरुआत तो नए सिरे से की जा सकती है। हम अपने आस-पास ऐसी कई महिलाओं को देखते हैं जो अपना रास्ता खुद तय करती हैं और दूसरों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। ऐसी ही एक महिला हैं Seekho और Safeducate की फाउंडर दिव्या जैन। 

दिव्या उन लोगों में से हैं जो अपने पैशन को हॉबीज से लेकर बिजनेस तक सभी में फॉलो करती हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर हमने दिव्या से बातचीत की और उनके बारे में कुछ बातें जानने की कोशिश की। 

कुछ अपने बारे में बताएं, हॉबीज, एजुकेशन, गोल्स?

'मैं दिल्ली में ही पली-बढ़ी हूं। दिल्ली में पढ़ने के बाद मैंने कैम्ब्रिज से फाइनेंस, बैंकिंग, कंसल्टिंग का कोर्स किया है और फिर मैंने अपनी कंपनी शुरू कर दी और जहां तक मेरी हॉबीज का सवाल है तो मैं फिटनेस को लेकर काफी ध्यान देती हूं। मैं बॉक्सिंग करती हूं, मार्शल आर्ट्स का एक फॉर्म भी सीख रही हूं, मुझे पढ़ना और ट्रैवल करना भी बहुत पसंद है। मुझे नई चीज़ों को एक्सप्लोर करना बहुत पसंद है।'

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बतौर एंटरप्रेन्योर आपको सबसे ज्यादा मुश्किलें किस जगह महसूस हुई?

'एक कंपनी को चलाने के लिए ये बहुत जरूरी होता है कि आप खुद को स्ट्रेच करें और आगे बढ़ें। अगर आप खुद को स्ट्रेच नहीं कर रहे हैं और हर दिन पहले से बेहतर करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं तो ये कहीं न कहीं रुकने जैसा ही है। एक एंटरप्रेन्योर के तौर पर मेरे लिए सबसे ज्यादा मुश्किल होती है भारत के एम्प्लॉयबिलिटी स्कोर को देखकर।'

'ऐसा कोई हल निकालना मेरा काम है कि भारत के युवा को अपने लिए नौकरी मिले। ये समस्या धीरे-धीरे बहुत बढ़ती जा रही है। एक कंपनी चलाने में सबसे पहले आपको ये सोचना होता है कि आपको कौन सी प्रॉब्लम पहले सॉल्व करनी है। ये बहुत बड़ा फैसला होता है क्योंकि आपके सामने एक साथ बहुत कुछ आता है।' 

'आपको ये सीखने में बहुत समय लग सकता है कि किस तरह की प्रॉब्लम पहले सॉल्व करनी है। अगर आपको लगता है कि कोई समस्या सही नहीं है तो उसे हल करने के लिए भी आपको पहले ही काम करना होगा।' (आखिर क्यों मनाया जाता है महिला दिवस)

divya jain seekho founder

3. एजुकेशन के मामले में हमारे यहां रटे हुए ज्ञान को महत्व दिया जाता है, स्कूल में नंबर कितने आए ये पूछा जाता है, ऐसे में स्किन डेवलपमेंट की जरूरत कितनी है और किस तरह से 'सीखो' उसमें मदद करता है?

'देखिए ये सच है कि भारत में मटेरियलिस्टिक एजुकेशन पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। भारत में एजुकेशन एक जगह अटक गई है। पर हमें ये समझने की कोशिश करनी चाहिए कि एजुकेशन थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों के हिसाब से ही जरूरी होती है। जैसे आप नॉर्मल एजुकेशन में मैथ्स सीखोगे, साइंस सीखोगे, डेटा सीखोगे, लेकिन उसे असल जिंदगी में कैसे अप्लाई करना है वो आपको सीखो सिखाता है। ये पूरी तरह से प्रैक्टिकल एजुकेशन पर आधारित है।' (देश की सबसे पावरफुल महिलाएं)

4. आपको बॉक्सिंग का भी शौक है, बॉक्सिंग और बिजनेस में तालमेल किस तरह का बैठता है? 

'जी हां मुझे बॉक्सिंग बहुत पसंद है, ये एक ऐसा स्पोर्ट है जिसमें रेगुलर प्रैक्टिस बहुत जरूरी है और ये रोज़ाना होता है। आपको बहुत जल्दी सोचना होता है। अगर आपको हिलना भी है तो पहले सोचना होगा और फिर वो करना होगा। जब आप मारोगे तो आप में ताकत भी होनी चाहिए और आपका दिमाग भी चलते रहना होगा। ये तीनों ही नियम बिजनेस में भी काम करते हैं। आप अगर रुक गए तो आप पीछे रह जाएंगे और फैसले लेने के लिए आपको तुरंत सोचना भी होगा। ऐसी कई चीज़ें हैं जो मैं बिजनेस में भी यूज करती हूं और बॉक्सिंग मुझे उसमें मदद करती है।' 

5. अगर कोई महिला खुद का कोई बिजनेस शुरू करना चाहे तो उसे सबसे पहले छोटे से छोटे लेवल पर क्या करना चाहिए? 

'सबसे पहले तो हमारे लिए स्ट्रेंथ बहुत जरूरी है। आपको ये ध्यान रखना है कि आपको अपने फाइनेंस को ध्यान में रखना है और अपना फाइनेंस अकाउंट चालू करें और अपने फाइनेंस को समझें। अधिकतर हमने देखा है कि महिलाएं पति, पिता, बेटे की मदद से बैंक अकाउंट भी खोलने जाती हैं। इसमें कोई डर की बात नहीं है। आपको ये समझना होगा कि आप अगर ये नहीं सोचेंगी कि आप कर सकती हैं तो आप कभी नहीं कर पाएंगी। खुद में हिम्मत रखें और कभी हार के बारे में सोचकर घबराएं नहीं।' 

divya jain and her business

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6. आपका नाम '50 most powerful change-makers' की लिस्ट में आ चुका है, आपको ASEAN achievers award मिल चुका है, इन उपलब्धियों को आप किस तरह से देखती हैं? 

'मैं ये कहना चाहूंगी कि अचीवमेंट से ज्यादा मुझे असर करता है वो है कस्टमर लव। जिन बच्चों को हमारी सर्विसेज के कारण बेहतर सुविधा मिली है वो मेरे लिए काफी अच्छा है। पर मुझे भी ये लगता है कि अवॉर्ड्स जरूरी होते हैं। सिर्फ इसलिए नहीं कि ये मुझे अच्छा लगेगा बल्कि इसलिए क्योंकि सोसाइटी को ये पता चलेगा कि महिलाएं कितनी आगे बढ़ रही हैं और कितना काम कर सकती हैं। अगर महिलाएं देखेंगी कि उनकी तरह ही किसी महिला को कोई बहुत अच्छा अवॉर्ड मिल रहा है तो वो भी प्रेरित होंगी। ये जरूरी है कि सोसाइटी में और भी ज्यादा महिला रोल मॉडल हों।' 

divya jain women day interview

7. परिवार की बात करें तो परिवार का सपोर्ट आपको कितना रहा और ये कितना अहम हो सकता है किसी महिला के लिए? 

'मैं तो यही कहूंगी कि परिवार मेरी बैकबोन है। मैं अपनी सास से ही शुरू करना चाहूंगी, उन्होंने कभी काम नहीं किया, लेकिन उन्होंने मुझे बहुत सपोर्ट किया। इस तरह का सपोर्ट अगर मिलता है तो मुझे पता है कि किसी भी हालत में मेरे पीछे मेरी मां खड़ी है। मेरे ससुर से बिजनेस के बारे में सीखा है और 40 साल पुरानी सीख आज भी काम आती है। मेरे पति भी मुझे बराबर ट्रीट करते हैं और ये यकीनन एक बहुत ही अच्छा ऑप्शन है।' 

'परिवार को साथ मिलकर आना होता है तभी हर तरह की मुश्किलों को हल किया जा सकता है। अगर मुझे ये डर बना रहेगा कि घर पर बच्चे कैसे होंगे और किस तरह से वो अपना काम कर रहे होंगे तो शायद मैं कभी वो न कर पाऊं जो कर रही हूं। हर महिला के लिए ये सपोर्ट एक पॉजिटिव सोच का काम करता है।' 

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8. क्या ऐसी कोई बात है जो आप हमारे रीडर्स से शेयर करना चाहें? 

'मैं ये जरूर कहना चाहूंगी कि भले ही काम करने का प्रेशर न हो, लेकिन महिलाओं फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस मिलनी चाहिए और यही उनके आगे बढ़ने की प्रेरणा होगी। हर परिवार को ये सोचना चाहिए कि वो अपनों को किस तरह से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।'

 

दिव्या जैन उस स्ट्रॉन्ग महिला की छवि को साकार करती हैं जो अपने कदम कभी पीछे नहीं रखती। ध्यान रखें अगर आप अपने मन में कुछ भी ठान लें तो आप उस काम को पूरा कर सकती हैं। हमारी तरफ से सभी खूबसूरत महिलाओं को हैप्पी वुमन्स डे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से। 

 
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