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आईएएस ऑफिसर रुक्मिणी रियार छठी क्लास में हो गई थीं फेल, जानिए कैसे क्लियर किया यूपीएससी एग्जाम

स्कूल में जब रुक्मिणी रियार क्लास छठी में फेल हुई थीं, तो उन्होंने अपना सेल्फ कॉन्फिडेंस खो दिया था, लेकिन फिर कैसे उन्होंने यूपीएससी एग्जाम को क्लियर किया, आइए इस लेख में जानते हैं।  
Updated:- 2023-05-04, 16:54 IST
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हर व्यक्ति की जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव आते हैं और यह जरूरी नहीं है कि आपको हर कदम पर सफलता हासिल हो। हार की सीढ़ियां चढ़ने के बाद ही मुकाम हासिल होता है। अपने सपनों को दिमाग में रखकर आगे बढ़ने से सबकुछ हासिल किया जा सकता है। न्यूज इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आईएएस ऑफिसर रुक्मिणी रियार जब छठी क्लास में फेल हो गई थी, लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि साल 2011 में जब उन्होंने यूपीएससी एग्जाम दिया, तो उन्हें ऑल इंडिया रैंक 2 मिली थी। चलिए आज हम आपको उनकी इंस्पिरेशनल स्टोरी बताते हैं।

डर से जीतकर आगे बढ़ीं आईएएस रुक्मिणी रियार

success story of ias rukmani riar

पंजाब के गुरदासपुर की रहने वाली रुक्मिणी रियार पढ़ाई में एवरेज थीं, लेकिन वह छठी कक्षा में फेल हो गई थीं, जिसके कारण उनके मन में डर बैठ गया था। इसके बाद उन्हें डिप्रेशन भी हो गया और उन्हें बहुत शर्म आती थी कि वह फेल हुई हैं। वह अपनी फैमिली और फ्रेंड्स से बात करने से भी घबराती थीं। कई महीनों तक तनाव में रहने के बाद उन्होंने यह ठान लिया कि वह कभी असफल नहीं होंगी और माता-पिता का नाम रोशन करेंगी।

स्कूल की पढ़ाई खत्म होने के बाद रुक्मिणी ने अपनी आगे की पढ़ाई अमृतसर से पूरी की और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया।(जानिए कैसे आईएएस अफसर श्रीधन्या सुरेश ने क्रैक किया यूपीएससी एग्जाम)उन्होंने सोशल साइंस में ग्रेजुएशन पूरी की। इसके बाद, पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए मुंबई के टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेस में एडमिशन लिया।

उन्हें ग्रेजुएशन में बेहतर प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया था। रुक्मिणी ने मुंबई में ही रहकर अन्नपूर्णा महिला मंडल के साथ इंटर्नशिप पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी करना शुरू किया।

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यूपीएससी एग्जाम की तैयारी कैसे की?

यूपीएससी की परीक्षा की खूब मन लगाकर तैयारी की और वह रोजाना न्यूजपेपर पढ़ने के अलावा पुराने पेपर्स भी सोल्व किया करती थी। इसका यह नतीजा हुआ कि पहले ही प्रयास में रुक्मिणी रियार ने सफलता हासिल कर ली। (जानें IAS अधिकारियों को मिलती हैं कौन-कौन सी सुविधाएं)साल 2011 में रुक्मिणी ने यूपीएससी ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की और लोगों के सामने यह उदाहरण भी पेश किया किया कि अगर मन में कुछ ठान लिया जाए तो उसे पूरा किया जा सकता है। आईएएस रुक्मिणी रियार फिलहाल श्रीगंगानगर जिला कलेक्टर के पद  हैं।

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