World Hypertension Day 2026: हाई बीपी को Silent Killer क्यों माना जाता है? डॉक्टर से समझें

बीपी का लंबे समय तक हाई रहना शरीर के कई अंगों पर असर डालता है और इसकी वजह से बॉडी फंक्शंस प्रभावित हो सकते हैं। यह बीमारी आजकल लोगों में तेजी से बढ़ती जा रही है। ऐसे में इसके बारे में जागरुक होना बहुत जरूरी है। इसी के लिए आज यानी 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (World Hypertension Day 2026) मनाया जा रहा है। यूं तो बीपी का हाई या लो होना दोनों ही सही नहीं हैं, लेकिन हाई बीपी को साइलेंट किलर माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसके लक्षण शुरुआत में पकड़ पाना भी मुश्किल होता है। चलिए इसके बारे में एक्सपर्ट से समझते हैं। इस बारे में Dr. Anup Taksande, Clinical Director - Cardiology and Cardiac Interventions, KIMS Hospitals, Thane जानकारी दे रहे हैं।
हाई ब्लड प्रेशर को क्यों कहा जाता है साइलेंट किलर?
- हाई बीपी यानी हाइपरटेंशन को एक खास वजह से साइलेंट किलर कहा जाता है। दरअसल आमतौर पर यह बिना किसी लक्षण के विकसित होता है और वक्त के साथ चुपचाप शरीर के जरूरी ऑर्गन्स पर असर डालता है। हाई बीपी से परेशान ज्यादातर लोगों को पूरी तरह नॉर्मल महसूस होता है। इसी के चलते इसे शुरुआत में पहचाना भी मुश्किल होता है। ऐसे में जब तक इसके बारे में पता चलता है, तब तक यह कई जरूरी अंगों को प्रभावित कर चुका होता है।
- आमतौर पर किसी भी हेल्थ कंडीशन के वॉर्निंग साइन नजर आने लगते हैं, लेकिन हाइपरटेंशन में कई बार सालों तक कोई लक्षण दिखाई नहीं देता है।
- कई बार लोगों को सिरदर्द, चक्कर आना या कमजोरी महसूस होती है, लेकिन सिर्फ इन्हें हाई बीपी का संकेत नहीं माना जा सकता है। ऐसे में समय-समय पर बीपी की जांच करवाना जरूरी है।
- जिन लोगों के परिवार में किसी को हाई बीपी है, या जो लंबे समय से तनाव में हैं, उन्हें इसका खतरा ज्यादा रहता है। जिन लोगों का वजन ज्यादा है, डायबिटीज है या लाइफस्टाइल सही नहीं है, उन्हें भी बीच-बीच में बीपी जरूर चेक करवाना चाहिए।
- हाई बीपी का सबसे बड़ा खतरा यह है कि शरीर पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। लंबे समय तक बीपी बढ़े रहने के चलते आर्टरीज पर दबाव पड़ता है और वो संकरी होने लगती हैं।
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- इसकी वजह से हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हार्ट फेलियर और किडनी की बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। एक्सपर्ट का कहना है कि कई लोगों को हाई बीपी का पता तब लगता है, जब इसकी वजह से कोई बड़ी बीमारी शरीर में घर कर चुकी होती है, इसलिए इसे साइलेंट किलर माना जाता है।
- इसका समय पर पता लगाया जा सके, इसके लिए समय-समय पर बीपी चेक करवाते रहना जरूरी है। आप घर पर बीपी मॉनिटर करने वाली मशीन रख सकती हैं।
- इसके अलावा हेल्दी डाइट लें, नमक कम खाएं, फिजिकी एक्टिव रहें, तनाव से दूर रहें और अच्छी नींद लें ताकि इसके खतरे को कम किया जा सके।
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एक्सपर्ट का कहना है कि बीपी को नियमित रूप से मॉनिटर जरूर करें। अगर आपको हाई बीपी के संकेत नजर आएं, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें। हरजिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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