पीरियड्स के दौरान या बाद में वजाइना में गर्मी क्यों महसूस होती है? डॉक्टर से जानें

पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर में कई बदलाव होते हैं। पीरियड्स और पीएमएस के समय पर महिलाओं को मूड स्विंग्स, थकान और चिड़चिड़ापन जैसी कई दिक्कतें महसूस होती हैं। पीरियड्स के दौरान पेट दर्द, कमर दर्द और पैरों में दर्द जैसी परेशानियों से दो-चार होना पड़ता है। पीरियड्स के दिनों में कई लड़कियों को वजाइना में जलन, बर्निंग सेंसेशन, गर्मी और जलन महसूस होती है। कई बार पीरियड्स के बाद भी ऐसा होता है। इसके पीछे की वजह के बारे में काफी महिलाओं को जानकारी नहीं होती है। ऐसा क्यों होता है और क्या यह नॉर्मल है या आपको इसके लिए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। चलिए इसका जवाब एक्सपर्ट से जानते हैं। डॉक्टर सोनू खोखर, एमबीबीएस, हेल्थ एंड वेलनेस एक्सपर्ट (Dr. Sonu Khokhar, MBBS Doctor, Health and Wellness Expert) से हुई बातचीत के आधार पर हम आपको इस बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं।
पीरियड्स के दौरान या बाद में वजाइना में गर्मी क्यों महसूस होती है?

- पीरियड्स के दौरान, महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के लेवल में बदलाव होता है। पीरियड्स के दौरान और बाद में एस्ट्रोजन का स्तर कम हो जाता है। इसकी वजह से कई बार वजाइना की स्किन रूखी होने लगती है और कई महिलाओं को वजाइना में गर्मी महसूस होती है।
- कई बार पीरियड्स के दिनों में शरीर का तापमान भी थोड़ा बढ़ जाता है और इसकी वजह से भी वजाइना के आसपास गर्माहट महसूस होने लगती है। कई महिलाओं को पीरियड शुरू होने से पहले तो कई महिलाओं को इसके बाद ऐसा फील होता है।
- पीरियड्स के दौरान वजाइना का पीएच बैलेंस प्रभावित होता है और यीस्ट इंफेक्शन या बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
- लंबे समय तक एक ही पैड का इस्तेमाल करने से भी ऐसा हो सकता है। ऐसे में पीरियड्स में हाइजीन का ख्याल रखना बहुत जरूरी है।
- पीरियड के समय पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो भी बढ़ जाता है और इसकी वजह से भी आपको जलन या गर्माहट महसूस हो सकती है।
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क्या डॉक्टर से मिलना है जरूरी?

अगर पीरियड्स के दिनों में या इसके बाद आपको वजाइना में हल्की गर्माहट महसूस हो, तो यह नॉर्मल है, लेकिन आपको हाइजीन का ध्यान रखना चाहिए और इसे 2-3 दिन में खुद ही ठीक हो जाना चाहिए। लेकिन, अगर आपको इनमें से कोई लक्षण नजर आ रहे हैं, तो डॉक्टर से जरूर मिलें।
- तेज जलन या दर्द
- बदबूदार डिस्चार्ज
- लगातार खुजली और गर्माहट
- बुखार
- इंटिमेसी के दौरान दर्द
- पेशाब करते समय परेशानी
इन बातों का रखें ध्यान
- पीरियड्स के दौरान हर 4-5 घंटे में पैड बदलना जरूरी है।
- कॉटन अंडरवियर पहनें।
- वजाइनल एरिया को साफ रखें।
- शरीर को हाइड्रेट रखें।
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एक्सपर्ट का कहना है कि पीरियड्स के दौरान,इससे पहले या इसके बाद शरीर में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर महिलाओं के शरीर में साफ नजर आता है, ऐसे में इस पर ध्यान देना जरूरी है। हरजिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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