गर्भपात का खतरा महिलाओं में क्यों बढ़ रहा है? डॉक्टर ने बताईं ऐसी बातें, जो हर गर्भवती को जानना है जरूरी

गर्भपात महिलाओं के लिए न सिर्फ फिजिकली बल्कि इमोशनली भी दर्दनाक अनुभव होता है। आज भी भारत में कई महिलाएं और उनके परिवार के सदस्य इन कारणों को पूरी तरह समझ नहीं पाते, जिनकी वजह से गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है जैसे शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी, बहुत ज्यादा तनाव, अनियमित लाइफस्टाइल या पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याएं।
RISAA IVF की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट और डायरेक्टर, डॉ. रीता बक्शी के अनुसार, अगर सही समय पर जागरूकता दिखाई जाए और कुछ आसान लेकिन जरूरी स्टेप्स उठाए जाएं, तो गर्भपात के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है और हेल्दी गर्भावस्था को बेहतर तरीके से सपोर्ट किया जा सकता है।

डॉक्टर का यह भी कहना है कि भारत में कई महिलाएं अनजाने में इन संकेतों और खतरे को नजरअंदाज कर देती हैं, जो प्रेग्नेंसी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। अक्सर शुरुआती लक्षणों को सामान्य समझकर टाल दिया जाता है, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।
इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही प्रमुख कारणों, शुरुआती चेतावनी संकेतों और जरूरी सावधानियों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं, जिन्हें समय रहते पहचानना और समझना मां और शिशु दोनों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
भारत में गर्भपात के बढ़ते खतरे के कारण
डॉक्टर बख्शी के अनुसार, इन कारणों को सही देखभाल से मैनेज किया जा सकता है-
- पोषक तत्वों की कमी- आयरन, फोलेट, विटामिन B12 और विटामिन D की कमी भ्रूण के विकास को प्रभावित कर सकती है और गर्भपात के खतरे को बढ़ाते हैं।
- एनीमिया और अन्य बीमारियां- एनीमिया का समय पर इलाज न करने, थायराइड असंतुलन और डायबिटीज जैसी समस्याएं प्रेग्नेंसी को सहारा देने की शरीर की क्षमता को कम कर देते हैं।
- लाइफस्टाइल का तनाव- काम के लंबे घंटे, आराम की कमी और पुराना तनाव हार्मोन को प्रभावित करते हैं।
- देर से गर्भधारण- शिक्षा या करियर के कारण बढ़ती उम्र में मां बनना स्वाभाविक रूप से गर्भपात की संभावना को बढ़ाता है।
- पर्यावरण का असर- वायु प्रदूषण और हानिकारक केमिकल्स के संपर्क में आना भी खतरे से भरा हो सकता है।
इन शुरुआती लक्षणों को बिल्कुल न करें इग्नोर
यदि आपको इनमें से कोई भी संकेत दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें-
- वजाइना से ब्लीडिंग आना
- पेट के निचले हिस्से या पीठ में तेज दर्द
- प्रेग्नेंसी के लक्षणों का अचानक गायब हो जाना
- दर्दनाक ऐंठन या बुखार
- कमजोरी या चक्कर आना
यह भी पढ़ें- गर्भपात से बचने के लिए क्या करना चाहिए? एक्सपर्ट से जानें
स्वस्थ गर्भावस्था के लिए अपनाएं ये आदतें
- संतुलित और पौष्टिक भोजन करें।
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार सप्लीमेंट्स लें।
- रेगुलर हेल्थ चेकअप के लिए जाएं।
- तनाव कम करें, पर्याप्त आराम करें और तंबाकू-अल्कोहल से दूर रहें।
हर गर्भावस्था अलग होती है। कुछ भी नया शुरू करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह लें। समय पर मिली सलाह मां और बच्चे दोनों को सुरक्षित रख सकती है।
यह भी पढ़ें- बार-बार मिसकैरेज हो तो क्या करें? डॉक्टर से जानें
हरजिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image Credit: Shutterstock
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।