गुपचुप शरीर को चपेट में ले लेता है हाई बीपी, महीनों तक नजर नहीं आते हैं इसके लक्षण; जानें महिलाएं कैसे कम कर सकती हैं इसका खतरा

हाई बीपी यूं तो बढ़ती उम्र के साथ होने वाली एक आम समस्या है, लेकिन अगर लंबे समय तक बीपी हाई रहे तो इसका शरीर पर बुरा असर होता है। यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक का कारण बन सकता है। हाई बीपी के बारे में सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि इसके शुरुआती लक्षण कई बार पता ही नहीं चलते हैं। जब इसका असर हमारे दिल, दिमाग या शरीर के किसी अन्य हिस्से पर होने लगता है, तब अमूमन महिलाएं डॉक्टर के पास जाती हैं और उन्हें पता चलता है कि वे हाइपरटेंशन की शिकार हो चुकी है। हाई बीपी से आपको डरने या घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सही डाइट, लाइफस्टाइल और डॉक्टर की बताई दवाइयों के साथ इसे आसानी से मैनेज किया जा सकता है हालांकि, इसकी समय पर पहचान जरूरी है। साथ ही, इससे बचने के लिए कुछ खास टिप्स की मदद भी लेनी चाहिए। एक्सपर्ट के बताए इन टिप्स से आप हाइपरटेंशन के खतरे को कम कर सकते हैं। यह जानकारी डाइटिशियन मनप्रीत दे रही हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से न्यूट्रिशन्स में मास्टर्स किया है। वह हार्मोन और गट हेल्थ कोच हैं और रीबूट गट हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली की फाउंडर और डायरेक्टर हैं।
हाई बीपी के लक्षण शुरुआत में नहीं आते हैं नजर
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एक्सपर्ट का कहना है कि WHO की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में 30-79 की उम्र के लगभग 1.4 बिलियन व्यस्क हाई बीपी के शिकार हैं और काफी लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है कि उन्हें यह दिक्कत है। यही वजह है कि हाई बीपी को साइलेंट किलर भी कहा जाता है, क्योंकि कई लोगों में इसके कोई लक्षण नजर नहीं आते हैं और हार्ट अटैक, स्ट्रोक या किडनी खराब होने पर उन्हें पता चलता है कि उन्हें हाइपरटेंशन है। आजकल अतिरिक्त नमक, प्रोसेस्ड फूड्स, नींद की कमी, तनाव, अनियमित जीवनशैली, हाई शुगर और कैफीन के कारण लोगों को हाई बीपी हो सकता है। 45 की उम्र से पहले हार्ट अटैक के पीछे नींद की कमी, खराब डाइट और फिजिकल एक्टिविटी की कमी हो सकती है।
हाई बीपी के खतरे से बचने के लिए इन टिप्स को करें फॉलो

- एक्सपर्ट का कहना है कि हाई बीपी के खतरे से बचने के लिए समय-समय पर बीपी की जांच जरूरी है। अगर आपको कोई लक्षण महसूस नहीं हो रहे हैं, तब भी हर महीने बीपी की जांच जरूर करवाएं।
- पोटैशियम रिच फूड्स को डाइट में शामिल करें। इससे भी हाई बीपी का खतरा कम होता है। डाइट में केला, पालक और नारियल पानी को शामिल करें।
- अगर आपका बीपी बढ़ा हुआ आए, तो इस पर तुरंत ध्यान दें।
- रोजाना 30 मिनट ब्रिस्क वॉक करें। यह भी बीपी को कम करने का काम करता है।
- ब्रीदिंग एक्सरसाइज, योगा और मेडिटेशन की मदद से स्ट्रेस को मैनेज करें।
यह भी पढ़ें- बीपी हमेशा रहता है हाई? एक्सपर्ट के बताए इन टिप्स से करें कंट्रोल
हाई बीपी से बचने के लिए, महिलाओं को इन टिप्स की मदद लेनी चाहिए। अगर आपको स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या है, तो हमें आर्टिकल के ऊपर दिए गए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम अपने आर्टिकल्स के जरिए आपकी समस्या को हल करने की कोशिश करेंगे।
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Image Credit:Freepik, Shutterstock
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