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आयुर्वेद के अनुसार, वात दोष का पीरियड्स पर क्या होता है असर?

शरीर में पाए जाने वाले तीनों दोषों के असंतुलन का हमारे स्वास्थ्य से सीधा रिश्ता होता है। वात, पित्त और कफ दोष का पीरियड्स पर भी असर होता है, इस बारे में आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानिए। <div>&nbsp;</div>
Updated:- 2023-05-31, 12:12 IST
how vata dosha affects period health

पीरियड्स का रिश्ता सिर्फ महिलाओं की फर्टिलिटी से नहीं हैं, बल्कि इसके महिलाओं की ओवरऑल हेल्थ जुड़ी होती है। पीरियड्स का हेल्दी होना महिलाओं की सेहत के लिए बहुत जरूरी है। लाइफस्टाइल, तनाव और खान-पान की आदतों का पीरियड्स पर सीधा असर होता है। महिलाओं को पीरियड हेल्थ को ट्रैक करना चाहिए जो ज्यादातर महिलाएं नहीं करती हैं। पीरियड साइकिल कितने दिनों का, फ्लो किस तरह का है, पीरियड्स में दर्द कितना हो रहा है, ब्लड किस रंग का आ रहा है, ये सब बातों महिलाओं को हर महीने नोट करनी चाहिए। अगर पीरियड साइकिल में अचानक से कोई बदलाव आए तो उसे भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

आयुर्वेद के अनुसार, हमारे शरीर में वात, पित्त और कफ, तीन दोष पाए जाते हैं। शरीर में पाए जाने वाले तीनों दोषों के असंतुलन का हमारे स्वास्थ्य से सीधा रिश्ता होता है। शरीर में मौजूद तीनों दोषों के सेहत पर असर की बात की जाती है लेकिन इनके पीरियड्स पर प्रभाव को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। वात, पित्त और कफ दोष का पीरियड्स पर भी असर होता है। वात दोष का पीरियड्स पर क्या असर होता है, इस बारे में आयुर्वेदिक डॉक्टर नीतिका कोहली ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से जानकारी शेयर की है।

वात दोष का पीरियड्स पर असर

periods and vata dosha connection

  • आयुर्वेद के अनुसार, किसी भी व्यक्ति में दो दोष प्रधान होते हैं यानी की वात, पित्त और कफ तीनों में से दो दोष अधिक होते हैं।
  • पित्त प्रधान महिलाओं(पित्त दोष का पीरियड्स पर असर) को पीरियड में हैवी फ्लो होता है। वहीं, जिन महिलाओं में वात दोष की अधिकता होती है यानी की जो महिलाएं वात दोष प्रधान होती हैं, उनमें पीरियड्स में ब्लड का फ्लो कम होता है।
  • ब्लड फ्लो गहरे लाल रंग या भूरे रंग का होता है।
  • पीरियड फ्लो(पीरियड फ्लो में बदलाव) में आने वाला खून हल्का सूखा हुआ या पुराना होता है।
  • आयुर्वेद की मानें तो वात प्रकृति वाली महिलाओं को पीरियड्स के दौरान तेज क्रैम्प्स होते हैं। कमर के निचले हिस्से और सिर में भी अधिक दर्द होता हैwhich dosha causes irregular periods

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  • वजाइना की वॉल भी ड्राई महूसस होती है।
  • जिन महिलाओं में वात दोष अधिक होता है, उन्हें पीरियड्स के दौरान कब्ज और गैस की समस्या हो सकती है।
  • पीरियड्स कम दिन के लिए आते हैं। वात प्रकृति की महिलाओं को 2-4 दिन के लिए ही पीरियड्स होते हैं।
  • पीरियड अनियमित होते हैं। ज्यादातर सही डेट पर पीरियड्स नहीं आते हैं।

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Image Credit:Freepik

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