बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे को हुआ हाई ग्रेड कैंसर, जानें क्या है ये

बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे को हाई ग्रेड कैंसर हुआ है। सोनाली ने खुद इस बात की जानकारी सोशल मीडिया पर दी थी। अभी न्यूयॉर्क में उनका इलाज चल रहा है। बॉलीवुड सेलेब्स भी इस खबर से काफी दुखी हैं और सोनाली की अच्छी हेल्थ की दुआएं कर रहे हैं। हालांकि सोनाली सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं और सबके मैसेज का जवाब दे रही हैं।
सोनाली बेंद्रे ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस बारे में जानकारी दी है। सोनाली ने लिखा, ''हाल ही में चेकअप के बाद मुझे ये पता चला है कि मुझे हाईग्रेड मेटास्टेटिस कैंसर है। इसकी उम्मीद मुझे कभी नहीं थी। लगातार होने वाले दर्द के बाद मैंने अपनी चेकअप करवाई जिसके बाद चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई।'' सोनाली बेंद्रे के इस पोस्ट के बाद ही सभी जानना चाहते हैं कि आख़िर यह कैंसर कौन सा है, किस स्टेज पर है और कितना ख़तरनाक है। आइए जानें क्या है मेटास्टेटिक कैंसर, इसके लक्षण और इसका इलाज।
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सोनाली को हुआ मेटास्टेटिक कैंसर
मेटास्टेटिक कैंसर शरीर के बाकी हिस्सों में फैल जाता है इसलिए यह अन्य कैंसर की तुलना में खतरनाक माना जाता है। जी हां कैंसर के सेल्स टूटने के बाद ब्लड में मिलकर शरीर के बाकी हिस्सों में भी फैल जाते हैं। जिससे कि पूरे शरीर की प्रक्रिया प्रभावित होने लगती है। मेटास्टेटिक एक गंभीर स्टेज है क्योंकि इसका मतलब है कि कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकता है।
कैसे फैलता है मेटास्टेटिक कैंसर?
ट्यूमर के फटने के बाद ब्लड के जरिए यह कैंसर पूरे शरीर में फैलकर सबसे पहले हड्डियों को अपना शिकार बनाता है। इसके बाद यह कैंसर फेफड़ों, लिवर और दिमाग में फैलता है। इसके बाद यह ट्यूमर यूटरस, ब्लैडर, बड़ी आंत और ब्रेन बोन की तरफ बढ़ता है।
मेटास्टेटिक कैंसर के लक्षण?
- मेटास्टेटिक कैंसर के लक्षणों में मुख्य रूप इस बात पर ज्यादा निर्भर करते हैं कि कैंसर बॉडी के किस हिस्से तक फैल रहा है। जैसे अगर कैंसर की शुरुआत हड्डियों से होती है या हड्डियों में फैलता है तो हड्डियां कमजोर हो जाती हैं जिसके की दर्द रहने लगता है और फ्रैक्चर भी संभव है।
- अगर कैंसर ब्रेन पर हमला करता है तो सिरदर्द, दौरे पड़ना या चक्कर आना के लक्षण दिखते हैं।
- इसी तरह जब कैंसर फेफड़ों की ओर बढ़ता है तो सांस लेने में दिक्कत आने लगती है।
- वहीं जब कैंसर लीवर तक पहुंचता है तो पेट में सूजन, दर्द और पीलिया लक्षण के रूप में उभरते हैं।
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मेटास्टेटिक कैंसर की स्टेज
- पहली स्टेज में कैंसर छोटा और एक जगह होता है। इस स्टेज को कैंसर की शुरुआती स्टेज भी कहा जाता है।
- दूसरी और तीसरी स्टेज में कैंसर बड़ा होने लगता है, जो टिश्यु या लिम्फ नोड्स में फैलने लगता है।
- चौथी स्टेज कैंसर की सबसे खतरनाक स्टेज होती है। इस स्टेज में कैंसर बॉडी के बाकी अंगों में फैल जाता है। इसे एडवांस या मेटास्टेटिक कैंसर भी कहा जाता है।
एक समय के बाद मेटास्टेटिक कैंसर के सेल्स को बढ़ने से रोकना मुश्किल हो जाता है। क्योंकि यह पूरी बॉडी में फैल जाता है। लेकिन अगर समय रहते कैंसर का पता लग जाए तो इस कैंसर के कहर से रोगी को बचाया जा सकता है।
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