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कुंदन से बिल्कुल अलग होती है पोल्की ज्वेलरी, जानें इससे जुड़े कुछ दिलचस्प तथ्य

हममें से कई महिलाएं पोल्की और कुंदन ज्वेलरी में फर्क ही नहीं समझ पाती हैं। आइए पोल्की बारे में कुछ अन्य तथ्य भी जानें।
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polki jewellery facts

रॉयल और रीगल टच वाली पोल्की ज्वेलरी बेहद सुंदर दिखती है। ऐसा कहते हैं कि कोई भी ब्राइडल जोड़ा एक पोल्की सेट के बिना अधूरा होता है, मगर अब इसे सिर्फ ब्राइडल अटायर के साथ ही नहीं, बल्कि हर आउटफिट के साथ एक्सपेरिमेंट के साथ स्टाइल करते देखा जाता है। मुगलों द्वारा भारत में लाई गई पोल्की, ज्वेलरी डिजाइन की सबसे पुरानी शैलियों में से एक है।

यह भले ही मुगलों के साथ भारत आया हो लेकिन आज यह भारतीय परंपरा और संस्कृति का एक समृद्ध हिस्सा भी बन गया है। अनफिनिश्ड नेचुरल डायमंड और स्टोन के रॉ फॉर्म से एक शानदार पोल्की सेट तैयार किया जाता है। हालांकि इसकी पहचान और कीमत कम लोग ही समझ पाते हैं।

हममें से अधिकतर महिलाएं पोल्की और कुंदन को एक समान समझ लेती हैं। मगर कुंदन और पोल्की में बहुत फर्क होता है। सबसे बड़ा फर्क यही है कि पोल्की मुगलों द्वारा प्राप्त है और कुंदन राजस्थानी ज्वेलरी है। पोल्की के बारे में और भी बहुत कुछ है जो आपको जानना चाहिए, तो चलिए बिना देरी किए इस आर्टिकल को पूरा पढ़ जानें पोल्की ज्वेलरी के बारे में।

क्या होती है पोल्की ज्वेलरी?

what is polki jewellery

ऐसा क्या होता पोल्की ज्वेलरी में जो इसे खास और आकर्षक बनाता है? आपको बता दें कि पोल्की हीरे से बने होते हैं और यह स्पेशली हैंड-क्राफ्टेड होते हैं। पोल्की में जो स्टोन इस्तेमाल किए जाते हैं, जिन्हें पोल्की स्टोन्स भी कहते हैं, वास्तव में, अनकट, अनफिनिश्ड डायमंड्स होते हैं, जिन्हें सीधे तौर पर माइनिंग से प्राप्त किया जाता है। इन हीरों को उनकी सबसे नेचुरल फॉर्म में यूज किया जाता है जो पोल्की को एक क्लास प्रदान करते हैं। इसमें हीरों के सुंदर डिजाइन और पैटर्न के बेहद आकर्षक पैटर्न का इस्तेमाल किया जाता है।

कैसे बनाई जाती है पोल्की ज्वेलरी?

polki ruby jewellery

जैसा कि हमने आपको बताया कि पोल्की ज्वेलरी के सेट्स में एक चीज खास होती है, जो अनकट डायमंड होता है। इन पोल्की स्टोन्स को को लाक और महीन शुद्ध सोने की पन्नी का उपयोग करके सोने के आभूषणों में सेट किया जाता है। सोने की पन्नी पोल्की पत्थरों को एक साथ रखती है और उन्हें अपनी स्थिति में बनाए रखती है।

कभी-कभी इनमें रूबी, सफायर, एमेरल्ड्स और अन्य जेमस्टोन्स भी अनकट डायमंड्स के बीच लगाए जाते हैं। यह पोल्की के डिजाइन को और वर्सेटाइल और क्लासी अपील देता है।

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क्या होती है जड़ाऊ पोल्की?

what is jadau polki

हममें से ज्यादातर लोग खासकर महिलाएं जड़ाऊ को पोल्की या कुंदन की तरह एक अलग तरह की ज्वेलरी समझ लेते हैं जो कि गलत है। जड़ाऊ ज्वेलरी नहीं होती, बल्कि यह वास्तव में, पोल्की या कुंदन के आभूषण बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली एक तकनीक होती है। इसे इंग्रेव्ड ज्वेलरी मेकिंग भी कहते हैं और मुगल काल से राजस्थान और गुजरात के क्षेत्र में इसका काफी प्रचलन है। जड़ाऊ पोल्की आभूषणों के लिए अत्यधिक कुशल शिल्प कौशल की आवश्यकता होती है क्योंकि उनमें अक्सर जटिल रूप से बारीक और नाजुक डिजाइन और पैटर्न शामिल होते हैं।

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पोल्की और कुंदन में क्या है अंतर?

लोग अक्सर पोल्की और कुंदन को एक समझ लेते हैं, लेकिन इन दोनों में काफी अंतर होता है। ऐसा कहा जाता है कि इसकी उत्पत्ति राजस्थान के शाही दरबार में हुई थी और आगे मुगल काल के शाही संरक्षण में फली-फूली। पोल्की और कुंदन के डिजाइन थोड़े-बहुत एक से दिख सकते हैं, लेकिन इन्हें बनाने की तकनीक बहुत अलग है। कुंदन के आभूषण (इन शहरों से खरीदें मोती, कुंदन और चांदी की ज्‍वेलरी) बनाने की प्रक्रिया में ध्यान की आवश्यकता होती है। कुंदन के बेस को सोने के स्ट्राइप्स को पीटकर बनाया जाता है, जिसे बाद में आकार दिया जाता है। कुंदन के आभूषणों में सोने का इस्तेमाल बहुत अधिक नहीं किया जाता है, बल्कि इसकी कीमत महंगे मोतियों, स्टोन्स और अन्य मेटल के कारण बढ़ती है।

कैसे रखें पोल्की ज्वेलरी का ख्याल?

how to care polki jewellery

  • अपनी पोल्की ज्वेलरी को डायरेक्ट या इनडायरेक्ट हीट से दूर रखें क्योंकि पत्थर के पिछले हिस्से को प्रभावित कर सकती है, जो हीट प्रूफ नहीं होती और जिससे रंग और आकार में बदलाव हो सकता है।
  • ज्वेलरी को साफ करने के लिए गुनगुने नॉन-डिटर्जेंट साबुन वाले पानी का इस्तेमाल करें। उसे सुखाकर और साफ कपड़े से पोंछ कर किसी ड्राई एरिया में रूई के बीच रखें।
  • ज्वेलरी के पीस को हमेशा अलग-अलग जिप लॉक बैग में रखें और फिर उन्हें एक प्लास्टिक बॉक्स में रखें। यह वैक्यूम बनाने और नमी को ज्वेलरी तक आने से रोकने में मदद करेगा। 
  • ज्वेलरी पहनने के बाद किसी तरह का सेंट और परफ्यूम ज्वेलरी के ऊपर छिड़कने से बचें। यह गोल्ड और अन्य स्टोन को खराब कर सकता है, जिससे आपकी ज्वेलरी जल्द ही काली पड़ सकती है।
  • बहुत ज्यादा समय के लिए भी अपनी ज्वेलरी को बॉक्स आदि में न रखें। समय-समय पर इन्हें निकाल कर साफ करें और फिर सहज कर रखें (इन आसान टिप्स से घर पर ही साफ़ करें डायमंड ज्वेलरी)। 

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पोल्की, कुंदन और अन्य पारंपरिक शैली के आभूषण भारत की समृद्ध विरासत का हिस्सा हैं। आप इन्हें किसी को तोहफे में दें या खुद के लिए खरीदें, पोल्की ज्वेलरी किसी को पसंद न आए ऐसा नहीं हो सकता है। 

हमें उम्मीद है पोल्की ज्वेलरी के बारे में यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। इस लेख को लाइक करें और इसे शेयर कर अपने करीबियों तक यह जानकारी पहुंचाएं। इसी तरह अन्य आभूषणों के बारे में हर तरह की जानकारी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी के साथ।

Image Credit : krishnajewellers, shaadiwish, nykaa

 

 

 

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