भारत में हर चीज़ में आपको कला का समागम मिलेगा। खाने से लेकर दीवारों की कलाकृतियों तक और पहनावे से लेकर बोली तक सभी अनूठे होते हैं। भारतीय सभ्यता में हमेशा पहनावे को बहुत महत्व दिया गया है। हर प्रांत का अपना अलग पहनावा होता है और वहां के कलाकार उस पहनावे को अलग तरह से बनाते हैं। यहां पर हैंडलूम साड़ियों की भी बहुत मांग होती है। 

हैंडलूम को बहुत ही कीमती माना जाता है और प्राइज से लेकर क्वालिटी तक सब कुछ इसमें देखा जाता है। अलग-अलग प्रिंट्स, अलग-अलग डिजाइन्स, अलग तरह के फैब्रिक्स में इसे पहचाना जाता है, लेकिन कई बार असली हैंडलूम को पावरलूम से अलग पहचानना मुश्किल हो जाता है। कई बार लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं और ऐसे में उनसे सस्ती क्वालिटी वाले प्रोडक्ट के लिए ज्यादा पैसे ले लिए जाते हैं। 

इसके लिए हमने Prathaa क्वालिटी फैब्रिक और डिजाइनिंग ब्रांड की फाउंडर सुकन्या भट्टाचार्य से बात की। उन्होंने हमें असली हैंडलूम पहचानने के कुछ टिप्स बताए। 

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क्या होता है हैंडलूम?

वो लकड़ी की लूम जिसमें कपड़ों की बुनाई होती है उसे हैंडलूम कहा जाता है। हैंडलूम कपड़े कारीगरों द्वारा हाथों से बनाए जाते हैं और इसलिए इनकी क्वालिटी और डिजाइन्स पावर लूम से थोड़े अलग होते हैं। 

fabric identification

कैसे पहचानें असली और नकली हैंडलूम?

सुकन्या भट्टाचार्य के मुताबिक हैंडलूम के असमतल डिजाइन और थोड़ी सी खामियां ही इसे बाकियों से अलग बनाती हैं और ये असल में हाथों से बने हुए दिखते हैं। अगर आप कोई हैंडलूम साड़ी खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो ये बातें ध्यान में रखें-

1. पिन होल्स-

हैंडलूम में बनी हुई साड़ियों को लूम में फंसाने के लिए छोटे-छोटे पिन्स में लटकाया जाता है और ये साड़ी के बॉर्डर पर होते हैं। ये निशानी होते हैं कि साड़ी हैंडलूम में बनी है। मशीन लूम में ये नहीं दिखते हैं। 

handloom and fabric making

2. कपड़े का टेक्सचर-

मशीन की तुलना में हैंडलूम साड़ियां भले ही सख्त कपड़े की बनी हों फिर भी ज्यादा सॉफ्ट और लचीली होंगी। आपकी स्किन पर वो कपड़ा ड्रेप करते ही बता देगा कि आपने हैंडलूम साड़ी पहनी है या मशीन वाली साड़ी क्योंकि हैंडलूम साड़ी ज्यादा नरम और आरामदायक होगी। 

3. एक्स्ट्रा धागे-

हैंडलूम साड़ियों में एक्स्ट्रा धागे भी देखने को मिलेंगे। ये पल्लू से लटकते हुए दिखेंगे जो उसके हाथ से बने होने का संकेत देंगे।  

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4. सरकारी छाप- 

आखिरी पहचान ये होगी कि आपके हैंडलूम कपड़े में सरकारी छाप दी गई होगी जो ऑथेंटिक हैंडलूम कपड़ों में ही दी जाती है। ये मशीन लूम से हैंडलूम के अलग होने की पहचान है।  

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तो अब आपने जान लिया कि फैब्रिक, छाप, धागे आदि से कैसे आप हैंडलूम को अलग पहचान सकते हैं। हैंडलूम कपड़े बहुत ही मेहनत से कारीगरों द्वारा डिजाइन किए जाते हैं और एक कपड़े को बनाने में कई दिन भी लग सकते हैं। ये थोड़े महंगे जरूर होते हैं, लेकिन इसका ग्रेस अलग होता है।  

अगर आपको भी हैंडलूम में इंट्रेस्ट है तो हमेशा उसकी पहचान और परख करके ही उसे खरीदें। किसी के बहकावे में ना आएं क्योंकि सिर्फ डिजाइन के आधार पर हैंडलूम और पावर लूम के बीच में अंतर देखना आसान नहीं होता है। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।