आपके वॉर्डरोब में क्या हैं ये 5 तरह की साड़ियां? कांजीवरम से लेकर गदवाल, जामदानी, सिल्रक, कलमकारी, पट्टचित्र, हर साड़ी की है अलग पहचान, अलग अंदाज़ और एक से बढ़कर एक लुक। जानिए इन साड़ियों के origin के बारे में और ये भी कि कितने पैसों में हो सकती है ये आपकी।

Six Yards And 365 Days नाम से फेसबुक पर हैंडलूम साड़ियों को अब हज़ारों महिलाएं मिलकर प्रमोट कर रही जिसे पहले सिर्फ 5 महिलाओं ने ही शुरु किया था। महिलाओं की रोज़ साड़ी पहनकर उसे प्रमोट करने की ये शुरुआत कई कारीगरों के रोज़गार को बढ़ाने में मदद देती है। अगर आपको भी हैंडलूम साड़ी पहनने का शौक है और आप पिक्चर क्लिक करवाना भी पसंद करती हैं तो आप भी इनका ग्रूप ज्वाइन कर सकती हैं। साड़ी हर महिला को पहननी चाहिए और इसे कभी कभी पहनने की बजाए आपको रोज़ पहनने की आदत अगर हो गयी तो फिर आपको दूसरे आउटफिट इसके सामने कम खूबसूरत दिखेंगे। 

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साड़ी का इतिहास सदियों पुराना है। भारत का सबसे परंपरागत और पुराना पहनावा साड़ी ही है। भारत में हर राज्य में अलग-अलग तरह की साड़ियां बनायीं जाती हैं। अगर आप साड़ी पहनना पसंद करती हैं तो आपको भारत के हर राज्य में मिलने वाली साड़ियों की खूबियों के बारे में जरुर पता होना चाहिए। बॉलीवुड में कई हीरोइन्स सिर्फ साड़ी ही पहनना पसंद करती हैं फिर वो कोई अवार्ड नाइट का रेड कार्पेट हो या फिर किसी की शादी या कोई खास इवेंट, रेखा से लेकर विद्या बालन, माधुरी दीक्षित, दीया मिर्जा, दीपिका पादुकोण और कैटरीना कैफ जैसी हर बड़ी हीरोइन आपको अलग-अलग तरह की साड़ियों में अकसर दिखेंगी। रेखा को कांजीवरम सिल्क साड़ी पसंद हैं तो विद्या बालन हैंडलूम साड़ियों जैसे कलमकारी, पटोला सिल्क, जामदानी इस तरह की साड़ियां पहनना पसंद करती हैं।