अगर हम अपने आसपास नजर उठाकर देखें तो हमें लोग किसी ना किसी बात पर झगड़ा करते या बहस करते दिखाई दे ही जाते हैं। ऑफिस में भी कई बार स्थितियां कुछ ऐसी ही नजर आती हैं, जब लोगों के बीच किसी बात को लेकर अनबन हो जाती है। आमतौर पर जब लोगों को गुस्सा आता है तो वे दूसरे व्यक्ति से नफरत करने लगते हैं। इसके बाद दोनों के बीच अविश्वास और दूरियां स्पष्ट रूप से नजर आती हैं। अगर ऑफिस में लोगों के बीच नाराजगी रहे तो इससे काम और भी ज्यादा मुश्किल हो जाता है। ऑफिस में लोग एक-दूसरे के सहयोग से समय पर काम पूरे कर पाते हैं। लेकिन अगर किसी व्यक्ति से मन खिन्न हो जाए तो काम पर से ध्यान हटकर उस व्यक्ति पर केंद्रित हो जाता है। मन में नकारात्मक भाव आने से बॉडी लैंग्वेज भी नेगेटिव नजर आती है, जिससे साथ में काम करने वाले लोग भी खासे प्रभावित होते हैं। 

ऑफिस में टेंशन अच्छी नहीं

साथ काम करने वालों के बीच काम के तरीके को लेकर अलग-अलग विचार हो सकते हैं, लेकिन उनमें दुश्मनी हो जाए या वे एक-दूसरे के लिए पूरी तरह से नेगेटिव हो जाएं, ऐसा आमतौर पर देखने को नहीं मिलता। लेकिन अगर किसी बात को लेकर मतभेद है और उसे वक्त रहते खत्म नहीं किया जाता, तो वह आगे चलकर बड़ा रूप ले सकता है। इससे कंपनी को बड़ा नुकसान होने की आशंका हो सकती है। अगर अपने संस्थान में आपको भी ऐसा लगने लगा है कि आपके साथ किसी का टकराव बढ़ रहा है तो मतभेदों को इस तरह से दूर करने का प्रयास करें-

मुद्दे पर सीधे बात करें

जब किसी बात पर गतिरोध हो तो आप उससे जुड़े व्यक्ति से सीधे तौर पर बात कर सकती हैं। अगर किसी बात को लेकर आप नेगेटिव हो रही हैं तो आप खुलकर अपनी बात कह सकती हैं। इससे आपको विवाद को हल करने का अच्छा मौका मिलेगा और आप गतिरोध से बाहर आकर माहौल को पॉजिटिव बनाने के लिए काम कर सकती हैं। 

dealing with stress and negativity at office inside

दूसरे पक्ष को संजीदगी से सुनें

अगर आपका किसी बात पर दूसरे पक्ष के साथ मनमुटाव हो रहा है तो आप अपना पक्ष रखने के साथ उनकी बातों को भी गौर से सुनें। जिन बातों से आपको या सामने वाले को ठेस पहुंची है, उनके साथ ऐसी घटनाओं पर भी ध्यान दें, जिनसे आपके बीच तनातनी बढ़ी। इस दौरान आप अपना-अपना पक्ष रखें और एक-दूसरे की बात ध्यानपूर्वक सुनें। इससे आपको समस्या का हल निकालने का रास्ता मिल सकता है। 

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बुनियादी मुद्दों पर सहमति बनाएं

अक्सर गतिरोध होने के बावजूद कुछ ना कुछ ऐसी चीजें जरूर होती हैं, जिस पर विरोधी पक्ष सहमत होने के लिए तैयार हो सकता है। आप उन चीजों के बारे में सोचें, जिससे आप उन्हें किसी मुद्दे पर एकराय कायम करने के लिए राजी कर सकती हैं। इससे आपके बीच दूरियां घटेंगी और विवादों में कमी आएगी। 

कंप्रोमाइज की तरफ बढ़ें

साथ में काम करने के लिए दूसरे की चीजों को कुछ हद तक स्वीकार करने की जरूरत होती है। हालांकि इस स्थिति तक पहुंचने के लिए सहमति बनाने में वक्त लगता है क्योंकि दूसरा व्यक्ति एडजस्ट करने के लिए इतनी जल्दी राजी नहीं होता। लेकिन जब सभी पक्षों में स्वीकार्यता बढ़ती है तो तनाव में भी स्वाभाविक रूप से कमी आ जाती है। इससे आप पॉजिटिव और मोटिवेटेड रहेंगी

नेगेटिव फीलिंग्स का सामना करें

जिन वजहों से नेगेटिविटी आई, उन्हें शांतिपूर्वक तरीके से दूर करने का प्रयास करें। अगर आपको किसी बात से तकलीफ पहुंची है तो बिना किसी झिझक के अपनी बात दूसरे पक्ष के सामने रखें। जब तक कोई भी पक्ष किसी बात को लेकर परेशान रहेगा, तब तक सहमति बनाने के प्रयास सफल नहीं होंगे। ऐसे में स्पष्ट बातचीत से तनाव दूर करते हुए भविष्य के लिए अच्छा माहौल तैयार किया जा सकता है।