हिंदुस्तान में कई चाइनीज़ चीजों का इस्तेमाल होता है। चीनी खाने से लेकर चीनी मोबाइल फोन और एप्स तक बहुत कुछ भारतीय मार्केट में उपलब्ध है। पिछले कुछ समय से शायद आपने अपने वॉट्सएप, फेसबुक, ट्विटर अकाउंट पर 'बैन चाइना' से जुड़ा कोई मैसेज देखा होगा। दरअसल, जबसे लद्दाख में चीनी सेना और भारतीय सेना के बीच झड़प हुई है तब से चीन को बैन करने की मांग और तेज़ी से बढ़ी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक चीन ने भारतीय जमीन पर अपना दावा पेश किया है, जो कि सरासर गलत है।

ऐसा पहले भी हुआ है कि चीनी सामान को बैन करने की मांग भारत में उठती रही है, लेकिन अब भारत सरकार की तरफ से कार्यवाही भी हुई है। भारत सरकार ने 59 चीनी एप्स को बैन करने का फैसला लिया है। जिन एप्स को बैन किया जाना है उनमें से सबसे ऊपर आता है टिकटॉक एप जो भारत में बहुत ज्यादा लोकप्रिय है।

सोमवार 29 जून रात को ये फैसला लिया गया है। एक प्रेस रिलीज जारी कर ये जानकारी दी गई है कि इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के सेक्शन 69A के तहत इन एप्स को बैन किया जा रहा है। ये एप्स भारत की संप्रभुता और अखंडता के साथ इसकी सुरक्षा के लिए भी खतरा बन गए थे।

tiktok banned in india

किन एप्स को किया गया है बैन?

जिन चीनी एप्स को बैन किया गया है उनमें 'टिकटॉक, शी-इन, क्लब फैक्ट्री, शेयर इट, यूसी ब्राउजर' आदि बहुत अहम एप्स हैं जिनके भारत में लाखों यूजर्स हैं।

 

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क्या फोन से हटा दिए जाएंगे ये एप्स?

सबसे बड़ा सवाल अभी यही है कि आखिर ये एप्स किस तरह से बैन किए जाएंगे। पहले से ही भारत में सिर्फ टिकटॉक के 611 ही मिलियन यूजर्स हैं और अन्य एप्स के यूजर्स का अंदाज़ा आप लगा ही सकते हैं। ऐसे में आपको कुछ बातें समझना बहुत जरूरी है। बैन होने का मतलब ये नहीं कि अगर आपके फोन में इनमें से कोई भी एप है तो उसे कोई नुकसान पहुंच रहा है, हां इनमें अपडेट्स अब नहीं आएंगी। अब प्लेस्टोर या एप स्टोर से आप इनमें से कोई भी एप डाउनलोड नहीं कर पाएंगी। यानि अब इन एप्स को भारत से नए यूजर्स नहीं मिलेंगे।

डेटा चोरी के कारण किए गए बैन-

प्रेस रिलीज में ये बात लिखी गई है कि इन एप्स को बैन करने से भारत के करोड़ों मोबाइल और इंटरनेट यूजर्स को फायदा होगा। कुछ समय पहले फिनलैंड स्थित एक मोबाइल रैंकिंग प्लेटफॉर्म  AppFollow ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि टिकटॉक जैसे एप्स लद्दाख में चल रही टेंशन का खामियाजा भुगतेंगे।

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क्या इन एप्स का इस्तेमाल पहले जैसा होगा?

कुछ समय तक तो इसके यूजर्स को फर्क समझ में नहीं आएगा। इसके बाद उन्हें समस्या का अंदाज़ा होगा। दरअसल, अगर सिर्फ टिकटॉक की ही बात करें तो थोड़े दिनों में जब इसे फीड मिलनी बंद हो जाएगी तो ऐसा भी हो सकता है कि नए वीडियो आप न बना पाएं और सिर्फ पुराने वीडियो ही देखें।

क्या आप अभी डाउनलोड कर सकते हैं ये एप्स?

जी नहीं, जैसा कि हमने पहले कहा है ये एप्स अब डाउनलोड नहीं किए जा सकते हैं। जब तक ये बैन जारी है और चीन की तरफ से कोई स्पष्ट रिपोर्ट नहीं आ जाती और इन एप्स पर लगा डेटा चोरी का आरोप नहीं हट जाता तब तक ये एप्स किसी भी आधिकारिक प्ले स्टोर से डाउनलोड नहीं किए जा सकेंगे और न ही इनका कोई नया यूजर बन पाएगा।

क्या इन एप्स के बैन होने से कोई और समस्या भी होगी?

सबसे बड़ी समस्या ये है कि भारत में इन एप्स के जरिए लाखों लोगों का रोज़गार जुड़ा हुआ है। इसके अलावा, जिन एप्स को डिलीट किया गया है उनमें सभी तरह के एप्स शामिल हैं। एंटरटेनमेंट से लेकर न्यूज तक सभी कुछ, ऐसे में इनके यूजर्स को कुछ समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

क्या फोन से डिलीट करना पड़ेगा एप?

जी नहीं, एप को फोन से डिलीट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हां, अब इनमें किसी भी तरह का कोई अपडेट नहीं होगा इसलिए जो भी वर्जन आपके फोन में है उसी से काम चलाना होगा। आपको एक बात और बता दूं कि पिछले साल भी कुछ समय के लिए टिकटॉक को बैन किया गया था। पर बैन हटते ही ये वापस आ गया था।

सिर्फ भारत ही नहीं और भी देशों ने किया है बैन-

ऐसा नहीं है कि टिकटॉक जैसे चीनी एप्स सिर्फ भारत में ही बैन किए गए हैं। ताइवान, जर्मनी जैसे देश भी इसमें शामिल हैं। अप्रैल में ही जूम एप में होने वाली मीटिंग्स को लेकर भी सरकार ने चिंता जताई थी।

भारत में टिकटॉक यूजर्स बहुत ज्यादा हैं। हमारे यहां दुनिया के सबसे ज्यादा टिकटॉक यूजर्स हैं। 2020 की शुरुआत तक भारत में इस एप के 611 मिलियन डाउनलोड्स से ज्यादा हो चुके थे।

कोरोना वायरस क्वारेंटाइन के वक्त तो इसकी लोकप्रियता और भी ज्यादा बढ़ गई थी। अब ट्विटर पर सरकार के इस फैसले को लेकर अलग-अलग तरह के रिएक्शन आ रहे हैं।


लोगों ने इस घमासान में PUBG गेमिंग एप को भी घसीट लिया है।


टिकटॉक को लेकर सोशल मीडिया पर कई सारे रिएक्शन्स देखने को मिल रहे हैं।

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कई लोग मोदी सरकार के इस फैसले की तारीफ कर रहे हैं।

टिकटॉक स्मार्टफोन एप और नरेंद्र मोदी को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।


सोशल मीडिया पर जिस तरह के रिएक्शन्स आ रहे हैं उन्हें देखकर ये कहना मुश्किल नहीं है कि सरकार के इस कदम का लोगों ने समर्थन किया है।

इसके पहले भी अरशद वारसी, मिलिंद सोमन आदि कई सेलेब्स ने टिकटॉक को अनइंस्टॉल करने की अपील की थी और 'बैन चाइना' की इस मुहिम में अब और भी लोग जुड़ते जा रहे हैं। उम्मीद है कि आगे भी ऐसे कई फैसले हमें देखने को मिलेंगे।

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