हिमालय की वादियों से आया चोरा मसाला, जानिए कैसे स्वाद और सेहत दोनों बढ़ाती है यह दुर्लभ घास?

हिमालय की बर्फीली वादियों से आने वाला चोरा मसाला, जिसे पहाड़ी चोरा घास भी कहते हैं। यह सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। आइए जानते हैं इस खास मसाले के बारे में।
Updated:- 2026-11-01, 16:18 IST
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भारतीय रसोई में तरह-तरह के मसाले देखने को मिलते हैं। मसालों के बिना तो खानपान भी अधूरा माना जाता है। मसाले न केवल खाने के स्वाद को बढ़ाते हैं, बल्कि उनमें कई औषधीय गुण भी पाए जाते हैं। बात करें हिमालय की ऊंची और बर्फीली वादियों से आने वाले एक खास मसाले की, तो बड़े-बड़े शेफ भी इस मसाले की तारीफ करते हैं।

पहाड़ी चोरा घास

हम बात कर रहे हैं चोरा घास की। चोरा घास से बनने वाले पहाड़ी मसाले पूरी दुनिया में मशहूर हैं। चोरा यानी जंगली अजवाइन, जो एक तीखा और सौंधा जायका देने वाला मसाला माना जाता है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे पहाड़ों पर उगने वाली यह जड़ी-बूटी सदियों से भारतीय किचन का अहम हिस्सा रही है। चोरा घास से बने मसाले की खुशबू और लाजवाब स्वाद दाल-सब्जियों का मजा दोगुना कर देता है। इसके कई आयुर्वेदिक फायदे भी हैं। आइए जानते हैं इस अनोखे पहाड़ी मसाले के बारे में विस्तार से। 

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क्या है चोरा मसाला और इसकी खासियत?

आयुष मंत्रालय, भारत सरकार और राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार उत्तराखंड और हिमाचल के ऊंचे अल्पाइन एरिया में नेचुरली उगने वाली यह जंगली घास किसी जड़ी-बूटी से कम नहीं है। इस मसाले की सबसे बड़ी खासियत इसकी तेज और भीनी-भीनी महक है, जो खाना पकते वक्त सबका दिल जीत लेती है।

इसका स्वाद हल्का तीखा और अजवाइन व जीरे के मेल जैसा होता है। पहाड़ों पर बनने वाली राजमा, कढ़ी, सूखी सब्जियां, पहाड़ी दाल, मटन और चिकन जैसी चीजों में इस मसाले का इस्तेमाल खास तौर पर किया जाता है। 

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चोरा मसाले के आयुर्वेदिक और सेहत से जुड़े फायदे

स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ यह दुर्लभ पहाड़ी हर्ब शरीर के लिए कई प्रकार से फायदेमंद साबित होती है। जैसे -
चोरा मसाला पेट की गैस, अपच, कब्ज और बदहजमी जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।
कुल मिलाकर यह पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने के लिए बेहतरीन चीज है।
पर्वतीय इलाकों की कड़ाके की ठंड में लोग इस मसाले का इस्तेमाल काढ़े और सूप में भी करते हैं, जिससे सर्दियों में शरीर को अंदर से गर्माहट मिलती है।
जिन लोगों को भूख न लगने की शिकायत होती है, उनके लिए भी यह मसाला बहुत फायदेमंद माना जाता है।  

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निष्कर्ष: यह पहाड़ी जड़ी-बूटी से बना मसाला न सिर्फ स्वाद के लिए बेहतरीन है, बल्कि सेहत के लिए भी इसके कई सारे फायदे हैं। अगर आप भी अपने खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ सेहत को तंदुरुस्त रखना चाहती हैं, तो इस पहाड़ी मसाले का इस्तेमाल कर सकती हैं। आपको इस तरह के मसाले आसानी से पहाड़ी इलाकों के बाजारों में या ऑनलाइन मिल जाएंगे। यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।  

image credit: freepik 

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