Sun Oct 11, 2026 | Updated 02:04 PM IST

आखिर क्यों टेकऑफ और लैंड‍िंग के समय अपने ही हाथों पर बैठती हैं एयर होस्टेस? सुरक्षा से जुड़ा है न‍ियम

अगर आपने फ्लाइट से ट्रैवल क‍िया है, तो एक चीज जरूर नोटि‍स की होगी और वह है एयर होस्‍टेस का टेकऑफ और लैंड‍िंग के समय खास पोजीशन में बैठना।
Updated:- 2026-10-11, 12:02 IST
why do flight attendants sit on their hands

आजकल फ्लाइट से ज्‍यादातर लोग ट्रैवल करते हैं। लोग छुट्टियों में घूमने जाने से लेकर ऑफिस के काम तक के लिए एयर ट्र‍िप करते हैं। अगर आपने भी कभी फ्लाइट से सफर क‍िया है, तो एक बात आपने जरूर नोटिस की होगी। फ्लाइट के टेक ऑफ और लैंड‍िंग के समय एयर होस्‍टेस अपनी सीट पर बैठकर एक खास पोजीशन में नजर आती हैं। इस दौरान वे अपनी पीठ सीधी रखती हैं और अपने हाथों को जांघों के नीचे दबाकर बैठती हैं।

पहली बार देखने पर यह थोड़ा अजीब लग सकता है। मन में सवाल भी आता है कि आखिर ये ऐसा क्यों करती हैं? क्या यह उनकी ट्रेनिंग का काम है या इसके पीछे कोई और वजह? दरअसल, एयर होस्टेस का इस तरह बैठना आराम करने का तरीका नहीं है बल्कि फ्लाइट में उनकी सुरक्षा से जुड़ा एक नियम है। हम आपको इसी के बारे में वि‍स्‍तार से जानकारी दे रहे हैं। आइए जानते हैं-

टेकऑफ और लैंडिंग के समय हाथों को जांघों के नीचे क्यों रखती हैं एयर होस्टेस?

फ्लाइट के टेकऑफ और लैंडिंग के समय एयर होस्टेस को एक खास पोजिशन में बैठना होता है। इसे ब्रेस पोजिशन कहा जाता है। इस दौरान एयर होस्‍टेस अपनी सीट पर पीठ सीधी करके बैठती हैं, पैर जमीन पर टिकाती हैं और हाथों को जांघों के नीचे या उनके पास रखती हैं। इस ब्रेसिंग पोजीशन का मकसद किसी इमरजेंसी के दौरान शरीर को चोट लगने से बचाना होता है।

why do flight attendants sit on their hands (1)

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दरअसल, टेकऑफ और लैंडिंग के समय अगर प्लेन में अचानक तेज झटका लगता है या कोई हादसा होता है, तो आगे झुककर बैठने से आपकी गर्दन, सिर और रीढ़ की हड्डी को चोट लगने का खतरा काफी कम हो जाता है। इसलिए एयर होस्टेस का हाथों को जांघों के नीचे रखना कोई फैशन या स्‍टाइल नहीं है। यह सुरक्षा के लि‍हाज से क‍िया जाता है।

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यात्रियों और एयर होस्टेस की ब्रेस पोजिशन अलग क्यों होती है?

फ्लाइट में पैसेंजर्स और एयर होस्टेस की सीटों के बैठने का तरीका अलग होता है, क्योंकि दोनों की जिम्मेदारियां भी अलग होती हैं। एमरजेंसी में यात्रियों को आगे झुककर (ब्रेस पोजीशन में) बैठना होता है, जबकि एयर होस्टेस अपनी खास जंपसीट पर बैठती हैं। यह सीट अक्सर पैसेंजर्स की सीटों से उल्टी दिशा में लगी होती है। ट्रेनिंग के दौरान एयर होस्टेस को अपनी सीट पर खास सेफ्टी पोजिशन में बैठना सिखाया जाता है।

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फ्लाइट में टेकऑफ और लैंडिंग के समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

अगर आप भी फ्लाइट से ट्रैवल करती हैं, तो टेकऑफ और लैंडिंग के समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

  • सीट बेल्ट बांधकर रखें: अपनी सीट पर बैठते ही सीट बेल्ट लगा लें और क्रू के निर्देशों का पालन करें।
  • सीट सीधी रखें: टेकऑफ और लैंडिंग के समय अपनी सीट को सीधा रखें, जब तक क्रू की तरफ से कुछ और न कहा जाए।
  • सुरक्षा निर्देश ध्यान से सुनें: एयर होस्टेस की बातों को नजरअंदाज न करें। इमरजेंसी में ये निर्देश आपके काम आ सकते हैं।
  • इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के नियम मानें: फोन और दूसरे उपकरणों को लेकर एयरलाइन के निर्देशों का पालन करें।
  • घबराएं नहीं: फ्लाइट में झटका लगने या टर्बुलेंस होने पर शांत रहने की कोशिश करें और क्रू की बात मानें।

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