हवाई जहाज की खिड़कियों पर क्यों नहीं लगे होते हैं पर्दे? जानें वजह

हवाई जहाज में सफर करते वक्त आपने एक चीज पर ध्यान जरूर दिया होगा, वे हैं पर्दे। घर, कार या बस की खिड़की पर पर्दे लगे होते हैं, लेकिन प्लेन की खिड़की पर नहीं होते? क्या आपने कभी इसके पीछे के कारण को जानने की कोशिश की है। प्लेन में तेज धूप में भी पर्दें नहीं लगे होते हैं, बस एक प्लास्टिक का शटर (विंडो शेड) दे दिया जाता है।
हवाई जहाज की खिड़की में पर्दे क्यों नहीं होते?
हवाई जहाज की खिड़की में पर्दे न होने की वजह फैशन नहीं, बल्कि आपकी सुरक्षा और साइंस से जुड़ी बड़ी वजहें हैं। आइए जानते हैं क्या है कारण?
1. सुरक्षा है सबसे बड़ा कारण
हवाई जहाज में पर्दे न होने की सबसे बड़ी वजह पैसेंजर की सेफ्टी होती है। टेक-ऑफ और लैंडिंग के समय क्रू आपसे खिड़की का शटर खोलने के लिए क्यों कहती है, क्या आप जानती हैं? वह इसलिए ताकि आपको बाहर का नजारा साफ दिखे।
अगर किसी तरह की इमरजेंसी हो जाए, तो क्रू और पैसेंजर उसे खिड़की से तुरंत देख सकते हैं। अगर खिड़की पर मोटे पर्दे लगे होंगे तो बाहर का कुछ नहीं दिखेगा। साथ ही, अगर बाहर से रेस्क्यू टीम आ रही है तो उन्हें भी अंदर का हाल तभी पता चलेगा जब खिड़की साफ होगी। पर्दे इस विजिबिलिटी को पूरी तरह से ब्लॉक कर देंगे।

2. केबिन प्रेशर और खिड़की की बनावट
साथ ही आपको बता दें कि प्लेन की खिड़की नॉर्मल खिड़कियों जैसी नहीं होती है। इसमें तीन लेयर होती हैं - बाहरी, मध्य और अंदरूनी। इन तीनों लेयर की वजह से ही केबिन के अंदर का प्रेशर कंट्रोल में रहता है।
पर्दे लगाने के लिए खिड़की के आसपास छेद करके रॉड या स्टैंड लगाना पड़ेगा। ऐसा करने से खिड़की की सील कमजोर हो सकती है। हल्का सा भी लीकेज पूरे प्लेन के प्रेशर सिस्टम के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए कंपनियां खिड़की की संरचना के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं करती हैं।
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3. वजन और आग से बचाव
हवाई जहाज में हर चीज का काफी ध्यान रखा जाता है, फिर वह चाहे 1 ग्राम की चीज क्यों न हो। प्लेन का वेट हलका होने से फ्यूल की बचत होती है और साथ ही सेफटी के लिए भी ज्यादा सही माना जाता है। 100-200 खिड़कियों पर पर्दे, रॉड और हुक लगाने से प्लेन का वजन कई किलो तक बढ़ जाएगा।

साथ ही दूसरा कारण आग भी है। कपड़े में आग जल्दी पकड़ती है। अगर कभी भी प्लेन में आग लगी तो पर्दे की वजह से तुरंत पूरे केबिन में फैल जाएगी। अब आप सोच रही होंगी की प्लास्टिक में भी तो आग लग सकती है, तो आपको बता दें कि प्लेन के अंदर इस्तेमाल होने वाला सारा मटेरियल फायर-रेजिस्टेंट होता है।
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इसलिए अगली बार फ्लाइट में जब धूप आए तो शटर बंद कर दें, पर्दे को मिस न करें क्योंकि उसका न होना ही आपकी सुरक्षित यात्रा की गारंटी है।
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- क्या हवाई जहाज की खिड़की में जो छोटा सा छेद होता है, वो खराब है?
- नहीं, वो खराब नहीं है। उसे ब्रीद होल कहते हैं। वो केबिन का प्रेशर कंट्रोल करने और बीच वाली लेयर पर बर्फ जमने से रोकने के लिए बनाया जाता है ताकि आपकी खिड़की साफ रहे।
- क्या पायलट की खिड़की पर भी पर्दे नहीं होते?
- पायलट के कॉकपिट में खिड़की पर पर्दे नहीं, बल्कि सन-वाइजर होता है, बिल्कुल कार की तरह। क्योंकि पायलट को धूप से बचने के साथ-साथ हर समय बाहर का साफ व्यू भी चाहिए होता है।
- क्या भविष्य में ऐसी खिड़कियां आएंगी जो खुद ही काली हो जाएंगी?
- हां, कई नई ड्रीमलाइनर फ्लाइट्स में आ चुकी हैं। इनमें बटन दबाते ही खिड़की का शीशा इलेक्ट्रॉनिक तरीके से डार्क हो जाता है, तो पर्दे या शटर की जरूरत ही खत्म हो जाती है।
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