क्या आपको पता है स्टीमिंग, बॉयलिंग, ब्लांचिंग और पोचिंग में क्या है अंतर?

आपको यह तो पता होगा कि पानी या दूध को उबाला कैसे जाता है? इसमें कोई रॉकेट साइंस भी नहीं है और यह चीज हम अपने घर में करते आ रहे हैं। मम्मी से कई बार सुना भी है,"मैंने दूध उबलने के लिए आंच पर चढ़ाया है...देखते रहना।" दूध ही नहीं, अंडे उबालने से लेकर चावलों को उबालने तक काम हर कोई कर लेता है, लेकिन क्या आपको पता है कि इससे मिलती-जुलती कई अन्य तकनीक भी होती हैं।
आप पानी में सब्जियों को उबालते हैं, अंडे की डिश तैयार करते हैं, नूडल्स या पास्ता बनाते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि इन चीजों को पकाने को अलग-अलग नाम से जाना जाता है। बॉयलिंग, ब्लांचिंग, स्टीमिंग और पोचिंग ऐसी तकनीक हैं, जो एक जैसी लगती हैं, लेकिन उनमें बड़ा अंतर होता है।
इन नामों के बारे में तो कई लोगों को पता भी नहीं है। अगर आप कुकिंग की दुनिया में प्रवेश करने जा रहे हैं, तो आपको टिप्स और ट्रिक्स के साथ ही कुकिंग टेक्नीक्स भी पता होनी चाहिए। आइए आर्टिकल में चलिए हम आपको इन टेक्नीक्स में अंतर बताएं।
क्या होती है स्टीमिंग?

आपने मोमोज तो खूब खाए होंगे। आपको पता भी है कि मोमोज को पकाने के तरीके को स्टीमिंग कहते हैं। इस प्रक्रिया में पानी को सिमर करते हैं और फिर आपके खाने को भाप से पकाया जाता है। यह प्रक्रियां मेटल बास्केट्स और बैम्बू ट्रे आदि में आपने देखी होगी। खांडवी, पत्तौड़, डंपलिंग्स, मोमोज और यहां तक कि पोहा भी इस कुकिंग टेक्नीक से तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया में आपके खाने के सभी न्यूट्रिएंट्स प्रिजर्व भी रहते हैं और खाने के फ्लेवर को स्वादिष्ट बनाते हैं। इसलिए शायद आप एक बाद एक मोमोज खाते रहते हैं।
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क्या होती है बॉयलिंग?

अब यह शायद सबसे आसान तरीका है और इसे तो हम लोग देखते ही आए हैं। इसमें आप अपनी सब्जियों और खाने की चीजों को पानी से भरे पतीले में डालकर उसे आंच पर चढ़ा देते हैं। आप नूडल्स बनाते वक्त यही प्रक्रिया आजमाते हैं। पालक, सरसों या अन्य हरी सब्जी को बनाते वक्त भी कई लोग बॉयल करते हैं और फिर उसे निचोड़कर रेसिपी तैयार करते हैं। चाय बनाने से लेकर अंडे उबालने तक का काम बॉयलिंग कहलाता है।
क्या होती है ब्लांचिंग?

ब्लांचिंग वो टेक्नीक है, जिसमें आप किसी भी बॉयल की हुई सामग्री को आइस कोल्ड पानी में डालकर उसकी आगे की पकने की प्रक्रिया को रोकते हैं। इससे सब्जी का रंग और टेक्सचर खराब नहीं होता है। किसी सब्जी की फ्रेशनेस या उसका फ्लेवर प्रिजर्व करने के लिए यह तरीका बहुत ज्यादा आजमाया जाता है। हालांकि, हर बार इस टेक्नीक को आजमाया नहीं जाता है। लोग सब्जी को ज्यादा पकाने से रोकने के लिए उसे ठंडे पानी में एक-दो बार धोकर ठंडा करने के लिए रख लेते हैं।
डेलिकेट फ्लेवर प्रिजर्व करने के लिए या फिर बादाम, आड़ू, या टमाटर के छिलके हटाने के लिए ब्लांचिंग की जाती है।
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क्या होती है पोचिंग?

पोचिंग खाने को सिमर और बॉयल करने के बीच की जाने वाला एक कुकिंग मेथड है। इसमें खाने को पानी में डुबोकर पकाया जाता है। यह एक सौम्य कुकिंग प्रोसेस होता है। हालांकि, यह ध्यान रखने वाली बात है कि यह एक स्लोअर प्रोसेस होता है। आप पानी, सफेद सिरका, रेड और व्हाइट वाइन, दूध, लेमन जूस और ब्रॉथ आदि का इस्तेमाल पोचिंग के लिए कर सकते हैं। पोचिंग में बहुत ही कम तापमान पर चीजों को रखकर पकाया जाता है, इसलिए हीट को कम रखना और पोचिंग के समय को बहुत ही कम रखना महत्वपूर्ण है। इससे खाने का स्वाद और टेक्सचर बरकरार रहता है।
इसके अलावा भी पार बॉयलिंग और ब्रॉयलिंग जैसी कई टेक्नीक हैं, जो खाना पकाने में मदद करती हैं। उनके बारे में हम आपको आगे आर्टिकल्स में बताएंगे। अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो इसे लाइक और शेयर करें। अगर ऐसी ही कोई कुकिंग टेक्नीक आपको पता है, तो कमेंट करके हमें जरूर बताएं। ऐसे ही लेख पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी के साथ।
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