उत्तराखंड की फेमस जगहों की बजाय घूम आएं ये छिपे हुए गांव, इनके बारे में कोई नहीं बताएगा आपको

उत्तराखंड में कुछ ऐसे गांव है, जिनके बारे में अभी भी कई लोग नहीं जानते। यही कारण है कि इन जगहों पर आपको भीड़ कम देखने को मिलेगी। जिस तरह से पिछले कुछ समय से उत्तराखंड में पर्यटकों की भीड़ देखने को मिल रही है, उसके बाद से लोग अब सुकून के पल बिताने के लिए हिडन प्लेसिस सर्च करने लगे हैं। क्योंकि, फेमस टूरिस्ट प्लेसिस पर आपको नजारे से ज्यादा भीड़ और ट्रैफिक देखने को मिलेगा। इसलिए ऐसे लोगों के लिए कुछ ऐसे गांव की लिस्ट लेकर आए हैं, जहां शांति, सुकून और असली पहाड़ी संस्कृति से आप रूबरू हो सकती हैं।
बागोरी और मुखवा
- उत्तराखंड के इस गांव की खूबसूरती, यहां के रंग-बिरंगे लकड़ी के घर भी हैं, जो इस जगह को खास और अलग बनाते हैं।
- खूबसूरत नीली नदियां और इन नदियों के साथ में ही बसे हैं खूबसूरत गांव, देखने के बाद आपका हर बार यहां आने का मन होगा।
- यह गांव देहरादून से 200 किलोमीटर दूर है।
- उत्तराखंड की हर्शल वैली, जहां से गंगा हिमालय के पहाड़ों से उतरकर गंगोत्री से गुजरते हुए आगे जाती है।
- देवदार के फॉरेस्ट और चारों तरफ से घिरे बर्फ के पहाड़ सर्दियों में इस जगह को और भी ज्यादा आकर्षित बना देते हैं।
- यहां आपको पीले रंग की की बिल्डिंग बहुत सारी दिखेंगी, उनपर पेंटिंग भी बनाई गई है।
- इन पेंटिंग में लोकल लोगों को दिखाया हुआ है, जिसमें वह कुछ एक्टिविटी कर रहे हैं।
- हर्शल वैली में बहुत सारे छोटे-छोटे विलेज हैं, जिसमें बागोरी विलेज उत्तराखंड की उन कुछ जगहों में से है जहां आपको आज भी लकड़ी से बने घर दिख जाएंगे
- एक साथ लाइन में घर बने हुए हैं और हर घर के पास कुछ सेब के पेड़ भी हैं।
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गमशाली गांव
- इस गांव को गमली गांव के नाम से भी जाना जाता है। यह गांव चमोली जिले में नीती घाटी के अंदर स्थित है।
- यह गांव अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पारंपरिक वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है।
- गांव में आपको पुराने लकड़ी के बने घरों और उनकी नक्काशी का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा।
- गांव के लोग कृषि, हस्तशिल्प और सीमित व्यापार पर ही निर्भर है। यहां के लोगों का आय का साधन यही है।
- ऊन से बनी टोपी, स्वेटर, आसन आदि बनाना गांव की परंपरा रही है।
- यहां से आपको हरी भरी वादियां और बर्फीले पहाड़ देखने को मिलेंगे।
- गमली गांव की आबादी लगभग 130-140 परिवारों की है, जिनमें ज्यादातर बुजुर्ग हैं।
- अधिकतर लोग कमाई के लिए शहरों की तरफ चले गए हैं। इसलिए, गांव में लोगों की आबादी कम है।
- यहां घूमने आ रही हैं, तो गमली गांव की प्राकृतिक सुंदरता और सेब के बाग जरूर देखकर जाएं।
- यहां पांडव लीला के सात दिन का सांस्कृतिक नृत्य भी होता है।
- यह उत्तराखंड की सबसे खूबसूरत जगह में से एक है।
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माना गांव
- यह गांव भी उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है।
- यह गांव तिब्बत की सीमा के नजदीक पहाड़ियों के बीच बसा हुआ है। इसलिए, यहां से जो खूबसूरती दिखती है, वह देखने लोग दूर-दूर से आते हैँ।
- अगर आप यहां आ रही हैं, तो गणेश गुफा देखकर जरूर जाएं। माना जाता है कि यहां पर ही भगवान गणेश ने महाभारत को लिखा था।
- इसके अलावा आप पांडवों द्वारा बनाए गए भीम पुल और फिर वसुंधरा वॉटरफॉल्स भी देखने जा सकती हैं।
- प्राकृतिक नजारों के बीच अलकनंदा नदी का किनारा, हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियां और मानसरोवर झील की पवित्र धारा आपको बार-बार यहां आने के लिए मजबूर करेगी।
- यह उत्तराखंड के खूबसूरत गांव में से एक माना जाता है।
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