कहते हैं कश्मीर जन्नत है, यहां का एक-एक नज़ारा आप सदियों तक याद रखेंगे। बॉलीवुड इंडस्ट्री भी कई सालों से कश्मीर की वादियों को सिल्वर स्क्रीन पर उतारती आ रही है। ऐसा ही एक एक्सपीरियंस हमारे साथ शेयर किया है हाल ही में फ़िल्म ‘नोटबुक’ से अपना डेब्यू करने वाली प्रनूतन बहल ने।

बता दें कि इस फ़िल्म की शूटिंग कश्मीर में श्रीनगर और सोनमर्ग के इलाके में ही हुई है। प्रनूतन ने हमसे ख़ास बातचीत के दौरान बताया कि कैसे वो और उनकी पूरी टीम ठंड से बचकर शूटिंग करती थी। आइए जानते हैं प्रनूतन की कश्मीरी डायरीज़ –

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pranutan kashmir card ()

कभी कम्बल से बाहर तो कभी अन्दर

प्रनूतन ने कहा कि कश्मीर में हमने श्रीनगर, सोनमर्ग में शूट किया। बहुत ही ज्यादा ठंड थी, हमारा सेट डल लेक के पास था। हम शिकारा से भी आते जाते थे मगर मोटर बोट्स ज्यादा फ़ास्ट थी इसलिए हमने उसीका इस्तेमाल किया। हम वुडन वाले मोटर बोट से डल लेक के बीच आ और जा रहे थे। एक गाना है जिसे हमने सुबह 5 से 6 बजे और शाम को 4 से 5.30 बजे के बीच में शूट किया है। इस समय ठंड सबसे ज्यादा होती है वहां। वहां हालत ख़राब हो गई थी, पानी में तो और 2 डिग्री टेम्प्रेचर कम होता है। और फ़िल्म के हिसाब से हम summer के कपड़ों में थे। पर जब रोल साउंड कोई बोलता है तो हिम्मत आ जाती है। एक बार ऐसा हुआ था कि हम एक्शन बोलने के बाद भी कांप रहे थे। जैसे ही कट सुनाई देता था हमारे क्रू मेम्बर्स शॉल और कम्बल ले आते थे। ऐसे ही कम्बल से बाहर कभी अंदर होते हुए हमें ये फ़िल्म ख़त्म की है।

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कश्मीर तो फ़ूड लवर्स के लिए भी जन्नत है

प्रनूतन ने कश्मीर के फ़ूड के बारे मन बात करते हुए कहा वहां ‘ऐदूस’ करके एक रेस्तरां था वहां बहुत अच्छा खाना मिला था हमें। चिकन, मटन, ज़हीर और उनकी टीम ने तो आठ किलो मटन ख़त्म कर दिया था। फिर तो वेटर ने भी मना कर दिया कि अब और मटन नहीं है। यहां एप्पल तो अच्छे मिलते ही हैं और भी सारे फ्रूट्स फ्रेश और मीठे होते हैं। यहां जो मसालेदार खाना बनता है वो वाकई बहुत टेस्टी होता है। मुझे यहां फिश से बनी डिशेज़ भी बहुत अच्छी लगीं। फ़ूड लवर्स एक लिए भी ये जन्नत से कम नहीं है।

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प्रनूतन ने बताया कि फ़िल्म में उनके किरदार का असर उनकी रियल लाइफ पर भी हुआ है। वो कहती हैं कि हमने फ़िल्म के किरदार के लिए तीन महीने वर्कशॉप किया। प्रनूतन और फिरदौस बहुत अलग है लेकिन, ये सेल्फ डिस्कवरी बहुत अच्छी थी। मैं यह खुद को कह सकती हूं कि इन महीनों में मैं बिलकुल बदल गई। वह किरदार फिरदौस एक प्योर सोल है, एक अच्छी लड़की, एक अच्छी इंसान, यह किरदार मुझे बहुत इंस्पायर करता है। मुंबई में  मरीन ड्राइव में एक बिल्डिंग है उसका नाम फिरदौस है... मेरा ध्यान उस बिल्डिंग पर हमेशा रहता है।

All Image courtesy: Instagram.com (@pranutan)