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सावन में जरूर चखें इन 7 शहरों के मशहूर घेवर का स्वाद, मलाई से लेकर रबड़ी तक सब है खास

सावन में घेवर की ड‍िमांड सबसे ज्‍यादा बढ़ जाती है। अगर आप मीठा खाने की शौकीन हैं, तो कुछ शहरों के घेवर आपको जरूर ट्राई करने चाह‍िए।
Updated:- 2026-07-31, 20:00 IST
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सावन आते ही चारों तरफ हर‍ियाली छा जाती है। त्‍योहारों की रौनक बढ़ जाती है। इस मौसम में सबसे ज्‍यादा चर्चा झूले, तीज, रक्षाबंधन और भगवान श‍िव की पूजा की तो होती ही है, साथ ही एक म‍िठाई भी सबसे ज्‍यादा चर्चा में रहती है और उसका नाम घेवर है। गोल ड‍िजाइन, जालीदार बनावट और ऊपर से रबड़ी, मावा या मलाई की लेयर वाला घेवर देखते ही मुंह में पानी आ जाता है।

वैसे तो घेवर को राजस्‍थान की पहचान माना जाता है, लेक‍िन अब देश के कई शहरों में अलग-अलग अंदाज में स्‍वाद‍िष्‍ट घेवर म‍िलता है। सावन और तीज के माैके पर इसकी ज्‍यादा ड‍िमांड रहती है। ऐसे में अगर आप भी स्‍वाद‍िष्‍ट घेवर खाना चाहती हैं, तो इन शहरों का मशहूर घेवर जरूर चखें। हर शहर के घेवर का स्वाद और बनाने का तरीका थोड़ा अलग होता है, यही बात इसे और भी खास बनाती है।

1. जयपुर (राजस्थान)

घेवर का नाम आते ही सबसे पहले जयपुर की याद आ जाती है। माना जाता है कि घेवर की शुरुआत राजस्थान के शाही रसोईघरों से हुई थी। आज भी जयपुर का घेवर पूरे देश में सबसे ज्यादा पसंद क‍िया जाता है। यहां आपको सादा घेवर, मावा घेवर, केसर घेवर और रबड़ी घेवर जैसी कई वैरायटी मिल जाएंगी। सावन और तीज के समय यहां की मिठाई की दुकानों पर लंबी लाइनें लगी रहती हैं।

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2. दिल्ली

दिल्ली में भी सावन के दौरान घेवर की ब‍िक्री खूब होती है। खासकर पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक, बंगाली मार्केट और गुरुद्वारा बंगला साहिब मार्ग के आसपास कई पुरानी मिठाई की दुकानें खूब स्‍वाद‍िष्‍ट घेवर बनाती हैं। यहां रबड़ी और मलाई से सजा हुआ घेवर लोगों को सबसे ज्यादा पसंद आता है।

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3. समालखा, पानीपत (हरियाणा)

हरियाणा के पानीपत जिले का समालखा भी अपने घेवर के लिए काफी मशहूर है। सावन और रक्षाबंधन के समय यहां दूर-दूर से लोग घेवर खरीदने के ल‍िए आते हैं। यहां पारंपरिक तरीके से बने घेवर के साथ मावा और रबड़ी वाले घेवर भी खूब पसंद किए जाते हैं।

4. बागपत (उत्तर प्रदेश)

यूपी में कई जगहों पर घेवर मिलता है, लेकिन बागपत के घेवर की अपनी एक अलग पहचान है। सावन के महीने में यहां की मिठाई की दुकानों पर बनने वाले घेवर की महक दूर से ही लोगों को पता चल जाती है। आसपास के जिलों से भी लोग इसे खरीदने के ल‍िए आते हैं। ऐसे में अगर आप यूपी जा रही हैं, तो बागपत का घेवर जरूर ट्राई करें।

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5. अहमदाबाद (गुजरात)

गुजरात में भी पिछले कुछ सालों में घेवर काफी पॉपुलर हुआ है। खासकर अहमदाबाद में तीज और रक्षाबंधन के समय मिठाई की दुकानों पर कई तरह के घेवर मिलते हैं। यहां पारंपरिक घेवर के साथ चॉकलेट और ड्राई फ्रूट वाले घेवर भी पसंद किए जाते हैं। यहां के घेवर काफी बड़े होते हैं और यह जंबो मलाई और पारंपरिक राजस्थानी स्वाद के लिए जाने जाते हैं।

6. इंदौर (मध्य प्रदेश)

ये तो आप सभी जानती हैं क‍ि इंदौर अपने खानपान के ल‍िए पूरी दुन‍िया में मशहूर है। यहां सावन में कई वैरायटी में घेवर बनाई जाती हैं। रबड़ी, मावा और केसर घेवर तो लोगों को खूब पसंद आते हैं। सपना संगीता रोड और कांच मंदिर के पीछे कई म‍िठाई की दुकानों पर आपको घेवर म‍िल जाएंगे।

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7. पटना (बिहार)

बिहार का पटना भी सावन के समय घेवर खूब बनाता है। यहां की बड़ी-बड़ी मिठाईयों की दुकानों पर पारंपरिक घेवर के साथ नई-नई वैरायटी भी मिलने लगी हैं। तीज और रक्षाबंधन के आसपास इसकी मांग कई गुना बढ़ जाती है।

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घेवर की इन वैरायटी का भी लें स्वाद

अगर आपको लगता है कि घेवर सिर्फ एक तरह का होता है, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। आज बाजार में कई फ्लेवर में घेवर मिलते हैं। जैसे-

  • प्‍लेन घेवर
  • मीठा घेवर
  • शुगर फ्री घेवर
  • मावा घेवर
  • रबड़ी घेवर
  • केसर घेवर
  • मलाई घेवर
  • चॉकलेट घेवर
  • स्ट्रॉबेरी घेवर
  • कीवी घेवर

सावन में घेवर का इतना महत्व क्यों है?

राजस्थान, हरियाणा और उत्तर भारत के कई हिस्सों में तीज और रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर घेवर खाने और उपहार में देने की परंपरा काफी पुरानी है। खासकर तीज पर मायके से बेटियों और बहनों के लिए जो सिंजारा भेजा जाता है, उसमें घेवर भी शामिल किया जाता है। यही वजह है कि सावन शुरू होते ही बाजारों में इसकी मांग तेजी से बढ़ जाती है।

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घेवर खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

घेवर खाने में बहुत ही स्‍वाद‍िष्‍ट लगता है, लेक‍िन जब आप इसे खरीदें तो कुछ बातों का ध्‍यान जरूर रखें। जैसे-

  • हमेशा ताजा बना हुआ घेवर ही खरीदें।
  • अगर रबड़ी या मलाई वाला घेवर ले रही हैं, तो उसे फ्रिज में रखें।
  • ज्यादा समय तक बाहर रखने से इसकी क्‍वाल‍िटी खराब हो सकती है।
  • हमेशा भरोसेमंद दुकानों से ही घेवर खरीदें क्‍योंक‍ि इस दौरान म‍िलावट भी बढ़ जाती है।

तो अगर आप भी कुछ अच्छी वैरायटी में घेवर खाना चाहती हैं तो ऊपर बताए शहरों के घेवर ट्राई कर सकती हैं। जब आप यहां जाएं, ताे ई-र‍िक्‍शा या प्राइवेट टैक्‍सी करने पर उनसे कहेंगी तो वे आपको फेमस घेवर की दुकान पर पहुंचा देंगे। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Image Credit- Freepik

FAQ
घेवर कितने दिन चलता है?
सादा घेवर 10-15 दिन, जबकि मावा या रबड़ी घेवर 2-3 दिन तक सही रहता है।
क्या घेवर को फ्रीज क‍िया जा सकता है?
बिना चाशनी वाला घेवर जिपलॉक बैग में रखकर एक महीने तक फ्रीजर में स्टोर कर सकते हैं।
मलाई घेवर खराब होने पर कैसे पहचानें?
मलाई में से खट्टी महक आने लगे या उसका रंग बदलने लगे, तो समझें क‍ि घेवर खराब हो गया है।
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