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बिहार के इन 3 किलों के पीछे हैं कई खौफनाक राज, क्या आप यहां जाना चाहेंगी?

अगर आप भी यात्रा के दौरान इतिहास के साथ-साथ थोड़ा रोमांचक अनुभव भी चाहते हैं, तो बिहार की इन जगहों पर जा सकते हैं। यहां लगभग हर पुराने किलों के साथ रहस्य भरी कहानी जुड़ी हुई है।
Updated:- 2026-08-09, 13:27 IST
most horror forts in bihar carry shadows of history

भारत में जब किलों की बात होती है तो सबसे पहले राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र और आगरा का नाम याद आता है। इन जगहों पर स्थित किले केवल ऐतिहासिक महत्व के लिए नहीं बल्कि अपनी शानदार वास्तुकला की वजह से भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। लेकिन बिहार की धरती पर स्थित किलों की कहानी कहानी सिर्फ राजाओं और युद्धों तक सीमित नहीं है। यहां के कुछ किलों को डरावना और रहस्यमई माना जाता है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको इन हॉन्टेड किलों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

1- रोहतासगढ़ किला

इसे बिहार के सबसे रहस्यमयी ऐतिहासिक किलों में से एक माना जाता है। किले का इतिहास कई शासकों से जुड़ा रहा है। चारों तरफ पहाड़ और घने जंगल होने की वजह से यहां पहुंचने का सफर रोमांचक होता है। हालांकि, इसी जंगल की वजह से लोग इस किले को डरावना मानते हैं। रात के समय यहां आने से लगभग हर कोई डरता है, क्योंकि किले तक पहुंचने का रास्ता डरावना और सुनसान हो जाता है।

क्यों डरावना कहा जाता है?

इस किले को लेकर अलग-अलग कहानियां प्रचलित है। कुछ लोगों का कहना है कि औरंगजेब के शासनकाल के दौरान किले का यूज जेल की तरह किया जाता था। उस समय किले के पश्चिमी हिस्से में में कई लोगों को फांसी भी दी गई थी। वहीं पर कैदियों को यातनाएं भी दी जाती थी। इसलिए कहा जाता है कि उनकी कैदियों की आत्मा आज भी यहां भटक रही है और रात में रोने की आवाज आती है।

Rohtasgarh Fort

किले से जुड़ी जरूरी जानकारी

  • किला ऊंचाई पर स्तिथ है, यहां पहुंचने के लिए आपको लगभग 2000 के करीब सीढ़ियां चढनी पड़ती है।
  • किला कैमूर की पहाड़ियों पर स्थित है
  • इसकी ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 1,500 फीट की है।

2- मुंगेर किला

मुंगेर किले की डरावनी कहानी इसके रहस्यमयी सुरंग को लेकर मानी जाती है। इस सुरंग को मीर कासिम की गुफा के नाम से भी जाना जाता है। मुंगेर का किला गंगा नदी के दक्षिणी किनारे एक चट्टानी पहाड़ी पर बना हुआ है। इसका इतिहास कई राजवंशों और शासकों से जुड़ा रहा है। यह लगभग 222 एकड़ में फैला है। किले के ऊपर से बहती हुई गंगा नदी का नजारा देखने के लिए लोग यहां पहुंचते हैं।

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3-क्यों डरावना कहा जाता है?

इस किले को लेकर अजीब सी कहानी सुनने को मिलती है। लोगों का मानना है कि किले में एक रहस्यमयी सुरंग है, जिसे खोजने के लिए अब तक हजारों लोग गए थे, लेकिन अभी तक वापस नहीं आए। सुरंग के रहस्य को सुलझाने या इसके अंदर जाने की जिसने भी आजतक कोशिश की है, वह कभी वापस लौटकर नहीं आया। किसी न किसी तरह से ये लोग गायब हो गए।

MUNGER KILA

किले से जुड़ी जरूरी जानकारी

  • इस किले के अंदर पीर शाह नुफा की कब्र बना हुआ है।
  • यहां आपको ब्रिटिश काल का कब्रिस्तान भी देखने को मिलेगा।
  • मुंगेर शहर से किले तक कैब से आसानी से पहुंच सकते हैं।
  • किला सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता है।
  • पटना से मुंगेर की दूरी लगभग 170 किमी है।

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शेरगढ़ किला

इस किले तक पहुंचन के लिए आप सासाराम से कैब या शेयरिंग ऑटो लेकर आ सकती हैं। यह बिहार के रोहतास जिले में सासाराम के पास कैमूर पहाड़ी पर स्थित है। इस किले को लेकर भी अलग-अलग डरावनी कहानियां सुनने को मिलती है। यह जगह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिन्हें ऑफबीट जगहों पर घूमना और वहां के इतिहास जानने का शौक है।

क्यों डरावना कहा जाता है?

इस किले सुनसान खंडहर कमरों और दीवारों की वजह से इसे डरावना माना जाता है। कहते हैं कि किले में लगभग 100 से अधिक गुप्त सुरंगें और अंधेरे तहखाने हैं, जिन्हें समझना मुश्किल है। इतना ही नहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि तहखानों में खजाना आज भी दफन है, लेकिन इस तक पहुंचना आसान नहीं है, क्योंकि आत्माएं पहरा देती हैं।

Mysterious forts of Bihar

इन किलों पर घूमने का प्लान बना रहे यात्रियों को समझना होगा कि किलों से जुड़ी डरावनी कहानियां स्थानीय मान्यताओं और लोककथाओं पर आधारित होती हैं। आज तक इसका कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है।

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Image Credit- magnific, bihar tourism

FAQ
क्या इन किलों पर परिवार के साथ घूमने जा सकते हैं?
हां, लेकिन रोहतासगढ़ और शेरगढ़ जैसे स्थानों पर खंडहर और पहाड़ी रास्ते होने के कारण चढ़ाई करना मुश्किल होता है।
बिहार के इन किलों में घूमने का सही समय क्या है?
रोहतासगढ़ और शेरगढ़ जैसे पहाड़ी इलाकों वाले किलों में आपको दिन के समय जाना चाहिए। इसके अलावा गर्मियों में दोपहर के समय घूमने से बचना बेहतर है।
क्या शेरगढ़ किला घूमने लायक है?
हां, अगर आपको ऑफबीट जगहें और एडवेंचर पसंद है तो आप जा सकती हैं। किले के खंडहर और आसपास का प्राकृतिक वातावरण इसे अलग अनुभव देते हैं।
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