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नए जमाने में खोया बाजरा फरा, जानिए यूपी की इस रेसिपी की कहानी; जो स्वाद और सेहत दोनों में थी नंबर-1

आज जब भी फरे का नाम आता है, तो जहन में चावल के आटे और उड़द की दाल से बनी डिश की तस्वीर सामने आती है। मगर क्या आप जानती हैं कि कभी उत्तर प्रदेश के पारंपरिक चूल्हों पर यही फरे चावल की जगह पौष्टिक बाजरे के आटे से तैयार होते थे? 
Updated:- 2026-08-28, 18:20 IST
UP village cuisine

Uttar Pradesh Tradition Food Histoy: फरे का नाम सुनते ही, मुंह में पानी आ जाता है। हम में से अधिकतर लोगों ने चावल के आटे और उड़द दाल से बने फरे तो खूब खाए हैं। मगर क्या आपको पता है कि यूपी की इस पारंपरिक डिश का असली इतिहास कुछ और ही है? जी हां, आधुनिकता की दौड़ में हम अपनी पुरानी सेहतमंद रेसिपीज पीछे छोड़ आए हैं। कभी उत्तर प्रदेश के गांवों में फरे चावल के आटे से नहीं बल्कि बाजरे के आटे से बनाए जाते थे।

दादी-नानी के हाथ के बने वे बाजरे के फरे स्वाद में जबरदस्त हुआ करते थे। गुमनाम जायका की सीरीज में आज हम यूपी की पारंपरिक डिश बाजरे के फरे के बारे में बताने जा रहे हैं।

बाजरा फरा का महत्व

उत्तर प्रदेश की पारंपरिक रसोई में बाजरा फरा सर्दियों का एक बेहद लोकप्रिय और पौष्टिक व्यंजन रहा है। यह ग्रामीण संस्कृति और खान-पान की समृद्ध विरासत का प्रतीक है। आधुनिक फास्ट फूड के दौर में भले ही लोग इसे भूलते जा रहे हैं, लेकिन मटीले चूल्हे पर बनी इस देसी डिश की सौंधी खुशबू आज भी पुराने दिनों की याद ताजा कर देती है।

Traditional Uttar Pradesh Dish

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सेहत का खजाना और पोषक तत्व

बाजरा फरा स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी खजाना है। बाजरे में भरपूर मात्रा में आयरन, फाइबर, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। यह पाचन क्रिया को मजबूत बनाता है, कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखता है और सर्दियों के मौसम में शरीर को अंदर से गर्म और ऊर्जावान बनाए रखने में बेहद मददगार साबित होता है।

बाजरा फरा बनाने की पारंपरिक और आसान विधि

बाजरा फराबनाने के लिए सबसे पहले बाजरे के आटे को गर्म पानी में गूंधकर छोटी-छोटी लोइयां बनाई जाती हैं। इसके अंदर चना दाल या उड़द दाल के चटपटे मसालों की स्टफिंग भरी जाती है। फिर इसे पारंपरिक तरीके से पानी में पकाया जाता है।

 forgotten Uttar Pradesh traditional dish

इसके बाद इसे परोसा जाता है। इसमें तेल, मसाला और अन्य चीजों का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। हालांकि, वर्तमान में यह डिश गायब हो गई है। बहुत कम लोग ही होंगे, जिन्हें इसके बारे में पता है।

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आज की स्वास्थ्य के प्रति जागरूक पीढ़ी फिर से बाजरा और मिलेट्स की तरफ लौट रही है। लोग अपने खान-पान में पारंपरिक और ग्लूटेन-फ्री विकल्पों को अपना रहे हैं। मगर यही डिश एक समय हमारी रोजाना की थाली का अहम हिस्सा हुआ करते थे। इस रेसिपी के बारे में मुझे मेरी मां से पता चला, जिसके बारे में मैंने आपको बताया।

Image Credit- AI

FAQ
बाजरा फरा किस राज्य की पारंपरिक डिश है?
बाजरा फरा उत्तर प्रदेश की पारंपरिक डिश है।
पारंपरिक रूप से फरा बनाने के लिए बाजरे के आटे में किस दाल की स्टफिंग की जाती है?
पारंपरिक रूप से फरा में उरद दाल की स्टफिंग की जाती है।
क्या बाजरा फरा ग्लूटेन-फ्री (Gluten-Free) होता है?
हां, बाजरा प्राकृतिक रूप से ग्लूटेन-फ्री अनाज है, इसलिए यह ग्लूटेन से परहेज करने वालों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।
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