खाना किस पर बनाना अच्छा और हेल्दी होता है? लकड़ी, कोयला या गैस

हेल्दी खाना खाने का सबसे अच्छा उपाय है कि खाने को हेल्दी ही बनाया जाए। क्योंकि जब आप करेले जैसे हेल्दी फूड को भी अनहेल्दी तरीके से बनाती हैं तो उसके उतने फायदे नहीं रह जाते हैं जितने की हेल्दी तरीके से बने हुए करेले में होते हैँ। इसी तरह से खाना किस तरह से पका है उस पर भी खाने के न्यूट्रिशन की मात्रा डिपेंड करती हैं।
अब ज्यादा घुमा-फिराकर बात नहीं करते हैं और सीधे मुद्दे पर आते हैं। दरअसल हाल ही में एक रिसर्च आई है जिसमें कोयला और लड़की पर बने हुए हेल्दी खाने के बारे में विस्तार से बताया गया है। यह रिसर्च बताती है कि किस पर खाना बनाना ज्यादा हेल्दी होता है?
गांव में बनाए जाता है इस पर खाना
पुराने समय में लोग लकड़ी या कोयले पर ही खाना बनाते थे। आप भी पिकनिक या ट्रिप पर जाती होंगी तो जंगलों में लकड़ी जलाकर ही खाना बनाती होंगी। कम से कम बार्बिक्यू तो जंगलों में लकड़ी जलाकर ही किया जाता है। लेकिन गांव की महिलाएं आज भी लकड़ी या कोयले पर ही खाना बनाती हैं। लकड़ी और कोयले पर खाना बनाने से महिलाओं को रोकने के लिए सरकार ने उज्जवला योजना चलाई हुई है लेकिन अभी इसका असर उतना देखने को नहीं मिल रहा है। इसलिए इस पर एक रिसर्च की गई है कि किस पर खाना बनाना ज्यादा हेल्दी होता है और फिर उसके लिए लोगों को जागरुक किया जाएगा।

शहरों की पार्टी का ट्रेंडी स्टाइल
आजकल लकड़ी या कोयले पर खाना बनाने का ट्रेंड शहरों की पार्टी में छाया हुआ है। अगर आपकी सोसायटी में ऐसी पार्टी होती है तो ये खबर केवल आपके लिए है।(Read More:टेस्टी एंड हेल्दी पालक पनीर की सब्जी बनाने की ये रेसिपी जानिए)
सांस की बीमारी
अगर आपको लकड़ी और कोयले पर बना खाना पसंद है तो आपको बता दें कि इस रिसर्च के अनुसार लंबे समय तक लकड़ी और कोयले पर खाना बनाने से सांस की बीमारी का खतरा हो सकता है। अमेरिकन थोराकिक सोसाइटी जनरल की एक स्टडी के अनुसार लकड़ी और कोयले पर खाना बनाने वालों को गैस पर खाना बनाने वालों की तुलना में सांस की बीमारी का खतरा 36 प्रतिशत ज्यादा होता है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट
इस विषय पर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भी रिसर्च की थी जिसके अनुसार लकड़ी और कोयले पर खाना बनाना हेल्दी नहीं होता है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने भी स्टडी में यह पाया है कि लकड़ी और कोयले पर खाना बनाना हेल्दी नहीं होता है। इससे सांस और फेफड़ों की बीमारी होती है।
रिपोर्ट के अनुसार जो लोग कोयले की आंच और लकड़ी पर खाना बनाना छोड़ अब गैस पर बनाने लगे हैं, उनमें इस सांस संबंधी बीमारियों में 14 प्रतिशत की कमी आई है। शोधकर्ताओं ने इसीलिए खाना बनाने के लिए बिजली या गैस चूल्हों का प्रयोग करने की सलाह दी है। इनके प्रयोग से सेहत में सुधार लाया जा सकता है।

गैस पर खाना बनाना सही
इसलिए गैस पर खाना बनाना सही होता है। यह हेल्दी भी होता है और इससे किसी तरह की बीमारी नहीं होती है।
बस्तियों में यही है खाना बनाने का माध्यम
ये खबर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो गांव और शहरों के किनारे बसे झुग्गियों व बस्तियों में रहते हैं। क्योंकि इन जगहों के लोग आज भी आमतौर पर लकड़ी और कोयले की आंच पर ही रोटियां बनाते हैं। लकड़ी और कोयले पर खाना बनाने के दौरान इसे फूंकते रहना पड़ता है जिसकी वजह से इसका धुंआ सीधे फेफड़ों में घुसता है और फिर ये धीरे-धीरे सांस की बीमारी का रूप लेने लगता है।
इसलिए अगर आप या आपके कोई जानने वाले भी मजे के लिए एक दिन भी लकड़ी और कोयले पर खाना बनाते हैं तो इस एक्टिविटी पर जल्द से जल्द रोक लगा दीजिए। यह आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है।
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