सस्ती शॉपिंग का बड़ा ठिकाना, कैसे छोटा सा गांव बन गया पूरे दिल्ली-NCR का अट्टा मार्केट?

दिल्ली-NCR की भागदौड़ भरी जिंदगी में जब भी किफायती और ट्रेंडी शॉपिंग की बात आती है, तो सबसे पहले जुबान पर 'अट्टा मार्केट' का नाम आता है। नोएडा के सेक्टर-18 में स्थित यह बाजार आज भले ही पूरे एनसीआर का सबसे लोकप्रिय शॉपिंग हब बन चुका हो। मगर क्या आप जानती हैं कि कभी यह चमक-धमक से कोसों दूर सिर्फ एक छोटा सा गांव हुआ करता था, जहां ग्रामीण अपनी जरूरत का सामान बेचा करते थे? धीरे-धीरे समय बदला, नोएडा का विकास हुआ और यह ग्रामीण हाट पूरे इलाके की शान बन गया। नीचे लेख में जानें कैसे एक साधारण सा गांव दिल्ली-एनसीआर के दिलों पर राज करने वाला अट्टा बाजार बन गया?
अट्टा गांव से कैसे बना बाजार?
अट्टा गांव से बाजार बनने का दिलचस्प सफर अट्टा मार्केट के इतिहास की शुरुआत करीब 5 दशक पहले हुई थी। जब नोएडा को एक शहर के रूप में बसाने की प्लानिंग शुरू हुई, तो सेक्टर-18 के आसपास का यह इलाका 'अट्टा गांव' के नाम से जाना जाता था।

शुरुआती दिनों में यहां स्थानीय लोग गेहूं का आटा और रोजमर्रा का अनाज बेचने के लिए बैठते थे, जिसके कारण दूर-दूर तक इसे 'अट्टा बाजार' कहा जाने लगा। जैसे-जैसे शहर का विस्तार हुआ, यहां छोटी-छोटी दुकानें और ठेले लगने लगे। वक्त के साथ कपड़ों, जूतों, बर्तनों और खान-पान की दुकानों ने इस जगह को एक स्थायी बाजार का रूप दे दिया।
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मेट्रो कनेक्टिविटी और मॉल्स से मिली पहचान
समय के साथ जब इस क्षेत्र में दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन पहुंची, तो इस बाजार की किस्मत ही बदल गई। एक तरफ जहां डीएलएफ मॉल ऑफ इंडिया और द ग्रेट इंडिया पैलेस जैसे आलीशान मॉल्स खड़े हुए। वहीं दूसरी तरफ सड़क के पार अट्टा मार्केट ने अपनी पहचान को बनाए रखा। मेट्रो की बेहतरीन कनेक्टिविटी के कारण दिल्ली, गाजियाबाद और फरीदाबाद तक के लोग आसानी से यहां कम दाम में खरीदारी करने पहुँचने लगे, जिससे यह पूरे एनसीआर का चहेता ठिकाना बन गया।

अट्टा मार्केट को क्यों कहा जाता है इसे मिनी सरोजिनी नगर?
वैसे तो हम में से कई लोगों को इस बारे में पता है कि सेक्टर 18 की अट्टा मार्केट को मिनी सरोजिनी नगर कहा जाता है। नीचे जानें इसके पीछे का कारण-
- यहां मिलने वाले ट्रेंडी वेस्टर्न और एथनिक कपड़े, कुर्तियां और पलाजो बेहद कम कीमत ₹250 से ₹800 के बीच में मिल जाते हैं।
- दिल्ली की सरोजिनी नगर मार्केट की तरह ही यहां भी जमकर मोलभाव की जाती है, जो खरीदारों को सबसे ज्यादा आकर्षित करती है।
- कपड़ों के अलावा ऑक्सीडाइज्ड ज्वेलरी, फुटवियर, हैंडबैग, होम-डेकोर और इलेक्ट्रॉनिक्स सारी चीजें यहां एक ही छत के नीचे मिल जाता है।
- शॉपिंग के साथ-साथ यहां मिलने वाले बेहतरीन चाट-पकौड़े और स्ट्रीट फूड इस सफर को और भी यादगार बना देते हैं।
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अट्टा मार्केट के इतिहास के बारे में आपको पता चल गया होगा। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image Credit- Herzindagi, ai
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