वैसे तो हरिद्वार पूरे भारत में एक प्रसिद्ध और पवित्र धार्मिक स्थल के रूप में फेमस है। यहां देश के अलग-अलग राज्यों से हर साल लाखों भक्त गंगा स्नान और मनसा देवी मंदिर के दर्शन के लिए आते रहते हैं। लेकिन, इस पवित्र स्थल से कुछ ही दूरी पर मौजूद है एक अनोखा मंदिर, जिसे मदर इंडिया टेम्पल (भारत माता मंदिर) के नाम से जाना जाता है। साल  1983 में इस मंदिर का उद्घाटन किया गया था। उद्घाटन के बाद ही यहां लोग घूमने के लिए आने लगे और आज ये एक प्रमुख धार्मिक स्थल बन चुका है। इस मंदिर से कई पौराणिक कथा भी जुडी हुई है। आठ मंजिला ये मंदिर कई देवी और देवताओं के लिए प्रसिद्ध है। अगर आप इस मंदिर के बारे में कुछ अधिक नहीं जानते हैं, तो इस लेख में हम आपको इस मंदिर के बारे में कुछ रोचक तथ्य बताने जा रहे हैं। तो आइए जानते हैं।

मंदिर का इतिहास और संरचना 

bharat mata temple in haridwar inside

कहा जाता है कि साल 1983 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी द्वारा इस मंदिर का उद्घाटन किया गया था। इस मंदिर में पहले कुछ ही मंजिल थे लेकिन, बाद के समय में इसे आठ मंजिला मंदिर बनाया गया। एक पवित्र मंदिर के साथ-साथ देशभक्तों और स्वतंत्रता सेनानियों को भी समर्पित मंदिर माना जाता है। इस मंदिर की ऊंचाई लगभग 180 फीट है और हर मंजिल पर जाने के लिए लिफ्ट है।

एक से लेकर चार मंजिल की कहानी  

bharat mata temple inside

इस मंदिर में मौजूद आठ मंजिल की कहानी कुछ इस तरह है। पहली मंजिल पर भारत माता की मूर्ति और एक बड़ा नक्शा स्थापित है। दूसरी मंजिल को शूर मंजिल कहा जाता है जहां झाँसी की रानी, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी आदि की मूर्तियां स्थापित है। तीसरी मंजिल को मातृ मंदिर कहा जाता है, जहां मीरा बाई, सावित्री और कुछ महान महिलाओं की मूर्तियां हैं। चौथी मंजिल को भी मातृ मंदिर कहा जाता है लेकिन, इस मंजिल पर कबीर दास, गौतम बुद्ध, तुलसीदास और श्री साईं बाबा जैसे महान पुरुषों की मूर्तियां हैं।

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पांचवी मंजिल से लेकर आठवीं मंजिल की कहानी 

abhout bharat mata temple in haridwar inside

पांचवी मंजिल पर कई भगवान और साथ में महान पुरुषों की पेंटिंग है। यहां कई अनोखी पेंटिंग भी मौजूद है। छठी मंजिल को शक्ति के रूप में जाना जाता है। यहां देवी सरस्वती, देवी दुर्गा, देवी पार्वती आदि की पूजा होती है। सातवीं मंजिल भगवान विष्णु को समर्पित है। इस मंजिल पर भगवान विष्णु के दस अवतारों की एक प्रतिमा भी स्थापित है। आठवीं और अंतिम मंजिल पर भगवान शिव का मंदिर है, जहां हिमालय पर्वत पर बैठी हुई प्रतिमा है।  

आसपास घूमने की जगह 

ऐसा नहीं है कि इस मंदिर के आसपास घूमने के लिए कोई बेहतरीन जगह नहीं है। ये तो सब जानते हैं कि हरिद्वार हिन्दू धर्म के लिए सबसे पवित्र स्थानों में से एक है। ऐसे में यहां कई प्राचीन मंदिर भी घूमने का लुत्फ़ उठा सकते हैं। यहां आप प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर, हर की पौड़ी और नीलकंठ महादेव मंदिर के साथ-साथ चिल्ला वन्यजीव अभ्यारण्य और राजाजी नेशनल पार्क आदि कई बेहतरीन जगहों पर घूमने के लिए जा सकते हैं। आपको बता दें  कि हरिद्वार में लगभग 57 प्रसिद्ध मंदिर है।

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भारत माता मंदिर घूमने का टाइम और समय 

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वैसे तो इस प्रसिद्ध मंदिर के दर्शन के लिए आप कभी भी घूमने के लिए जा सकते हैं। लेकिन, सर्दियों के मौसम को छोड़कर आप कभी भी घूमने के लिए जा सकते हैं। दशहरा, अमवस्या, पूर्णिमा जैसे त्योहारों के दौरान यहां घूमने का एक अलग ही मज़ा है। (हरिद्वार में घूमने के बेहतरीन जगहें) भारत माता मंदिर में प्रतिदिन सुबह 8 बजे से लेकर रात 7 बजे के बीच कभी भी घूमने के लिए जा सकते हैं। इस मंदिर में जाने के लिए कोई एंट्री फीस भी नहीं है।

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