बीजेपी ने गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार का काम शुरू कर दिया है, जिस वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के मैदान में बीजेपी का प्रचार करते हुए दिखाई देंगे। फिलहाल नरेंद्र मोदी गुजरात पहुंच गए हैं और उन्होंने सबसे पहले  कच्छ में स्थित आशापुरा माता का आशीर्वाद लिया है। 

गुजरात के कच्छ में स्थित आशापुरा माता मंदिर में हर साल हजारों लोग यहां दर्शन करने पहुंचते हैं। आशापुरा माता को कई समुदायों द्वारा कुलदेवी के रूप में माना जाता है। खासतौर पर चौहान, जडेजा और राजपूत आशापुरा माता को अपनी कुलदेवी मानते हैं। 

आशापुरा माता के कई फेमस मंदिर राजस्थान के पोखरण, मादेरा, और नाडोल में भी स्थित हैं, लेकिन गुजरात के कच्छ के आशापुरा माता मंदिर में ज्यादा श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। 

आशापुरा माता मंदिर के अलावा ये मंदिर भी हैं फेमस 

गुजरात में आशापुरा माता मंदिर के अलावा ऐसे कई और मंदिर हैं जहां बड़े-बड़े नेता भी दर्शन करने पहुंचते हैं। 

इस मंदिर को जगत मंदिर भी कहा जाता है 

गुजरात के द्वारका में स्थित द्वारकानाथ मंदिर को ‘जगत मंदिर’ के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर में हर साल कई श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। अभी हाल ही में गुजरात में कांग्रेस पार्टी का प्रचार कर रहे राहुल गांधी भी यहां दर्शन करने पहुंचे थे। 

gujrat mandir inside

17 बार नष्ट किया गया था यह मंदिर 

सोमनाथ मंदिर बहुत ही फेमस हिन्दू मंदिर है जिसकी गिनती 12 ज्योतिर्लिंगों में सर्वप्रथम ज्योतिर्लिंग के रूप में होती है। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के वेरावल बंदरगाह में स्थित इस मंदिर के बारे में ऐसा कहा जाता है कि इसका निर्माण स्वयं चन्द्रदेव ने करवाया था। इसका उल्लेख ऋग्वेद में भी मिलता है। इसे अब तक 17 बार नष्ट किया जा चुका है और हर बार इसका पुनर्निर्माण भी किया गया।

gujrat mandir inisde

इस मंदिर से देखा जा सकता है पूरा शहर 

तख्तेदश्वजर मंदिर गुजरात में भावनगर के केंद्र में स्थित है, जिस पहाड़ी पर यह मंदिर बना हुआ है वहां से पूरा शहर देखा जा सकता है। इस मंदिर का निर्माण 1893 में हुआ था और इसका नाम संरक्षक तख्तससिंह जी के नाम पर पड़ा।

दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से पहले बना था यह मंदिर 

गुजरात की राजधानी गांधीनगर में प्रमुख आकर्षण है स्वामीनारायण संप्रदाय का अक्षरधाम मंदिर। हालांकि अब दिल्ली में भी विशाल अक्षरधाम मंदिर बनवाया गया है पर गांधीनगर का अक्षरधाम मंदिर इससे काफी पुराना है। इस भव्य मंदिर पर एक बार बड़ा आतंकी हमला भी हो चुका है। हाल ही में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुजरात चुनाव के लिए प्रचार के दौरान अपनी नवसृजन यात्रा की शुरुआत गांधीनगर में स्वामीनारायण पंथ से जुड़े अक्षरधाम मंदिर से की थी। 

जैनियों का पवित्र तीर्थ स्थान है यह मंदिर 

पालिताना मंदिर जैनियों के सबसे पवित्र तीर्थ स्थान के रूप में माना जाता है। ये शत्रुंजय पहाड़ियों की चोटी पर स्थित 3000 से अधिक मंदिरों का एक समूह है। पहाड़ी के शीर्ष पर अन्य मंदिर 900 साल की अवधि में जैनियों की अलग-अलग पीढ़ियों के द्वारा बनाये गये हैं। अन्य प्रमुख मंदिरों में से कुछ कुमारपाल, विमलशाह और सम्प्रीति राजा के हैं। इसकी मान्यंता के कारण हर जैनी की मनोकामना होती है कि वह जीवन में कम से कम एक बार पहाड़ी चढ़कर मंदिर तक जाये। जैनी यह भी मानते हैं कि कई लोगों ने इस पहाड़ी से ही मोक्ष प्राप्त किया है।

बर्मी टीक की लकड़ी से बना है यह मंदिर 

यहां बात हो रही है स्वामी नारायण मंदिर की। 1822 में निर्मित यह स्वामी नारायण संप्रदाय का पहला मंदिर है,  जिसे ब्रिटिश काल में स्वा्मी आदिनाथ के द्वारा बनवाया गया था। इस मंदिर को बर्मी टीक की लकड़ी से बनवाया गया था। 

इस पर की गई नक्काशी बेहद खूबसूरत है और कई धार्मिक ग्रंथों में उल्लेकख की गई आकृतियों को यहां उकेरने की कोशिश की गई और साथ ही उनमें सुंदर रंग भी भरे गए थे। 

स्वाशमीनारायण ने इस मंदिर में कई मूर्तियों को स्थागपित किया था। साथ ही इसके अलावा उन्होंतने वे मूर्तियां भी यहां लाकर स्थागपित की थी जो वह अपने पूजाघर में रखते थे। इस मंदिर में कई धर्मों की झलक नजर आती है क्योंकि कई घर्मों की मूर्तियां इस मंदिर में रखी गई है। 

गिनीज बुक में भी है इस मंदिर की चर्चा 

गुजरात के जामनगर में स्थित बाला हनुमान मंदिर एक आकर्षक मंदिर होने के साथ-साथ एक गौरवशाली स्थान प्राप्त मंदिर भी है। 1 अगस्त 1964 में कई श्रद्धालुओं ने 'श्री राम जय राम जय जय राम' मंत्र का जाप 7 दिनों तक लगाता 24 घंटों के लिए किया था जिसके कारण इस मंदिर का नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया था। 

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