भारत विभिन्न धर्मों और विभिन्न राज्यों वाला देश है और यहां दिवाली हर धर्म और राज्य में हर तरीके से मनाई जाती है। 14 वर्ष बाद भगवान राम रावण को मारकर और लंका पर विजय प्राप्त कर अपनी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या वापस लौटे थे इसलिए हिन्दू धर्म में दिवाली मनाई जाती है।
महर्षि दयानंद महान हिन्दू सुधारक के साथ-साथ आर्य समाज के संस्थापक भी थे और उन्होंने कार्तिक के महीने में अमावश्या के दिन निर्वाण प्राप्त किया था। इस खुशी में आर्य समाज के लोग दिवाली मनाते हैं।
दिवाली वाले दिन महावीर भगवान ने निर्वाण की प्राप्ति की थी। इस खुशी में जैन धर्म के लोग दिवाली मनाते हैं। सिखों के छ्ठे गुरु हरगोबिंद जी ने 52 राजाओं को मुगल सम्राट जहांगीर की हिरासत से ग्वालियर किले से रिहा करवाया था इसलिए सिख घर्म के लोग दिवाली मनाते हैं। ये तो हैं अलग-अलग धर्म में दिवाली मनाने के कारण लेकिन क्या आप जानते हैं भारत के कई राज्यों में अलग तरीके से दिवाली मनाई जाती है।
दिल्ली
दिल्ली में कई जगहों से लोग आकर बसे हुए हैं इसलिए यहां दिवाली celebration में कई राज्यों की झलक नजर आती है। दिवाली से कुछ दिन पहले घरों में रंगोली बनाना और आपस में मिठाइयां बांटना हर राज्य में होता हुआ दिखता है लेकिन इसके बाद भी दिल्ली में दिवाली वाले दिन अलग ही रौनक होती है। यहां हर जगह आपको दिवाली पार्टी होते हुए दिख जाएगी और दिवाली से कुछ दिन पहले यहां food festivals भी शुरू हो जाते हैं जो दिवाली celebration का मजा दोगुना कर देते हैं।
गोवा
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गोवा की दिवाली की दो चीजें बहुत फेमस हैं एक तो नरकासुर का पुतला और दूसरा यहां के casino की पार्टी। गोवा में दिवाली से एक दिन पहले नरक चतुदर्शी मनाई जाती है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध किया था।
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महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में दिवाली celebration चार दिन पहले शुरू होता है, ज्यादातर जगहों पर ऐसा ही होता है लेकिन यहां पहले दिन आरती गाते हुए गाय और बछड़े का पूजन किया जाता है। यहां दूसरे दिन धनतेरस मनाया जाता है और तीसरे दिन सूर्योदय से पहले उबटन कर स्नान करने की परंपरा है। यहां दिवाली वाले दिन लक्ष्मी-गणेश की पूजा के लिए करंजी, चकली, लड्डू आदि बनाए जाते हैं।
उत्तर प्रदेश
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उत्तर प्रदेश में दिवाली वाले दिन अलग ही नजारा होता है। खासतौर पर वाराणसी में दिवाली वाले दिन गंगा घाट पर रौनक होती है। यहां दिवाली वाले दिन गंगा नदी के किनारे लाखों दीये जलाए जाते हैं और साथ ही गंगा स्नान भी किया जाता है।
तमिलनाडू
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तमिलनाडू में दिवाली वाले दिन सूर्यादय से पहले उठकर लोग तेल और पानी से स्नान करते हैं। साथ ही वहां दिवाली से एक दिन पहले घर के चूल्हे को साफ कर उस पर लाल और पीले रंग का कुमकुम लगाया जाता है।
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आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश में ऐसी मान्यता है कि नरकासुर का वध भगवान कृष्ण की पत्नी सत्याभामा ने किया था इसलिए यहां सत्याभामा की मिट्टी की मूर्ति बनाकर उसकी पूजा की जाती है। आंध्र प्रदेश में नरक चतुदर्शी का बहुत महत्व है।
पंजाब
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दिवाली से कुछ दिन पहले ही पंजाब में स्वर्ण मंदिर को लाखों दीये से सजा दिया जाता है। कई टूरिस्ट दिवाली वाले दिन स्वर्ण मंदिर को देखने के लिए आते हैं।
ओडिशा
उड़िसा में दिवाली वाले दिन जूट जलाने की परंपरा है। उड़िसा में दिवाली वाले दिन लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं और उनका ऐसा मानना होता है कि उनके पूर्वज दिवाली वाले दिन आते हैं। उन्हें वापस जाने में अंधेरा ना मिले इसलिए वे जूट जलाते हैं।
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