Tue Sep 29, 2026 | Updated 12:55 PM IST

गया जी में पितरों के तर्पण के बाद इन 5 मंद‍िरों में करें दर्शन, म‍िलेगी आध्यात्मिक शांति

इन द‍िनों प‍ितृपक्ष चल रहा है। ऐसे में लोग प‍िंडदान करने के ल‍िए गया जी जा रहे हैं। अगर आप भी वहां गई हैं, तो तर्पण के बाद कुछ मंद‍िरों में दर्शन कर सकती हैं। यहां भी तर्पण की क्र‍िया होती है।
Updated:- 2026-09-29, 11:47 IST
temples to visit in gaya ji

पितृपक्ष के दौरान ब‍िहार के गया जी जाकर पिंडदान और तर्पण करने की परंपरा काफी पुरानी है। यहां फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर और कई दूसरी जगहों पर पितरों के लिए पूजा की जाती है। गया में पिंडदान के ल‍िए कई वेदियां है, लेकिन गया की यात्रा सिर्फ तर्पण तक ही सीमित नहीं है।

यहां कई ऐसे प्रसिद्ध मंदिर और धार्मिक जगहें हैं, जहां तर्पण के बाद आप दर्शन करके आप अपनी यात्रा को और खास बना सकती हैं। आइए जानते हैं उन 5 मंद‍िरों के बारे में-

गया जी में दर्शन के बाद इन मंद‍िरों में करें दर्शन

कई लागे गया जी जाते हैं तो प‍िंडदान करने के बाद वापस आ जाते हैं, ऐसे में आप चाहें तो कुछ मंद‍िरों में दर्शन भी कर सकती हैं। इन मंद‍िरों के आसपास भी तर्पण की परंपरा न‍िभाई जाती है।

temples to visit in gaya ji (2)

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1. विष्णुपद मंदिर

गया आई हैं तो आप विष्णुपद मंदिर के दर्शन कर सकती हैं। यह फल्गु नदी के किनारे स्थित भगवान विष्णु को समर्पित प्रसिद्ध मंदिर है। यहां पत्थर पर भगवान विष्णु के चरणों के निशान हैं। पिंडदान के लिए भी इस मंदिर का खास महत्व है।

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2. मंगला गौरी मंदिर

मंगला गौरी मंदिर गया की एक पहाड़ी पर बना बहुत ही फेमस मंदिर है। इसे माता सती से जुड़ा महत्वपूर्ण मंदिर माना जाता है। इसकी खास बात यह है क‍ि यह गया के प्रमुख धार्मिक स्थलों में भी शामिल है और यहां माता के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।

3. रामशिला मंदिर

गया की धार्मिक यात्रा में रामशिला पहाड़ी पर स्थित रामशिला मंदिर का भी बहुत बड़ा महत्व है। इस मंदिर में भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी की मूर्तियां हैं। पितृपक्ष के समय यहां बड़ी संख्या में लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान करने आते हैं।

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4. प्रेतशिला

प्रेतशिला भी गया की प्रमुख धार्मिक जगहों में से एक है। यह एक पहाड़ी क्षेत्र है और यहां भी प‍िंडदान क‍िए जाते हैं। गया की पिंडदान यात्रा में इसका भी खास स्थान है। ऐसे में आप यहां भी जा सकती हैं।

5. सीता कुंड

अगर आप विष्णुपद मंदिर जा रही हैं तो उसी के दूसरी तरफ फल्गु नदी के किनारे सीता कुंड है। यहां एक छोटा मंदिर भी है। मान्यता है कि माता सीता ने इसी जगह अपने ससुर राजा दशरथ के लिए पिंडदान किया था। इसलिए पितृपक्ष में लोग यहां पर भी दर्शन के ल‍िए जाते हैं।

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गया जाएं तो इन जगहों को भी रखें याद

अगर आप गया जा रही हैं तो ये जगहें जरूर देखें-

  • पिंडदान और तर्पण के बाद प्रमुख मंदिरों के दर्शन किए जा सकते हैं।
  • विष्णुपद मंदिर गया की यात्रा का सबसे खास पड़ाव है।
  • मंगला गौरी और रामशिला जैसे मंदिर भी धार्मिक यात्रा में शामिल किए जा सकते हैं।
  • सीता कुंड पितृों के पि‍ंडदान के ल‍िए खास है।
  • प्रेतशिला भी पिंडदान के ल‍िए प्रस‍िद्ध है।

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Image Credit- Bihar Tourism

FAQ
गया जी कैसे पहुंच सकते हैं?
गया में खुद का रेलवे स्टेशन और इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। आप देश के बड़े शहरों से ट्रेन या फ्लाइट लेकर आसानी से यहां पहुंच सकती हैं।
पिंडदान में कितना समय लगता है?
गया जी में पिंडदान और तर्पण की पूरी विधि और पूजा-पाठ संपन्न होने में आमतौर पर 2 से 3 घंटे का समय लगता है।
क्या गया जी रुकने की व्यवस्था है?
हां, गया जी में श्रद्धालुओं के लिए धर्मशालाएं, होटल और पंडा समाज के विश्राम गृह आसानी से मिल जाते हैं, जहां आप ठहर सकती हैं।
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