Goddess Sita Temple In Bihar: सीतामढ़ी में दिखेगी अयोध्या जैसी भव्यता! 42 महीनों में तैयार होगा मां जानकी का विशाल मंदिर, जानें क्या होगी खासियत?

साल 2024 में अयोध्या में हुए राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के बाद से यहां भक्तों का हुजूम उमड़ रहा है। रोजाना लाखों भक्त भगवान श्रीराम के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर में हर तरह की व्यवस्था की गई है ताकि किसी को कोई दिक्कत न हो। राम मंदिर के बाद बिहार में माता सीता का मंदिर बनने की चर्चा भी तेज हो गई है।
बिहार के सीतामढ़ी जिले में स्थित पुनौरा धाम में मां जानकी का भव्य और दिव्य मंदिर बनने जा रहा है। ये वही जगह मानी जाती है, जहां माता सीता का जन्म हुआ था। अब इस पवित्र तीर्थ स्थल पर अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर एक विशाल मंदिर बनाया जाएगा। ये जगह देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनेगी। आइए इसके बारे में जानते हैं-
मंदिर बनने में लगेगा कितना समय? (Construction Of Sita Mandir)
आपको बता दें कि जानकी मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। बताया जा रहा है कि मंदिर को बनाने में कुल 42 महीने यानी लगभग साढ़े तीन साल का समय लग सकता है। मंदिर का डिजाइन पहले ही तय किया जा चुका है। साथ ही पूरी योजना भी बनकर तैयार हो चुकी है। जैसे-जैसे मंदिर बनने का काम आगे बढ़ेगा, सीतामढ़ी की पहचान धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में और मजबूत हो जाएगी।
श्रद्धालुओं को नहीं होगी आने-जाने में कोई परेशानी
मंदिर को बनाने में किसी भी तरह की कोई बाधा न आए, इसके लिए जमीन का सीमांकन किया जा रहा है। जहां पर जलजमाव की समस्या थी, उस जगह की भी मरम्मत कर ली गई है। मंदिर तक जाने वाली मेन रोड पर भी जहां पानी भर जाता था, उसे भी ठीक कर लिया गया है। इससे श्रद्धालुओं को आने-जाने में कोई परेशानी नहीं होगी।
यह भी पढ़ें- कोलकाता से पहली बार जा रहे हैं अयोध्या दर्शन करने, तो इस तरह प्लान करें पूरे परिवार के साथ 2 दिनों का ट्रिप
6 महीने में पूरा होगा मंदिर का शुरुआती काम (Janaki Temple in Bihar)
इसके साथ ही मंदिर और आसपास की सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण को भी हटाने की तैयारी की जा रही है। मंदिर बनाने से पहले की प्लानिंग कर ली गई है। काम भी शुरू हो चुका है। ये शुरुआती काम लगभग 6 महीने में पूरा हो जाएगा। इसके बाद मंदिर काे बनाने का मेन काम शुरू होगा।
रोजगार के मौके बढ़ेंगे
मां जानकी का मंदिर सिर्फ आस्था का केंद्र ही नहीं होगा, बल्कि सीतामढ़ी को एक बड़े धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाएगा। अयोध्या की तरह यहां भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इससे आसपास के इलाकों में रोजगार और पर्यटन से जुड़े काम भी बढ़ेंगे।
यह भी पढ़ें- भारत में यहां स्थित है माता सीता की रसोई, चूल्हा-चिमटा समेत हर सामान रखा गया है संभालकर
कुल मिलाकर, सीतामढ़ी का पुनौरा धाम आने वाले समय में मां जानकी की भव्यता और आस्था का बड़ा प्रतीक बनने जा रहा है। यहां भक्तों को अयोध्या जैसी दिव्यता का अनुभव मिलेगा। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image Credit- Freepik/Ai generated
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।