आपमें से ज्यादातर लोगों ने मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल कभी न कभी जरूर किया होगा। आपके सौंदर्य को बढ़ाने के लिए मुल्तानी मिट्टी कई तरह से उपोयोगी है। कभी बढ़ते मुहांसों  को कम करना, तो कभी त्वचा के अतिरिक्त तेल को अब्सॉर्व करके त्वचा को ग्लोइंग बनाना जैसे कई सौंदर्य लाभों के लिए मुल्तानी मिटटी का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन कभी आपने सोचा है कि खूबसूरती बढ़ाने वाली ये मुल्तानी मिट्टी हमारी त्वचा को कई तरह से नुकसान भी पहुंचा सकती है? 

दरअसल, मैंने भी अपनी त्वचा पर मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल किया और मुझे इसके कुछ दुष्प्रभाव नज़र आए। वैसे मेरी त्वचा सामान्य है और बहुत कम उत्पादों का दुष्प्रभाव मेरी त्वचा पर देखने को मिलता है। लेकिन गर्मियों के मौसम में मेरे चेहरे पर मुहांसे हो रहे थे, तब मुझे किसी ने बताया कि मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल मुझे इस समस्या से छुटकारा दिला सकता है। लेकिन जब मैंने इसे अपनी त्वचा पर ट्राई किया तब मुझे इसके कुछ साइड इफ़ेक्ट नज़र आए। आइए जानें क्या हैं मुल्तानी मिट्टी के दुष्प्रभाव। 

क्यों होता है मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल 

multani mitti use

गर्म और उमस भरी भारतीय गर्मी अपने साथ बहुत सारी परेशानी, पसीना और निश्चित रूप से त्वचा की समस्याएं लेकर आती है। अत्यधिक पसीने के कारण होने वाले हीट रैशेज से लेकर पेस्की ज़ीट्स तक, गर्मी आपकी त्वचा की सबसे अच्छी दोस्त नहीं है। यही कारण है कि शायद मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल इन महीनों में सबसे ज्यादा किया जाता है। मुल्तानी मिट्टी में त्वचा को शांत करने और जिद्दी मुहांसों को कम करने की क्षमता होती है। यह त्वचा के तेल को सोख लेती है, आपके रोमछिद्रों को खोल देती है इससे ग्लोइंग त्वचा और कबूबसूर्त बाल प्राप्त होते हैं। मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल सदियों से दादी और नानी के नुस्खों में पीढ़ियों से सर्वोपरि रहा है - इसलिए मुल्तानी मिट्टी को कारगर घरेलू नुस्खा कहना ठीक है।

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मुल्तानी मिट्टी के त्वचा के लिए नुकसान 

अगर मैं आपसे कहूं कि आपको इस गर्मी में अपनी दादी के नुस्खे को थोड़ा नज़रअंदाज़ करना चाहिए क्योंकि इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। जी हां ये वास्तविकता है कि इसका ज्यादा इस्तेमाल त्वचा को ड्राई कर सकता है। आइए जानें इसके साइड इफेक्ट्स के बारे में।

ड्राई स्किन को नुकसान 

dry skin harm effect

अगर गर्मी की वजह से आपकी रूखी त्वचा लाल और धब्बेदार हो गयी है और आप अपने चेहरे पर मुल्तानी मिट्टी का ठंडा पैक लगाने की सोच रही हैं, तो थोड़ा सावधान रहें। यदि आपकी त्वचा पहले से रूखी है तो मुल्तानी मिट्टी आपकी त्वचा को लाल और धब्बेदार बना सकती है। जहां एक तरफ तैलीय त्वचा के लिए सबसे उपयुक्त, मुल्तानी मिट्टी की प्रमुख महिमा रोमछिद्रों से तेल सोखने की इसकी क्षमता है। वहीं यदि आपकी रूखी त्वचा (रूखी त्वचा के लिए ब्यूटी टिप्स) पहले से ही नमी खोज रही है, तो त्वचा पर मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल हानिकारक साबित हो सकता है। त्वचा के रूखपन से निपटने के कई और तरीके आजमाए जा सकते हैं। 

त्वचा को संवेदनशील बनाए 

अगर आपकी त्वचा में आसानी से जलन हो जाती है, तो चेहरे पर मुल्तानी मिट्टी लगाकर उसके प्राकृतिक पीएच संतुलन को बिगाड़ना अच्छा अभ्यास नहीं है। चूंकि इस मिट्टी में बड़े पैमाने पर अवशोषण क्षमता होती है, इसलिए यह त्वचा में जलन पैदा करती है - जिससे त्वचा लाल नज़र आने लगती है और त्वचा में रैशेज़ नज़र आने लगते हैं। 

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रिंकल्स का कारण 

wrinkles reason fuller earth

अगर आपको लगता है कि ऑयली स्किन पर रिंकल्स नहीं पड़ते तो आपका सोचना गलत है। वास्तव में, जितना अधिक आप मुल्तानी मिट्टी जैसे सुखाने वाले उत्पादों का उपयोग करती हैं - उतनी ही अधिक जगह आप झुर्रियों को न्योता दे रही हैं। चेहरे पर मुल्तानी मिट्टी को रगड़ने से वास्तव में रेखाएं और झुर्रियां पड़ सकती हैं। जब मुल्तानी मिट्टी त्वचा पर सूख जाती है, तो इससे आपके चेहरे को हिलाना बेहद मुश्किल हो जाता है और आप अपनी त्वचा पर खिंचाव महसूस करती हैं। यह आपकी त्वचा में खिंचाव पैदा करती है। 

वैसे कभी -कभी मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल आपको नुकसान नहीं पहुंचाएगा, लेकिन इसके ज्यादा इस्तेमाल से त्वचा को नुकसान पहुँच सकता है। इसलिए कभी भी अपनी त्वचा पर मुल्तानी मिट्टी के इस्तेमाल से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।  

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