ब्यूटी इंडस्ट्री में काफी बदलाव आया है। जहां कुछ सालों पहले तक सिर्फ कोल्ड क्रीम और वैनिशिंग क्रीम्स (जो चेहरे पर पता ही नहीं चलती) उपलब्ध थीं वहीं अब अलग-अलग टेक्सचर वाली स्किन के लिए अलग-अलग तरह की क्रीम्स उपलब्ध हैं। इन क्रीम्स के साथ अलग-अलग स्किन टाइप के लोग अपनी जरूरत को पूरा कर सकते हैं। जैसे ही मौसम में बदलाव होता है हमारी स्किन में भी वो बदलाव दिखता है। सर्दियों में तो ऑयली स्किन में भी बहुत ज्यादा ड्राईनेस दिखने लगती है और नॉर्मल और ड्राई स्किन तो बहुत ज्यादा सूखती है और फ्लेकी हो जाती है जिसका टेक्सचर बहुत ही खराब हो जाता है। 

इसलिए ये जरूरी है कि हम अपकी स्किन टाइप के हिसाब से ही अपनी क्रीम चुनें और अपने रोजमर्रा के रूटीन को एडजस्ट करें। आजकल क्रीम्स अलग-अलग तरह से अलग-अलग फंक्शन के लिए उपलब्ध हैं। क्लींजिं और मॉइश्चराइजिंग से लेकर नाइट नॉरिशिंग क्रीम्स, डे क्रीम्स, सन ब्लॉक क्रीम्स, एंटी-एजिंग क्रीम्स, अंडर आई क्रीम्स, हेयर  सन ब्लॉक क्रीम्स और कंडीशनर्स, फेयरनेस क्रीम्स आदि ब्यूटी मार्केट्स में उपलब्ध हैं। 

क्लींजिंग क्रीम्स और फेस क्लींजर्स का महत्व-

नॉर्मल से ड्राई स्किन वालों के लिए क्लींजिंग क्रीम्स उपलब्ध होती हैं। ये जेल फॉर्म में भी होती हैं। क्लींजिंग क्रीम्स का असल काम ये है कि वो चेहरे की गंदगी को हटाती हैं और स्किन सरफेस को साफ रखती हैं। ऐसा क्लींजर इस्तेमाल करना चाहिए जो चेहरे और आंखों के आस-पास के एरिया का मेकअप हटाने में सही हो। फेस वॉश और मेडिकेटेड क्लींजर्स जो क्रीम फॉर्म में होते हैं वो भी सही होते हैं। एक्ने वाली और ऑयली स्किन के लिए  ऐसे क्लींजर्स उपयुक्त होते हैं। हमेशा ऐसा क्लींजर चुनना चाहिए जिसमें साबुन नहीं हो और स्किन पर जेंटल हो। 

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मॉइश्चराइजिंग क्रीम्स की जरूरत- 

स्किन की बहुत बड़ी जरूरत होता है मॉइश्चर। इसीलिए मॉइश्चराइजिंग क्रीम बहुत लोकप्रिय होती हैं और जरूरत भी। सर्दियों के सीजन में मॉइश्चराइजिंग क्रीम ही ड्राई और डिहाइड्रेटेड स्किन के लिए अच्छी होती है। ये स्किन में वापस से मॉइश्चर लाती हैं और इसका टेक्सचर सही करती हैं। स्किन का सरफेस स्मूथ बनाती है और स्किन को मौसम की मार से प्रोटेक्ट करती है। नॉर्मल से ऑयली स्किन के लिए आने वाली डे क्रीम्स भी मॉइश्चराइजिंग क्रीम्स होती हैं। ये मॉइश्चराइजर्स और डे क्रीम्स मेकअप बेस के तरीके से इस्तेमाल की जा सकती हैं। 

सनस्क्रीन क्रीम्स जो अलग-अलग SPF के साथ आती हैं वो स्किन और अलग तरह की सन सेंसिटिविटी के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। ये स्किन को खतरनाक अल्ट्रा वॉयलेट रेज से बचाने के लिए होती हैं। इन क्रीम्स में भी मॉइश्चराइजर्स होते हैं।  

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नाइट क्रीम की जरूरत और उसके काम- 

नाइट क्रीम का असल इस्तेमाल नॉर्मल से ड्राई स्किन वाले लोगों के लिए किया जाता है। नाइट क्रीम एक तरह की नॉरिशिंग क्रीम है जिससे मसाज करने पर स्किन में मॉइश्चर रिटेंशन एबिलिटी बढ़ती है। ये स्किन को ठंडा रखने वाला एलिमेंट भी देती हैं जिससे स्किन सॉफ्ट और स्मूथ होती है। नॉरिशिंग क्रीम्स का इस्तेमाल फेशियल मसाज के लिए ब्यूटी सलून में भी किया जाता है। कई नॉरिशिंग क्रीम्स को एंटी-एजिंग क्रीम्स की तरह भी कहा जाता है क्योंकि इनमें वो इंग्रीडियंट्स होते हैं जो बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करते हैं। हमने खास एंटी-एजिंग क्रीम्स को बनाया है जिनमें उनके इंग्रीडियंट्स के हिसाब से एज-कंटॅोल बेनेफिट्स होते हैं। जैसे गोल्ड, डायमंड, प्लैटिनम, प्लांट स्टेम सेल आदि।  

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आई क्रीम का होता है बहुत जरूरी काम- 

आंखों के आस-पास की स्किन पतली और डेलिकेट होती है और इसलिए वहां के लिए खास क्रीम्स की जरूरत होती है जो लाइट टेक्सचर की हो। ये बढ़ती उम्र के लक्षणों को दूर करती है और साथ ही साथ इसमें ऐसे इंग्रीडियंट्स भी हो सकते हैं जो डार्क सर्कल्स को कम करने में मदद कर सकते हैं।  

यहीं अगर फेयरनेस क्रीम्स की बात की जाए तो इनका मार्केट इसलिए इतना विशाल हो गया क्योंकि भारतीय लोगों को फेयर स्किन कॉम्प्लेक्शन अच्छा लगता है और जहां एक ओर ब्यूटी के स्टैंडर्ड्स जल्दी बदल नहीं सकते हैं वहीं दूसरी ओर आप ऐसी फेयरनेस क्रीम चुनने की कोशिश करें जिसमें नेचुरल इंग्रीडियंट्स मौजूद हों।  

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BB, CC, DD क्रीम्स के काम और उनकी जरूरत- 

मौजूदा समय में हम अल्फाबेटिकली क्रीम्स को देख रहे हैं जैसे BB, CC, DD क्रीम्स आदि का इस्तेमाल बहुत ज्यादा हो गया है। ये क्रीम्स मेकअप फाउंडेशन की जगह इस्तेमाल की जाती हैं, लेकिन इनके अलग फंक्शनस भी होते हैं। BB क्रीम का मतलब है एंटी-ब्लेमिश या ब्यूटी बाम क्रीम। ये लाइट टेक्स्चर वाली क्रीम होती है जिसमें SPF होता है। ये झाइयों से छुटकारा दिलवाने में मदद करती है क्योंकि इससे वो कवर हो जाती हैं। CC क्रीम्स थोड़ी और स्पेशलाइज्ड क्रीम्स होती हैं जिनमें भी एसपीएफ होता है। ये डल स्किन को शाइनी और रेडिएंट बनाती हैं। DD क्रीम यानि डेली डिफेंस क्रीम जो SPF के साथ स्किन को मॉइश्चराइज करने और स्किन पर थोड़ा कवरेज देने का काम करती है।  

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कुछ अन्य खास क्रीम्स जो आएंगी काम- 

इसके अलावा, अन्य क्रीम्स जो कई तरह की स्किन प्रॉबलम्स में मदद कर सकती हैं वो हैं एक्ने और पिगमेंटेशन वाली क्रीम, जैसे लौंग, सैंडलवुड, हल्दी या एंटी-ब्लैमिश क्रीम्स आदि डार्क पैच, झाइयां और एक्ने के निशानों को कवर करने का काम बहुत अच्छा करती हैं।  

इन क्रीम्स का अहम रोल होता है स्किन को हेल्दी रखना क्योंकि हेल्दी स्किन ही खूबसूरत स्किन होती है। हमेशा क्रीम्स ऐसी सिलेक्ट करनी चाहिए जो आपकी खास जरूरतों को पूरा कर दे और एक हेल्दी स्किन दे।  

(फेमस ब्यूटी और हेयर केयर एक्सपर्ट्स शहनाज हुसैन 'शहनाज हुसैन ग्रुप' की चेयरपर्सन, फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। शहनाज हुसैन के कई हर्बल प्रोडक्‍ट्स आपको बाजार में आसानी से मिल जाएंगे। ब्‍यूटी के क्षेत्र में आर्यूवेद को बढ़ावा देने के लिए उन्‍हें कई अवॉर्ड्स से नवाजा भी जा चुका है।)   

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