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भगवान जगन्नाथ के पूरे शरीर पर क्यों लगाया जाता है तुलसी की लेप, जानें महत्व

हिंदू धर्म में भगवान जगन्नाथ को जगत का नाथ कहा जाता है। इनकी पूजा विशेष रूप से ओडिशा में होती है। इतना ही नहीं अब कुछ ही समय में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शुरू होगी। अब ऐसे में जगन्नाथ जी को तुलसी का लेप क्यों लगाया जाता है। इसके बारे में आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
Updated:- 2025-05-28, 16:28 IST
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हिंदू धर्म में भगवान जगन्नाथ भगवान विष्णु के पूर्ण कला अवतार श्रीकृष्ण का ही एक रूप माने जाते हैं। उन्हें "जग के नाथ" यानी पूरे जगत के स्वामी के रूप में पूजा जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कलियुग में भगवान कृष्ण ने राजा इंद्रद्युम्न के माध्यम से जगन्नाथ अवतार लिया। आपको बता दें, हर साल आषाढ़ माह में पुरी में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा आयोजित की जाती है। इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा तीन अलग-अलग विशाल रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करते हैं। लाखों भक्त इस यात्रा में शामिल होते हैं। ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति जगन्नाथ रथ यात्रा में शामिल होता है। उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। अब ऐसे में भगवान जगन्नाथ के पूरे शरीर में तुलसी का लेप लगाने का विधान है। आखिर जगत के नाथ को तुलसी का लेप क्यों लगाया जाता है। आइए इस लेख में ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद त्रिपाठी से विस्तार से जानते हैं।

भगवान जगन्नाथ को क्यों लगाया जाता है तुलसी का लेप?

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भगवान जगन्नाथ को 'तुलसी प्रेमी भगवान' के रूप में जाना जाता है। माना जाता है कि उन्हें तुलसी अत्यंत प्रिय है और इसके बिना उनकी कोई भी पूजा या भोग अधूरा माना जाता है। हिंदू धर्म में तुलसी को अत्यंत पवित्र माना जाता है और इसे देवी लक्ष्मी का स्वरूप कहा जाता है। तुलसी का लेप लगाने से मूर्तियों की पवित्रता और शुद्धता बनी रहती है। ऐसा माना जाता है कि यह नकारात्मक ऊर्जाओं को दूर रखता है। जगन्नाथ मंदिर में भगवान को स्नान कराने के बाद, उन्हें शीतलता प्रदान करने के लिए भी तुलसी के लेप का प्रयोग किया जाता है। खासकर गर्मी के महीनों में, यह भगवान को ठंडक प्रदान करता है।

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तुलसी के बिना भगवान जगन्नाथ की पूजा है अधूरी

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तुलसी को भगवान विष्णु का अत्यंत प्रिय माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, तुलसी स्वयं देवी लक्ष्मी का ही एक रूप हैं और भगवान विष्णु ने उन्हें वरदान दिया था कि उनकी पूजा बिना तुलसी के पूर्ण नहीं होगी। भगवान जगन्नाथ भी भगवान विष्णु के ही स्वरूप हैं, इसलिए उनकी पूजा में भी तुलसी का विशेष महत्व है।

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Image Credit- HerZindagi

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