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Holashtak 2026: आखिर होलाष्टक लगने से पहले नवविवाहितों को क्यों भेज दिया जाता है मायके? जानें इसके पीछे की वजह

होलाष्टक इस साल 24 फरवरी से शुरू हो रहे हैं। ऐसे में नवविवाहित हर कोई अपने मायके आ जाती है। होली होने के बाद वो ससुराल जाती है, लेकिन ऐसा क्यों होता है? इसके बारे में विस्तार से पंडित जी से जानते हैं।
Updated:- 2026-02-19, 18:37 IST
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हिंदू धर्म में हर त्योहार और दिन का अलग महत्व होता है। इसलिए जब भी कुछ तिथि आने वाली होती है, तो इसके बारे में जानकारी हर कोई पहले से ही प्राप्त करता है, ताकि इससे कोई गलत कार्य न हो सके, जो भी हो वो सही तरीके से हो। होली से 8 दिन पहले होलाष्टक लग जाते हैं। इस साल ये 24 फरवरी को पड़ रहे हैं। ऐसे में होलाष्टक से पहले नविवाहित अपने मायके आ जाती है। ससुराल में होली पर नहीं रहती है। आखिर ऐसा क्यों होता है? साथ ही इसके पीछे का कारण क्या है इसके बारे में पंडित जन्मेश द्विवेदी से जानते हैं।

होलाष्टक से पहले मायके क्यों जाती है नविवाहित?

कई सारी जगहें ऐसी हैं, जहां पर नविवाहित को होलाष्टक से पहले अपने मायके भेज दिया जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि होलाष्टक के दौरान वातावरण में नकारात्मकता का स्तर बढ़ जाता है। चूंकि नई दुल्हन घर की लक्ष्मी मानी जाती है, इसलिए उसकी ऊर्जा को सुरक्षित रखना अनिवार्य है। मायके में रहने से वह इस नकारात्मकता के सीधे प्रभाव से बच जाती है और अपने कुल के संस्कारों व सुरक्षा घेरे में रहती है। इसलिए उसे मायके भेजा जाता है।

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होलाष्टक पर मायके आने की वजह

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शादी के बाद पहली जलती हुई होली नवविवाहिता को ससुराल में नहीं देखना चाहिए। इसे शुभ नहीं माना जाता है। ऐसा कहा जाता है नई दुल्हन की उस समय ऊर्जा कम होती है। इसलिए नकारात्मक प्रभाव सबसे ज्यादा उनपर हो सकता है। साथ ही सास और बहू के रिश्ते में खटास भी आती है। इसलिए बहू को मायके भेज दिया जाता है।

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इन बातों का रखें ध्यान

  • अगर आपकी नई शादी हुई है, तो इस बात का ध्यान रखें कि होली जब तक है। उस समय तक बाहर कम जाएं।
  • अगर आपको बाहर जाना है, तो अपने पास नुकीली या लहसून को रखें, ताकि नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव आपके ऊपर न हो।
  • नविवाहित होलाष्टक से पहले अपने घर जरूर चली जाए, ताकि इसका प्रभाव आपके जीवन या घर पर न पड़े।

होलाष्टक में नवविवाहिता का मायके जाना केवल एक रूढ़िवादी परंपरा नहीं, बल्कि ग्रहों के दुष्प्रभाव से बचने का एक ज्योतिषीय कवच है, ताकि नई दुल्हन नई ऊर्जा के साथ अपने वैवाहिक जीवन में सुख-शांति ला सके।

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Image credit- Freepik

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