कब होगी आपकी शादी? कुंडली में बन रहे योग बताएंगे लव मैरिज होगी या अरेंज मैरिज...पंडित जी बता रहे हैं जरूरत की बात

वर्तमान समय में लव मैरिज करना बहुत ही आम बात हो गई है, मगर आज के समय में भी प्रेम विवाह करने पर युवाओं को समाज द्वारा पैदा की गई अड़चनों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कई लोगों को मन में यह सवाल उठता है कि उनकी कुंडली में लव मैरिज के योग हैं भी या नहीं। हालांकि, एक आम आदमी के लिए यह जान पाना कि उनकी कुंडली में शादी को लेकर क्या लिखा है, बहुत ही मुश्किल है। इसलिए हमने उज्जैन निवासी पंडित मनीष शर्मा से बात की और उनसे पूछा कि शादी कब होगी और कैसे होगी? यह जानने के लिए कुंडली में क्या-क्या देखना चाहिए। वह कहते हैं, "शादी के लिए जो ज्योतिषीय योग बनते हैं, उनसे पता लगाया जा सकता है शादी लव होगी या अरेंज।"
शुक्र की दशा
- शुक्र विवाह का कारक होता है। शुक्र पर शनि या राहु की दृष्टि है तो प्रेम विवाह में कठिनाइयां आ सकती हैं।
- यदि आपकी कुंडली में शुक्र मुजबूत है, तो प्रेम विवाह की संभावना बढ़ जाती है। यदि आपकी अरेंज मैरिज भी होती है, तो पार्टनर से आपके संबंध अच्छे होते हैं।
- यदि शुक्र आपकी कुंडली में पंचम या सप्तम भाव में है, तब भी आपका प्रेम विवाह हो सकता है।
- शुक्र ग्रह राहु से प्रभावित है या एक ही घर में दोनों ग्रह साथ बैठे हैं, तो लव हो या अरेंज, शादी में देरी होती है।
चंद्रमा का प्रभाव
चंद्रमा मन का कारक होता है। इसका मजबूत होना अति आवश्यक है, नहीं तो आपकी भावनाएं अहात होती हैं। इसका प्रभाव भी आपकी शादी पर पड़ता है। खासतौर पर चंद्रमा अगर पंचम या सप्तम भाव में होता है, तब लव मैरिज के आसार बनते हैं।
सप्तम और पंचम भाव की स्थिति
यह दोनों ही भाव विवाह और प्रेम के कारक होते हैं। अगर दोनों ही ग्रह के स्वामी एक साथ कुंडली के किसी घर में बैठे हों, तो प्रेम विवाह हो सकता है। वही पंचम भाव और एकादश भाव के स्वामी एक साथ बैठे हों तो अरेंज मैरिज के योग बनते हैं।
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मंगल की बाधा
शादी के ममले में हमेशा कुंडली मिलाते वक्त देखा जाता है कि लड़का या लड़की कहीं मांगलिक तो नहीं हैं। वैसे आपको बाता दें कि मांगलिक होना हमेशा नुकसानदायक नहीं होता है। मगर मंगल उग्रता का प्रतीक माना गया है इसलिए पंचम या सप्तम भाव में इसका होना सही नहीं माना जाता है। ऐसा होने पर विवाह संबंधित निर्णय लेने में जातक से गलती हो सकती है।
बुध ग्रह का विवाह में योगदान
बुध ग्रह यदि पंचम भाव में है तो अरेंज मैरिज के योग बनते हैं और बहुत सूज-बूझ के साथ रिश्ता पक्का किया जाता है। वही सप्तम भाव में बुध के होने पर प्रेम विवाह के योग बनते हैं और यह विवाह सफल भी होता है।
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तो अगर आप भी जल्दी शादी करना चाहती हैं या फिर यह जानने की इच्छुक हैं कि आपकी लव मैरिज होगी या अरेंज, तो ऊपर बताई गई बातों को ध्यान में रखते हुए किसी अच्छे पंडित को कुंडली दिखा लें। यह जानकारी पसंद आई हो तो लेख को शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह और भी आर्टिकल्स पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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