Vijaya Ekadashi Puja Vidhi & Samagri List 2026: विजया एकादशी पर भगवान विष्णु की बरसेगी कृपा? यहां जानें पूजा विधि और मंत्र

Vijaya Ekadashi 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजया एकादशी कहा जाता है। एकादशी का व्रत बेहद खास होता है। ऐसा कहा जाता है। यह एकादशी भक्तों के जीवन की परेशानियों को दूर करती है और उनके कार्यों में विजय दिलाती है। इस साल ये तिथि 13 फरवरी को पड़ रही है। ऐसे में अगर आप भी एकादशी का व्रत रख रही हैं, तो पंडित जन्मेश द्विवेदी से जानें इसकी सही विधि, सामग्री और मंत्र, जिसका ध्यान रखकर आप इस व्रत को पूरा कर सकती हैं और भगवान विष्णु को प्रसन्न कर सकती हैं।
विजया एकादशी की पूजा सामग्री (Vijaya Ekadashi Puja Samagri List 2026)
- भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर
- पूजा के लिए कलश
- दूध, दही, घी, शहद, चीनी के मिश्रण से बना पंचामृत
- पीले फूल
- फल
- एकादशी की व्रत कथा किताब
- घी का दीपक
- पीले रंग की मिठाई
- गुड़

- भुने चने
- पीला चंदन या केसर
- कपूर
- नारियल
- जनेऊ
- अक्षत
- रोली
- सुपारी
विजया एकादशी की पूजा विधि (Vijaya Ekadashi Puja Vidhi 2026)
- इसके लिए आपको सबसे पहले सुबह उठकर स्नान करना है।
- फिर पीले वस्त्रों को धारण करना है।
- जब आप तैयार हो जाएं, तो मंदिर में जाएं और हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प करें।
- एक वेदी बनाएं और सात अनाज रखकर कलश को रखें।
- फिर आसन को बिछाएं और इसमें भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर को लगाएं।
- इसके साथ फूल माला चढ़ाएं और भगवान के सामने घी का दीपक जलाएं।
- इसके बाद एकादशी की कथा करें और फिर भगवान विष्णु की आरती करें।
- जब आप आरती समाप्त कर लें, तो भगवान को पीले रंग के भोग का प्रसाद चढ़ाएं।
विजया एकादशी के पूजा मंत्र (Vijaya Ekadashi Puja Mantra 2026
विजया एकादशी के दिन आप भगवान विष्णु के खास मंत्रों का उच्चारण कर सकती हैं।
- भगवान विष्णु का मूल मंत्र- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय। इस मंत्र का अर्थ होता है हम उस परमात्मा को प्रणाम करते हैं जो पूरी सृष्टि को चलाने वाला है। यह मंत्र मुक्ति और मन की शांति के लिए अचूक माना जाता है।
- विजय प्राप्ति के लिए-ॐ श्री विष्णवे नमः । जब हम 'श्री विष्णवे' कहते हैं, तो हम शक्ति और समृद्धि दोनों के स्वामी को नमन करते हैं। विजया एकादशी पर इसका जाप करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
- विष्णु गायत्री मंत्र-ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्। इसका अर्थ होता है। हम आपका ध्यान करते हैं, जिससे हम धर्म व सत्य के मार्ग पर चलें।
इसे भी पढ़ें: February Festival List 2026: फरवरी में कब है महाशिवरात्रि, फुलेरा दूज और आमलकी एकादशी? यहां जानें तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त
इस तरह से आप अपना विजया एकादशी का व्रत पूरा कर सकती हैं। बस आपको सही सामग्री, विधि और मंत्रों का उच्चारण करना होगा।
अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image Credit- Freepik
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।