आरती के समय दीपक हाथ में रखना चाहिए या थाली में?

भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म में आरती का विशेष महत्व है। यह पूजा का एक ऐसा हिस्सा है जिसमें भक्तगण दीपक जलाकर भगवान की स्तुति करते हैं और अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। दीपक की लौ को साक्षात अग्नि तत्व और दिव्य ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों में आरती करने से जुड़े कुछ नियम बताए गए हैं, इन्हीं में से एक यह भी है कि आरती करते समय दीपक को कहां रखा जाए हाथ में या थाली में। आइये जानते हैं इस बारे में वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से।
आरती करते समय दीपक हाथ में रखें या थाली में?
आरती का मुख्य उद्देश्य दीपक को घुमाते हुए भगवान के विभिन्न अंगों की वंदना करना होता है। जब आप भगवान की प्रतिमा या मूर्ति के सामने खड़े होकर आरती करते हैं तो परंपरा के अनुसार दीपक को थाली में रखकर ही उस थाली को दोनों हाथों से पकड़कर घुमाया जाता है।

शुद्ध रूप से केवल दीपक को हाथ से पकड़ना कम प्रचलित है क्योंकि आरती की थाली में दीपक के अलावा कपूर, फूल और घंटी भी होती है जिन्हें एक साथ ईष्ट को समर्पित किया जाता है। हाथ में थाली पकड़कर आरती करने से दीपक की लौ भगवान के चरणों से लेकर मुखमंडल तक ले जाई जाती है।
यह भी पढ़ें: क्या आप भी आरती के समय रखती हैं आंखें बंद? जानें क्यों है ये गलत
यह क्रिया देवता के प्रति पूर्ण समर्पण और सेवा का भाव दर्शाती है। आरती समाप्त होने के बाद दीपक को हमेशा एक सुरक्षित स्थान पर जिसे आरती की थाली कहा जाता है, उस पर रखा जाता है। आरती समाप्त होने के तुरंत बाद दीपक को जमीन पर नहीं रखा जाता।
इसे थाली में या किसी ऊंचे, साफ आसन पर रखना सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है ताकि आग लगने का खतरा न हो। साथ ही, यह शुद्धता बनाए रखने के लिए भी आवश्यक है क्योंकि दीपक अग्नि देवता का प्रतीक है। दीपक की लौ से ही सकारात्मकता का प्रवाह बढ़ता है।
यह भी पढ़ें: किसी भी देवी-देवता की आरती शुरू करने से पहले क्या बोलना चाहिए?
आरती पूरी होने के बाद, भक्तगण दीपक की लौ या थाली पर हाथ फेरकर अपनी आंखों और सिर पर लगाते हैं जिसे आरती लेना कहा जाता है। इस समय दीपक का थाली में सुरक्षित रखा होना आवश्यक होता है ताकि सभी आसानी से आरती ले सकें।

हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
image credit: herzindagi
- आरती किस दिशा में घुमानी चाहिए?
- आरती हमेशा घड़ी की सुई की दिशा में यानी दक्षिणावर्त घुमानी चाहिए।
- आरती करते समय आंखें बंद रखें या खुली?
- आरती करते समय आंखें खुली रखनी चाहिए ताकि आप भगवान की छवि और ज्योति को देख सकें।
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।